दिल्ली

राजधानी में 'दिल्ली सोलर पोर्टल' लॉन्च, अब उपभोक्ता करेंगे अतिरिक्त बिजली का उत्पादन; ऐसे करें आवेदन

दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी ने सोलर पोर्टल लॉन्च किया है। इसके तहत अब छत पर बिजली का उत्पादन हो सकेगा और सरकार इसके लिए सब्सिडी भी देगी। जानें इसके लिए कैसे कर सकते हैं आवेदन।

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फाइल फोटो।

Photo : iStock

दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी ने शहर के लोगों द्वारा छतों पर सौर पैनल लगाने के लिए एकल खिड़की समाधान के रूप में ‘दिल्ली सोलर पोर्टल’ पेश किया। पोर्टल की मदद से दिल्लीवासी अब छतों पर सौर पैनल लगाकर ‘प्रोज्यूमर’ (अतिरिक्त सौर ऊर्जा उत्पन्न करने वाले बिजली उपभोक्ता) बन सकते हैं। आतिशी ने दिल्ली सचिवालय में पोर्टल शुरू करते हुए कहा कि यह इस साल 14 मार्च को पेश की गई आम आदमी पार्टी की सरकार की सौर नीति के अनुरूप छत पर (रूफटॉप) 750 मेगावाट सौर बिजली उत्पादन के लक्ष्य को हासिल करने में मदद करेगा।

कैसे करें आवेदन?

आतिशी ने कहा कि छतों पर सौर पैनल लगाने से 400 यूनिट से अधिक मासिक बिजली खपत करने वाले उपभोक्ताओं को सब्सिडी का लाभ भी मिलेगा। पोर्टल पर छतों पर पैनल लगाने के लिए सभी आवश्यक जानकारी उपलब्ध होगी। इसमें एक सौर कैलकुलेटर होगा, जिससे किसी खास छत पर सौर ऊर्जा उत्पादन क्षमता, होने वाली बचत, विक्रेताओं की सूची और सौर संयंत्र की दर का अनुमान लगाया जा सकेगा। इसके लिए solar.delhi.gov.in पर जाकर आवेदन करना होगा।

बिना चक्कर काटे होगा काम

आतिशी ने कहा कि नेट मीटरिंग और सब्सिडी के लिए भी आवेदन पोर्टल के माध्यम से किया जा सकेगा और उपभोक्ताओं को इसके लिए किसी कार्यालय में जाने की आवश्यकता नहीं होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि जो घरेलू बिजली उपभोक्ता अपनी आवश्यकता से अधिक सौर ऊर्जा उत्पन्न करेंगे, उन्हें सरकार द्वारा तीन रुपये प्रति यूनिट की दर से उत्पादन आधारित प्रोत्साहन दिया जाएगा।

ग्राहकों को मिलेगा लाभ

एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने बताया कि अतिरिक्त सौर ऊर्जा उत्पन्न करने वाले बिजली उपभोक्ताओं (प्रोज्यूमर) को तीन किलोवाट तक के सौर संयंत्रों के लिए तीन रुपये प्रति यूनिट और 10 किलोवाट तक के संयंत्रों के लिए दो रुपये प्रति यूनिट की दर से भुगतान किया जाएगा। अधिकारी ने बताया कि ग्रुप हाउसिंग सोसायटियां और रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन भी छत पर पैनल लगाने पर दो रुपये प्रति यूनिट की दर से उत्पादन आधारित प्रोत्साहन का लाभ उठा सकेंगे।

कितना पड़ेगा खर्चा?

अधिकारी ने बताया कि वाणिज्यिक और औद्योगिक उपभोक्ताओं को एक रुपये प्रति यूनिट की प्रोत्साहन राशि मिलेगी। उन्होंने बताया कि एक किलोवाट के संयंत्र से लगभग 100 यूनिट बिजली पैदा होती है और संयंत्र की स्थापना लागत 40,000-60,000 रुपये प्रति किलोवाट आती है। उन्होंने बताया कि तीन किलोवाट क्षमता वाले सौर संयंत्र लगाने पर राष्ट्रीय स्तर पर 78,000 रुपये की सब्सिडी दी जाती है। दिल्ली सरकार पांच किलोवाट तक के लिए 2,000 रुपये प्रति किलोवाट की अतिरिक्त सब्सिडी देती है।

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Devshanker Chovdhary
Devshanker Chovdhary author

<p>देवशंकर चौधरी मार्च 2024 से Timesnowhindi.com के साथ करियर को आगे बढ़ा रहे हैं और बतौर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। टाइम्स नाउ सिटी टीम में वह इंफ्रा, डेवलपमेंट, पॉलिटिक्स और लोगों से जुड़ी स्टोरी करते हैं। हर स्टोरी में अलग एंगल निकालने पर फोकस रहता है। इसके अलावा ग्राउंड की स्टोरी और रिसर्च बेस्ड स्टोरी करने में विशेष रुचि रखते हैं।&nbsp;बीते वर्षों में टेलीविजन और डिजिटल मीडिया संस्थानों में काम कर चुके हैं। इससे पहले इन्होंने दैनिक जागरण, यूनीवार्ता, एबीपी न्यूज और रोहतास पत्रिका में काम किया है। दैनिक जागरण में रियल टाइम डेस्क पर काम कर चुके हैं, जहां वर्ल्ड अफेयर्स और नेशनल बीट की खबरें करते थे। यूनीवार्ता में नेशनल और विदेश डेस्क पर काम कर चुके हैं। एबीपी न्यूज में डिजिटल टीम का हिस्सा रह चुके हैं। रोहतास पत्रिका में काम करने के दौरान कोविड काल में बिहार के कई जिलों में घूम-घूम कर काम करने का अनुभव है। ग्रेजुएशन के दौरान ही पत्रकारिता से जुड़ गए थे, जिस दौरान दैनिक अखबारों के साथ काम किया है। अकाउंटिंग एंड मैनेजमेंट ऑनर्स में स्नातक और जनसंचार में स्नातकोत्तर हैं।</p>

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