बिहार में आज का मौसम (8 Mar 2026): बिहार में मार्च के पहले हफ्ते में ही मई-जून जैसी गर्मी का एहसास होने लगा है। राजगीर में पारा 34 डिग्री के पार जा चुका है, तो वहीं कटिहार और पटना जैसे शहरों में रातें भी अब गर्म होने लगी हैं। लेकिन गर्मी के इस सितम के बीच मौसम विभाग ने एक राहत भरी और साथ ही चेतावनी भरी खबर दी है। 9 से 11 मार्च के बीच बिहार के आसमान में बादलों का डेरा रहेगा और राज्य के अधिकांश हिस्सों में बारिश की संभावना है।
15 साल का रिकॉर्ड टूटा, अब आएगी बारिश
पटना में न्यूनतम तापमान 21.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो पिछले 15 वर्षों में इस सीजन का सबसे अधिक तापमान है। दिन में तेज धूप और पछुआ हवाओं ने लोगों को बेहाल कर रखा था, लेकिन अब बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी वाली हवाओं ने मौसम का रुख बदल दिया है। उत्तर-पश्चिमी उत्तर प्रदेश से लेकर ओडिशा तक बने चक्रवाती हवाओं के क्षेत्र के कारण बिहार में आंधी-बारिश की स्थिति बन रही है।
इन जिलों में येलो अलर्ट
मौसम विभाग ने 9 मार्च को पूरे बिहार और अगले दो दिनों तक उत्तर एवं पूर्वी बिहार के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। पटना, मुजफ्फरपुर, गया, भागलपुर, और पूर्णिया सहित करीब दो दर्जन जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। विभाग ने विशेष रूप से 'ठनका' (बिजली गिरने) को लेकर लोगों को सचेत किया है।
खेती-किसानी के लिए कैसा है मौसम
मौसम का यह बदलाव फसलों के लिए मिला-जुला असर लेकर आएगा। विशेषज्ञों के अनुसार, हल्की बारिश गेहूं के दानों और आम-लीची के मंजरों के लिए फायदेमंद है। इससे कीटों का प्रकोप कम होगा। लेकिन अगर हवा की रफ्तार तेज रही या ओलावृष्टि हुई, तो खड़ी फसल गिरने और आम के मंजर झड़ने का डर है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे फिलहाल सिंचाई और कीटनाशक का छिड़काव रोक दें। खराब मौसम को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे मेघगर्जन के दौरान खुले मैदान, पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें। तेज हवा के समय टिन शेड या कमजोर ढांचों से दूर रहना ही समझदारी है।
