क्या सेंट्रल विस्टा के लिए शास्त्री भवन को गिरा दिया जाएगा? क्या कृषि भवन को भी गिराकर नई बिल्डिंग बनाई जाएगी? ये प्रश्न इसलिए, क्योंकि केंद्र सरकार एक कॉमन सेंट्रल सेक्रेट्रिएट (CCS) बिल्डिंग बना रही है। कृषि भवन और शास्त्री भवन की जगह यह CCS बिल्डिंग बनाना सेंट्रल विस्टा री-डेवलपमेंट प्लान का हिस्सा है। अगर कहा जाए कि इन दोनों ही ऐतिहासिक बिल्डिंगों को गिराने की प्रक्रिया शुरू भी हो चुकी है।
सेंट्रल पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट (CPWD) ने सोमवार 19 जनवरी को ही डॉ. राजेंद्र प्रसाद रोड पर सीसीएस 4 और सीसीएस 5 के निर्माण के लिए टेंडर जारी किए हैं। टेंडर में जिन प्लॉट का जिक्र किया गया है, वहां पर शास्त्री भवन और कृषि भवन मौजूद हैं। यह 10 बिल्डिंगों के सीसीएस कॉम्पलेक्स का हिस्सा है, जिसे साल 2019 में सेंट्रल विस्टा प्लान के तहत बनाया जा रहा है।
टेंडर डॉक्यूमेंट के अनुसार इन दोनों बिल्डिंगों को बनाने में 3006.07 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत आएगी। दो बिल्डिंगों को बनाने के इस पूरे प्रोजेक्ट को 24 महीने में पूरा करना होगा। इस प्रोजेक्ट के लिए टेंडर जमा करने की अंतिम तारीख 13 फरवरी रखी गई है। यहां बनने वाली CCS 4 और CCS 5 दोनों बिल्डिगें 7-7 मंजिला इमारते होंगी और इनमें बेसमेंट भी बनाया जाएगा। इस तरह से यह कुल 3.04 लाख स्क्वायर मीटर एरिया को कवर करेंगे।
टेंडर डॉक्यूमेंट में कहा गया है कि निर्माण कार्य एक चिन्हित जगह पर होगा, जहां पर फिलहाल शास्त्री भवन और कृषि भवन मौजूद हैं। निर्माण कार्य डॉ. राजेंद्र प्रसाद रोड, नई दिल्ली में प्लॉट नंबर 120 पर किया जाएगा और वहां पर पहले से मौजूद बिल्डिगों को गिराने के बाद निर्माण कार्य करना होगा।

इतिहास बन जाएंगे शास्त्रीभवन और कृषिभवन
यह टेंडर प्रक्रिया पूरा होने के साथ ही सभी 10 सीसीएस बिल्डिगों पर काम शुरू हो जाएगा। पहले चरण में तीन बिल्डिंगें सीसीएस 1, 2, 3 का पिछले साल उद्घाटन हो चुका है। इन बिल्डिंगों का नाम कर्तव्य भवन 1, 2 और 3 रखा गया है। प्रोजेक्ट के तहत अन्य बिल्डिंगों का या तो काम चल रहा है, या वे अभी टेंडर आवंटन के चरण में हैं।
बता दें कि केंद्रीय आवास और शहरी विकास मंत्रालय ने साल 2019 में सेंट्रल विस्टा प्लान की घोषणा की थी। इसमें नए संसद भवन का निर्माण कार्य भी शामिल था, जिसका निर्माण साल 2023 में पूरा हो चुका है। सेंट्रल विस्टा प्लान के तहत साल 2024 में वाइस-प्रेसिडेंट्स इंक्लेव का काम भी पूरा हो चुका है। सेंट्रल विस्टा प्लान के तहत जिन 10 सीसीएस बिल्डिंगों को बनाया जा रहा है, उनमें केंद्र सरकार के सभी मंत्रालयों के साथ ही प्रधानमंत्री के लिए नया दफ्तर और आवास भी शामिल है।
