देश में हाईवेज की स्थिति बेहतर हुई है। एक के बाद एक एक्सप्रेसवे बनने के बाद रफ्तार बढ़ी है, जिससे दूरियां अब अखरती नहीं हैं। सफर के दौरान जो अखरता है, वह भारी-भरकम टोल है। टोल प्लाजा पर लगने वाली लंबी कतारें भी अखरती हैं और टोल में चुकाई जाने वाली रकम भी। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपको टोल में डिस्काउंट मिल सकता है। यही नहीं, हो सकता है कि आपको टोल चुकाने की जरूरत भी न हो और आप इस बात से अंजान रहकर टोल चुकाए जा रहे हों। चलिए जानते हैं कि आपको टोल में छूट क्यों मिल सकती है।
हाईवे पर यात्रा के दौरान हम सभी टोल चुकाते हैं और ज्यादातर मामलों में टोल चुकाना मेनडेटरी होता है। लेकिन कुछ कैटेगरी होती हैं, जिसके तहत यात्रियों को टोल में कुछ फीसद से लेकर 100 फीसद तक छूट मिलती है। NHAI ने उन कैटेगरी की एक पूरी लिस्ट जारी की है। NHAI ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में इस संबंध में जानकारी दी है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी के अनुसार रूल 11 के तहत कई वाहनों को टोल में पूरी तरह से छूट मिलती है, जबकि रूल 9 के तहत डिस्काउंटेड पास मिलता है। इसमें स्थानीय लोगों के लिए मंथली पास के साथ ही जिला स्तर का कंसेशन भी शामिल है।
टोल में किन लोगों को मिलता है डिस्काउंट
अगर आप टोल रोड पर टोल चुकाकर थक चुके हैं तो आपके लिए ही रूल-9 है। इसके तहत आप डिस्काउंटेड पास हासिल कर सकते हैं। डिस्काउंट से जुड़े कुछ नियम हम आपको यहां बता रहे हैं -
- स्थानीय प्राइवेट वाहन मालिकों के लिए मंथली पास जारी होता है
- ऐसे प्राइवेट कार मालिकों को डिस्काउंट मिलता है, जो रोज हाईवे के किसी एक हिस्से का इस्तेमाल करते हैं
- टोल प्लाजा के 20 किमी के दायरे में रहने वाले निवासियों को ही यह डिस्काउंट मिलता है
- स्थानीय निवासियों को टोल में डिस्काउंट तभी मिलता है, जब उनकी यात्रा अगले टोल प्लाजा से पहले ही खत्म होती है
- 2007-08 के बेस रेट पर मंथली पास के लिए 150 रुपये खर्च करने होते हैं, जो हर साल रिवाइज होते हैं।
- अगर टोल रोड के साथ सर्विस रोड या कोई दूसरी रोड भी मौजूद है तो यह पास जारी नहीं किया जाता है।
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किसी जिले में रजिस्टर प्राइवेट वाहन मालिक (नेशनल परमिट नहीं) को जिला स्तर का कंसेशन दिया जाता है। अगर...
- अगर हाईवे, ब्रिज, बायपास या टनल उसी जिले में मौजूद है तो
- उसी जिले में मौजूद टोल प्लाजा पर 50 फीसद ही यूजर चार्ज ही वसूला जाता है
- हालांकि, ऊपर बताया गया नियम तभी लागू होता है, जब सर्विस रोड मौजूद न हो या कोई अल्टरनेटिव रोड मौजूद न हो।
- अगर आपका वाहन हाईवे के कुछ ही हिस्से का इस्तेमाल करता है और टोल प्लाजा क्रॉस नहीं करता है तो आपको किसी तरह का टोल नहीं चुकाना होगा।
इसके अलावा इन लोगों की गाड़ियों को टोल नहीं चुकाना पड़ता है
- राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यों के राज्यपाल, लोकसभा अध्यक्ष, केंद्रीय कैबिनेट मंत्री, केंद्रीय राज्य मंत्री, सभी सांसद
- राज्यों के मुख्यमंत्री, केंद्र शासित प्रदेशों के उपराज्यपाल, विधानसभा के स्पीकर और अध्यक्ष, विधानसभा और विधानपरिषद के सदस्य
- भारत के मुख्य न्यायाधीश, सुप्रीम कोर्ट के जज, हाईकोर्टों के मुख्य न्यायाधीश और अन्य जज
- जनरल रैंक के सेनाध्यक्ष या उनके समकक्ष,आर्मी कमांडर, उप-सेनाध्यक्ष और अन्य सेवाओं में समकक्ष
- राज्य सरकार में चीफ सेक्रेटरीस, केंद्र सरकार में सचिव, राज्यसभा और लोकसभा में सचिव, डिफेंस, आधिकारिक यात्रा पर आए विदेशी मेहमान
- परमवीर चक्र, अशोक चक्र, महावीर चक्र, कीर्ति चक्र, वीर चक्र और शौर्य चक्र विजेता को भी फोटो आईडी कार्ड दिखाने पर छूट
- रक्षा मंत्रालय के वाहनों को जिसमें आर्मी, वायु सेना और नौसेना भी शामिल हैं।
- यूनीफॉर्म में मौजूद केंद्रीय और राज्य सरकार के सैन्यकर्मी, अर्धसैनिक बल और पुलिस
- एग्जक्यूटिव मजिस्ट्रेट, अग्निशमन दल की गाड़ियां, एम्बुलेंस, शव वाहन और दिव्यांगजनों के लिए विशेषतौर पर बनाए गए वाहन
- NHAI और अन्य सरकारी संस्थाओं के वाहन, जिनका इस्तेमाल इंस्पेक्शन, सर्वे, कंस्ट्रक्शन, ऑपरेशन और राजमार्ग की मेनटेनेंस में होता है
