Azamgarh News: आजमगढ़ में पिता द्वारा बंधक बच्चों को पुलिस ने छुड़ा लिया है हालांकि इस दौरान आरोपी अरविंद पुलिस की गोली लगने से गंभीर रूप में घायल हो गया और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। दुख की बात ये रही कि आरोपी की गोली से घायल उसके 8 वर्षीय बेटे की भी इलाज के दौरान मौत हो गई। अहरौला थाना क्षेत्र के शंभुपुर में घर में पूजा के दौरान खूनी वारदात हुई थी जिसमें मकान मालिक अरविंद ने पत्नी समेत दो पंडितों की गोली मारकर की हत्या कर दी थी। इसके बाद बच्चों को बंधक बना लिया था।
अरविंद का पत्नी से हुआ था विवाद
जनपद आजमगढ़ के अहरौला थाना क्षेत्र के शंभूपुर गांव में मंगलवार को शाम में पूजा के दौरान हुए विवाद ने खूनी रूप ले लिया। बताया गया कि बाजार से घर पहुंचे अरविंद सिंह के घर पर पूजा हो रही पंडितों से आधार कार्ड मांगने को लेकर विवाद हो गया। आरोप है कि उसी दौरान अरविंद ने घर में रखी लाइसेंसी पिस्टल से फायरिंग कर दी, गोली लगने से उसकी पत्नी बबीता समेत दो पंडितों की मौत हो गई। इसके बाद आरोपी अरविंद ने बच्चे समेत खुद को घर में ही बंधक बना लिया था। इसके बाद
दो पुजारियों, मां-बेटे और आरोपी पिता की मौत
मृतकों में पंडित महेंद्र पाठक और अखिलेश मिश्रा बताए जा रहे हैं। आरोपी फायरिंग के बाद अपने को बचाने के लिए बच्चों के साथ घर में खुद को बंद कर लिया था, जहां वाराणसी जोन के एडीजी और जिले के आला अधिकारी समेत कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची और कई घंटे लगे रेस्क्यू ऑपरेशन करने में लगे रहे।
SSP डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि पुलिस ने आत्मरक्षा और बच्चों की सुरक्षा के लिए गोली चलाई जिसमें आरोपी घायल हो गया। अस्पताल ले जाने पर आरोपी अरविंद और उसके बेटे दोनों की मौत हो गई है।
घर पहुंचते ही बौखला उठा अरविंद
जानकारी के अनुसार तीन-चार दिन से अरविंद सिंह के घर में पूजा चल रही थी। मंगलवार की शाम को घर में तीन पंडित, अरविंद की पत्नी बबीता और उनके बच्चे मौजूद थे। शाम करीब 6-7 बजे अरविंद बाजार से घर पहुंचे, जहां घर में पूजा होते देखकर उन्होंने पंडितों से जानकारी ली। इसके बाद बौखला कर पंडितों से आधार कार्ड मांगना शुरू कर दिया। इसी बात को लेकर उनके बीच बहस होने लगी।
अरविंद ने लाइसेंसी पिस्टल निकालकर फायरिंग की
आरोप है कि विवाद के दौरान अरविंद ने लाइसेंसी पिस्टल निकालकर फायरिंग कर दी। गोली लगने से उनकी पत्नी बबीता और दो पंडित घायल हो गए, जहां कुछ देर बाद तीनों की मौत हो गई। फायरिंग होते ही पूजा में शामिल अन्य पंडित मौके से भाग निकले। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल की जांच करने लगे। वहीं तीनों डेड बॉडी को पुलिस कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
बताया जा रहा कि आरोपी अरविंद सिंह के बड़े भाई गुड्डू सिंह का कई साल पहले आपसी रंजिश को लेकर मर्डर हुआ था, जिसके चलते अरविंद डिप्रेशन में चल रहा था। उसकी पत्नी शांतिपाठ व अन्य पूजा करवाना चाह रही थीं, जिसका अरविंद विरोध कर रहा था। बहरहाल, घटना के बाद पुलिस हथियार समेत फायरिंग से जुड़े साक्ष्य संकलन करने और आगे की कार्यवाही में लगी है।
