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बंगाल की खाड़ी में बना गहरा दबाव, ओडिशा में भारी बारिश के बाद स्कूल बंद, IMD ने जारी किए ताजा अपडेट्स

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने बुधवार को बताया कि पश्चिम-मध्य और उससे सटे उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना डीप डिप्रेशन पिछले छह घंटों के दौरान 12 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से पश्चिम की ओर बढ़ा। सुबह 5:30 बजे यह सिस्टम इसी क्षेत्र में केंद्रित था।

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बंगाल की खाड़ी में बना गहरे दबाव का क्षेत्र।

Deep Depression in Bay of Bengal: बंगाल की खाड़ी में गहरा दबाव बनने के चलते मंगलवार को ओडिशा और आंध्र प्रदेश में भारी बारिश हुई। गहरे दबाव के बाद तूफान दोनों राज्यों के तटवर्ती इलाकों की तरफ बढ़ रहा है। डीप डिप्रेशन पर IMD के ताजा अपडेट के मुताबिक यह पश्चिम-मध्य और उससे सटे उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना डीप डिप्रेशन पिछले 6 घंटों के दौरान 12 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से पश्चिम दिशा की ओर बढ़ा है। 23 सितंबर 2026 को सुबह 5:30 बजे IST यह मौसम प्रणाली इसी क्षेत्र में 18.0°N अक्षांश और 84.7°E देशांतर के पास केंद्रित थी। यह आंध्र प्रदेश के कलिंगपट्टनम से करीब 70 किमी दक्षिण-पूर्व में, ओडिशा के गोपालपुर से करीब 150 किमी दक्षिण मे, आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम से करीब 150 किमी पूर्व-उत्तर-पूर्व में और ओडिशा के पुरी से करीब 230 किमी दक्षिण-दक्षिण-पश्चिम में स्थित थी।

IMD के अनुसार, इसके पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने की बहुत अधिक संभावना है। यह 23 सितंबर 2026 की रात तक उत्तर आंध्र प्रदेश–दक्षिण ओडिशा तट को विशाखापत्तनम और गोपालपुर के बीच, कलिंगपट्टनम के पास से डीप डिप्रेशन के रूप में पार कर सकता है।

कौन-कौन से राज्य प्रभावित होंगे?

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने बुधवार को बताया कि पश्चिम-मध्य और उससे सटे उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना डीप डिप्रेशन पिछले छह घंटों के दौरान 12 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से पश्चिम की ओर बढ़ा। सुबह 5:30 बजे यह सिस्टम इसी क्षेत्र में केंद्रित था। यह आंध्र प्रदेश के कलिंगपट्टनम से करीब 70 किमी दक्षिण-पूर्व, ओडिशा के गोपालपुर से 150 किमी दक्षिण, आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम से 150 किमी पूर्व-उत्तर-पूर्व और ओडिशा के पुरी से 230 किमी दक्षिण-दक्षिण-पश्चिम में स्थित था।

ओडिशा में स्कूल बंद

ओडिशा के चार जिलों में भारी बारिश के मद्देनजर स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों को बंद कर दिया गया है। IMD के वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि भारी बारिश के कारण नदियों का जलस्तर बढ़ सकता है और निचले इलाकों में बाढ़ की स्थिति पैदा हो सकती है। खासकर उन क्षेत्रों में खतरा अधिक है, जहां पहले से लगातार बारिश हो रही है।खुर्दा जिले में एहतियात के तौर पर मंगलवार से गुरुवार तक सभी स्कूल बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, गंजाम जिले में जिला प्रशासन ने इसी अवधि के लिए सभी सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त और निजी स्कूलों को बंद रखने का आदेश दिया है।

ओडिशा पर ज्यादा असर की आशंका

ओडिशा सबसे अधिक प्रभावित राज्यों में शामिल हो सकता है। राज्य के कई हिस्सों में पहले ही भारी बारिश दर्ज की जा चुकी है। समाचार एजेंसी ANI के मुताबिक, बुधवार रात डीप डिप्रेशन के राज्य में पहुंचने की आशंका को देखते हुए ओडिशा सरकार ने रणनीतिक स्थानों पर जवानों और मशीनरी की तैनाती की है। 11 जिलों के कलेक्टरों ने वर्चुअल बैठक में हिस्सा लिया। अधिकारियों को जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित रखने के लिए चक्रवात और बाढ़ राहत केंद्रों को तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं। गंजाम के कलेक्टर वी. कीर्ति वासन ने पत्रकारों से कहा कि उन्होंने दिन में कई चक्रवात राहत केंद्रों का दौरा कर वहां की तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि लोगों को आने वाले खराब मौसम को लेकर जागरूक किया जा रहा है।

तटीय आंध्र प्रदेश में भी असर

इस मौसम प्रणाली का असर तटीय आंध्र प्रदेश पर भी पड़ने की संभावना है। पूर्वानुमान के मुताबिक, यह सिस्टम विशाखापत्तनम और गोपालपुर के बीच तट को पार कर सकता है।

आंध्र प्रदेश सरकार ने बढ़ाई तैयारियां

संभावित चक्रवाती तूफान के असर से निपटने के लिए आंध्र प्रदेश सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। गृह एवं आपदा प्रबंधन मंत्री वंगलापुडी अनिता ने अधिकारियों को 24 घंटे कंट्रोल रूम सक्रिय रखने और मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने लोगों को तेज हवाओं के दौरान पेड़ों, बड़े होर्डिंग्स और जर्जर इमारतों से दूर रहने की सलाह दी है।

IMD का ताजा अपडेट

IMD के अनुसार, डीप डिप्रेशन के पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने की संभावना है। इसके 23 सितंबर की रात तक कलिंगपट्टनम के आसपास उत्तर आंध्र प्रदेश–दक्षिण ओडिशा तट को डीप डिप्रेशन के रूप में पार करने की संभावना है। यानी फिलहाल ओडिशा और तटीय आंध्र प्रदेश पर इसका मुख्य असर पड़ने की आशंका है।

Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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