भोपाल

सीएम शिवराज ने दी जनसेवा मित्र के दूसरे चरण की सौगात, 10 जुलाई तक कर सकते हैं आवेदन

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Jul 3, 2023, 01:06 PM IST

MP News in Hindi: मध्य प्रदेश के सभी 313 ब्लॉक के लिए करीब 5 हजार इंटर्न की नियुक्ति की जाना थी, लेकिन आवेदन करने वालों की संख्या इससे कई गुना पर पहुंची। विभिन्न परख और छंटाई के बाद 4592 युवाओं को इस महत्वाकांक्षी प्रशिक्षण कार्यक्रम से जोड़ा गया है।

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शिवराज सिंह चौहान

MP News: युवाओं के विकास, कौशल उन्नयन, रोजगार के लिए बढ़े हुए कदमों के बीच सीएम शिवराज सिंह चौहान ने रविवार को एक पहल और की है। युवाओं को रोजगार और कौशल विकास देने की मंशा के साथ मुख्यमंत्री युवा इंटर्नशिप प्रोग्राम का दूसरा चरण शुरू किया गया है। सीखो और कमाओ की तर्ज पर शुरू किए गए इस प्रोग्राम में युवाओं को 6 महीने के प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान हर माह 8 हजार रुपए का स्टाइपेंड भी दिया जाएगा। योजना में शामिल होने के लिए युवा 10 जुलाई तक आवेदन कर सकते हैं।

प्रदेश के युवाओं के कौशल विकास, रोजगार साधन और उद्यमिता में सहयोग करने की मंशा के साथ मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री युवा इंटर्नशिप प्रोग्राम की कल्पना की। अटल बिहारी वाजपेई सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान ने मुख्यमंत्री के युवाओं के लिए साधे गए इस लक्ष्य को समझा और महज 2 माह में इस योजना को आकार दे दिया।

फरवरी में शुरू हुआ पहला चरण

प्रदेशभर के युवाओं को जोड़ने वाली इस महत्वाकांक्षी योजना में बड़ी संख्या में युवाओं ने उत्साह दिखाया। प्रदेश के सभी 313 ब्लॉक के लिए करीब 5 हजार इंटर्न की नियुक्ति की जाना थी, लेकिन आवेदन करने वालों की संख्या इससे कई गुना पर पहुंची। विभिन्न परख और छंटाई के बाद 4592 युवाओं को इस महत्वाकांक्षी प्रशिक्षण कार्यक्रम से जोड़ा गया है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस योजना से जुड़े युवाओं से फरवरी माह में राजधानी भोपाल में आयोजित बूट कैंप के जरिए बात की और इन्हें सीखने के लिए खुला आसमान दे दिया।

CM Shivraj

CM Shivraj

क्या सीख रहे युवा

करीब चार माह की प्रशिक्षण अवधि में ये युवा दुनियाभर की नामी कंपनियों और संस्थाओं, जिनमें हावर्ड्स, अमेरिकन इंडियन फाउंडेशन और इनके जैसी कई संस्थाएं शामिल हैं, से प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर शहरी इलाकों तक में रहकर प्रशासनिक कार्य विधियां भी सीख रहे हैं।

वास्तविक हितग्राही तक लाभ

करीब चार महीने के इस प्रशिक्षण काल ने युवाओं को जोश से भरा है। आम आदमी की जमीनी और शासकीय कामों की परेशानियों को दूर करने में सहयोग किया है। साथ शासन की योजनाओं को लोगों तक पहुंचाने में बड़ा सहयोग भी किया है।

और मिला प्रमोशन

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा बूट कैंप में युवाओं से किए गए वादे के मुताबिक इनके कार्यकाल को आगे बढ़ाया दिया गया है। साथ ही उनके वेतन में बढ़ोतरी कर 8 हजार की बजाए 10 हजार रुपए प्रति माह कर दिया गया है।

अब तैयारी दूसरे चरण की

दुनियाभर की इकलौती और अभिनव सीखने के साथ कमाई वाली इस योजना में अब कुछ जनसेवा मित्रों को और जोड़ने की तैयारी की जा रही है। जिसके लिए आवेदन प्रक्रिया 2 जुलाई से शुरू कर दी गई है। 18 से 29 वर्ष के ऐसे युवा, जिन्होंने स्नातक डिग्री हासिल की है, जिनमें कुछ कर गुजरने का जज्बा है, वे इस योजना से जुड़ सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया 10 जुलाई तक जारी रहेगी।

प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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