एक बस में बैठेंगे 60 यात्री
इन बसों में यात्रियों की क्षमता करीब 60 है। यह राज्य और देश के किसी भी टियर-टू शहर में पहली ऐसी बस होगी। मेयर ने बताय कि लंबे समय से यह पहल की जा रही थी। लेकिन, अब शहरवासियों का इंतजार खत्म होने वाला है। फिलहाल, इंदौर में केवल एक डबल डेकर बस लाई गई है। माना जा रहा है कि एक सप्ताह के भीतर इसका रूट तय कर लिया जाएगा। अगर, यह सेवा सफल साबित होती है तो मांग को पूरा करने के लिए अतिरिक्त बसें शुरू की जाएंगी।
पश्चिम बंगाल में डबल-डेकर बस होगी संरक्षित
उधर, पश्चिम बंगाल सरकार ने अपनी आखिरी डबल-डेकर बस को संरक्षित करने का निर्णय लिया है, जिसका परिचालन साल 2000 के शुरुआत में बंद हो गया था। स्क्रैपिंग के लिए निर्धारित, प्रतिष्ठित बस को अब पुनर्निर्मित किया जाएगा और एक राज्य-संचालित संग्रहालय में प्रदर्शित किया जाएगा।
