भोपाल

Bhopal News: शहर में पेट भरने से दोगुना महंगा हुआ 'हल्का होना', पांच रुपये में खाना, 10 रुपये में शौचालय

Bhopal News: भोपाल में अगर आपको भूख लगी हो तो दीनदयाल रसोई में सिर्फ 5 रुपये में खाना मिल जाता है। लेकिन अगर आपको हल्का होना हो तो उसके लिए आपको दोगुने पैसे खर्च करने होंगे। जी हां, सार्वजनिक शौचालय में शुल्क बढ़ाकर 10 रुपये करने को मंजूरी मिल गई है।

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सार्वजनिक शौचालय का शुल्क बढ़ा

Photo : Times Now Digital

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में सार्वजनिक टॉयलेट्स के इस्तेमाल के लिए शुल्क में वृद्धि को लेकर विवाद बढ़ गया है। मेयर इन कौंसिल (MIC) ने सुलभ इंटरनेशनल की तरफ से प्रस्तावित 25 स्थानों पर शौचालय के शुल्क में 4 रुपये की बढ़ोतरी कर इसे 10 रुपये करने की मंजूरी दे दी गई है।

इस निर्णय के खिलाफ कांग्रेस पार्टी ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। आज यानी शुक्रवार 18 जुलाई को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शिवाजी नगर स्थित सुलभ कॉम्पलेक्स के सामने विरोध प्रदर्शन किया। पार्षद योगेंद्र सिंह गुड्डू चौहान ने कहा कि शुल्क में इस तरह से बढ़ोतरी स्वच्छता अभियान पर नकारात्मक प्रभाव डालेगा। उन्होंने कहा कि भोपाल की जनसंख्या 10 लाख से अधिक है और शहर स्वच्छता के मामले में दूसरे नंबर पर है।

गुड्डू चौहान ने कहा कि शुल्क बढ़ाने से लोग खुले में शौच करने को मजबूर हो सकते हैं। MIC के सदस्य आरके सिंह बघेल ने बताया कि पिछले कई वर्षों से शुल्क 6 रुपये ही था। उन्होंने कहा कि खुल्ले पैसे की समस्या के कारण यह वृद्धि जरूरी थी।

कांग्रेस पार्षदों का 24 जुलाई को होने वाली नगर निगम परिषद की बैठक में इस प्रस्ताव का विरोध करने की योजना है। उनका मानना है कि यह शुल्क वृद्धि जनता पर अतिरिक्त बोझ डालने वाला है।

यहां गौर करने वाली बात यह भी है कि दीन दयाल रसोई में मात्र 5 रुपये में भोजन मिल रहा है, लेकिन शौचालय जाने के लिए 10 रुपये खर्च करने होंगे। इस तरह से कहा जा सकता है कि भोपाल में पेट भरने से दोगुना महंगा हल्का होना हो चुका है।

Digpal Singh
दिगपाल सिंहauthor

दिगपाल सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सिटी टीम को लीड कर रहे हैं। शहरों से जुड़ी ताजाखबरें, लोकल मुद्दे, चुनावी कवरेज और एक्सप्लेनर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। 2006 से पत्रकारिता में सक्रिय दिगपाल सिंह को प्रिंट और डिजिटल दोनों माध्यमों में काम करने का अनुभव है। दोनों प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए उन्होंने ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग से लेकर सेंट्रल डेस्क पर बड़ी खबरों की हैंडलिंग तक हर स्तर पर अनुभव हासिल किया है। अब तक 30,000 से अधिक खबरें लिख चुके दिगपाल हाइपर-लोकल न्यूज की बारीकियों, शहरों की समस्याओं और लोगों से जुड़े वास्तविक मुद्दों को समझने की विशेष क्षमता रखते हैं।

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