Nitin Nabin New Team: बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन की नई टीम का सोमवार को ऐलान हुआ। इस टीम में कई दिग्गज नेताओं का कमबैक हुआ है, जिसमें राजस्थान की पूर्व सीएम वसुंधरा राजे और पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी का नाम शामिल है।
बता दें कि 13 राष्ट्रीय उपाध्यक्षों में से 6 महिलाएं हैं। पार्टी, प्रमुख पदों पर महिलाओं के अधिक प्रतिनिधित्व की दर्शाना चाहती है। इसके अलावा, चार महिला सचिव और एक महिला महासचिव भी हैं, जिनमें से दो मुस्लिम समुदाय से हैं।
वसुंधरा का 'वनवास' खत्म
बता दें कि कई दिनों से राजस्थान की पूर्व सीएम वसुंधरा राजे भाजपा और आरएसएस नेताओं से मुलाकात कर रही थीं। राजस्थान में संभावित कैबिनेट विस्तार की चर्चाओं के बीच कहा जा रहा था कि राजे अपने वफादार नेताओं को मंत्रिमंडल में शामिल कराने की कोशिशों में जुटी थीं। इसके अलावा, संसद के मानसून सत्र के दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह से भेंट की थी। वहीं, उन्होंने वहीं, जोधपुर में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत से उनकी करीब 30 मिनट की मुलाकात की थी, जिसकी खूब चर्चा हुई थी।वसुंधरा राजे को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया है।
राजनीतिक सफर पर एक नजर
वसुंधरा राजे राजस्थान की राजनीति की सबसे प्रभावशाली महिला नेताओं में गिनी जाती हैं। वह राजस्थान की पहली महिला मुख्यमंत्री रह चुकी हैं और दो बार राज्य की कमान संभाल चुकी हैं। वसुंधरा राजे ने 1984 में बीजेपी के साथ सक्रिय राजनीति की शुरुआत की। उन्हें पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में जगह मिली और बाद में राजस्थान बीजेपी युवा मोर्चा की उपाध्यक्ष बनीं। 1985 में उन्होंने धौलपुर विधानसभा सीट से चुनाव जीतकर विधानसभा में प्रवेश किया।
लोकसभा से राष्ट्रीय राजनीति तक
1989 में उन्होंने झालावाड़ से लोकसभा चुनाव जीता और इसके बाद लगातार कई बार इस सीट का प्रतिनिधित्व किया। संसद में सक्रिय भूमिका के साथ वह बीजेपी के संगठन में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालती रहीं। अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में वसुंधरा राजे को केंद्रीय राज्य मंत्री बनाया गया। उन्होंने विदेश मामलों के अलावा लघु उद्योग, कार्मिक, पेंशन और अन्य विभागों की जिम्मेदारियां संभालीं।
2003 में बनीं राजस्थान की पहली महिला सीएम
2003 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी की जीत के बाद वसुंधरा राजे ने 8 दिसंबर 2003 को राजस्थान की पहली महिला मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। उनका पहला कार्यकाल 2008 तक चला।2013 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने बड़ी जीत दर्ज की और वसुंधरा राजे दोबारा मुख्यमंत्री बनीं। उनका दूसरा कार्यकाल 2013 से 2018 तक रहा। 2018 में बीजेपी चुनाव हार गई और कांग्रेस की सरकार बनी।
2023 के राजस्थान विधानसभा चुनाव में बीजेपी की जीत के बावजूद पार्टी ने मुख्यमंत्री के तौर पर भजनलाल शर्मा को चुना। वसुंधरा राजे विधायक बनी रहीं और पार्टी की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के रूप में भी उनकी भूमिका रही। सोमवार को को बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन ने नई राष्ट्रीय टीम का ऐलान किया। इसमें वसुंधरा राजे को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के पद पर बरकरार रखा गया, जबकि स्मृति ईरानी को राष्ट्रीय महासचिव की जिम्मेदारी दी गई।
स्मृति ईरान पर भी पार्टी का लौटा विश्वास
वहीं, बात करें स्मृति ईरान की तो साल 2024 में अमेठी से लोकसभा चुनाव हारने के बाद वो राजनीति में उनकी सक्रियता काफी घट गई। इतना ही नहीं 17 साल बाद उन्होंने टीवी स्क्रीन पर वापसी भी कर ली। गौरतलब है कि अचानक स्मृति ईरान को राष्ट्रीय महामंत्री जैसी अहम जिम्मेदारी देने के पीछे पार्टी की कोई बड़ी रणनीति जरूर होगी।स्मृति ईरानी को बीजेपी ने राष्ट्रीय महामंत्री बनाया है।
राजनीति सफर पर एक नजर
स्मृति ईरानी ने टीवी की दुनिया में पहचान बनाने के बाद 2003 में बीजेपी जॉइन करके सक्रिय राजनीति में कदम रखा। 2004 में उन्होंने दिल्ली की चांदनी चौक सीट से लोकसभा चुनाव लड़ा, लेकिन कांग्रेस के कपिल सिब्बल से हार गईं। इसके बाद संगठन में उनकी जिम्मेदारियां बढ़ती गईं और वह बीजेपी की महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष बनीं।
2011 में वह गुजरात से राज्यसभा सांसद बनीं। 2014 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने उन्हें अमेठी से राहुल गांधी के खिलाफ उतारा। वह चुनाव हार गईं, लेकिन उनके प्रदर्शन और संगठन में सक्रियता के चलते उन्हें नरेंद्र मोदी की पहली सरकार में मानव संसाधन विकास मंत्री बनाया गया। बाद में उन्होंने कपड़ा तथा सूचना एवं प्रसारण जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालय भी संभाले।
2019 में राहुल गांधी को हराकर बड़ा उलटफेर
स्मृति ईरानी के राजनीतिक करियर का सबसे बड़ा पड़ाव 2019 का लोकसभा चुनाव रहा। उन्होंने अमेठी में राहुल गांधी को करीब 50 हजार से अधिक वोटों के अंतर से हराकर बड़ा राजनीतिक उलटफेर किया। इसके बाद उन्हें महिला एवं बाल विकास मंत्री बनाया गया और जुलाई 2022 में अल्पसंख्यक मामलों का मंत्रालय भी उनके पास आया।
2024 में मिली हार फिर टीवी में कमबैक
2024 के लोकसभा चुनाव में स्मृति ईरानी ने एक बार फिर अमेठी से चुनाव लड़ा, लेकिन इस बार कांग्रेस के किशोरी लाल शर्मा ने उन्हें हरा दिया। इसके बाद वह केंद्रीय मंत्रिमंडल से बाहर हो गईं। हालांकि, वह अमेठी से अपना राजनीतिक जुड़ाव बनाए हुए हैं और 2026 में भी क्षेत्र में सक्रियता दिखाई देती रही है। वहीं, दूसरी ओर उन्होंने अपने आइकॉनिक टीवी शो 'क्योंकि सास भी कभी बहू थी' के दूसरे सीजन के साथ वापसी की।
इन महिलाओं को बनाया गया राष्ट्रीय उपाध्यक्ष
वसुंधरा राजेडी. पुरंदेश्वरी
रेखा वर्मा
वर्षाबेन नरेंद्रभाई दोशी
डॉ. भारती प्रवीण पवार
डॉ. मधुचंद्रा कर
राष्ट्रीय महामंत्री
स्मृति ईरानी।
राष्ट्रीय मंत्री
फांग्नोन कोन्यक
संगीता यादव
डॉ. स्वदेश सिंह
मृगांका देव बर्मन
कौन -कौन बने उपाध्यक्ष?
वसुंधरा राजे सिंधिया, तीरथ सिंह रावत, राम माधव, बैजयंत जय पांडा, डी. पुरंदेश्वरी, रेखा दर्मा, वर्षाबेन नरेंद्रभाई दोशी, भारती प्रवीण पवार, मनप्रीत सिंह बादल, लाल सिंह आर्य, प्रो. एम. नागराज, प्रो. तारिक मंसूर, डॉ. मधुचंद्र कर। बीएल संतोष राष्ट्रीय महामंत्री (संगठन) बनाए गए हैं. वहीं राष्ट्रीय सह महामंत्री (संगठन) में शिवप्रकाश और सौदान सिंह को जगह दी गई है. विनोद तावड़े, सुनील बंसल, बिप्लब कुमार देब, स्मृति ईरानी, सतीश पूनिया, गजेंद्र पटेल, हरीश द्विवेदी, संजय भाटिया राष्ट्रीय महामंत्री बनाए गए हैं।
इन दोनों के अलावा, उत्तराखंड के पूर्व सीएम तीरथ सिंह रावत को भी बीजेपी उपाध्यक्ष बनाया गया है। ओडिशा के बैजयंत जय पांडा को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया है। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल को राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष नियुक्त किया है, जबकि राजस्थान के राजेश मंगल राष्ट्रीय संयुक्त कोषाध्यक्ष होंगे। केंद्रीय कार्यालय प्रभारी की जिम्मेदारी तरुण चुघ को सौंपी गई है और महेंद्र पांडेय को केंद्रीय कार्यालय सचिव बनाया गया है।
