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SSY vs PPF: बेटी के भविष्य के लिए कौन-सी स्कीम है बेस्ट? जानिए किसमें मिलेगा ज्यादा रिटर्न

SSY vs PPF: बेटी के बेहतर भविष्य के लिए लंबे समय में एक बड़ा फंड तैयार करना चाहते हैं तो आपके पास दो योजनाओं Sukanya Samriddhi Yojana (SSY) और Public Provident Fund (PPF) के विकल्प मौजूद हैं।

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SSY vs PPF बेटी के भविष्य के लिए कौन-सी योजना है ज्यादा बेहतर (AI Generated Image)

SSY vs PPF: भविष्य में बच्चों की पढ़ाई, शादी और दूसरे बड़े खर्चों के लिए एक बड़े फंड की जरूरत होती है। खासकर अगर लक्ष्य कई साल बाद आने वाला है तो सुरक्षित और लंबे समय के निवेश विकल्प पर विचार किया जा सकता है। सरकार की दो लोकप्रिय छोटी बचत योजनाएं Sukanya Samriddhi Yojana (SSY) और Public Provident Fund (PPF) ऐसे ही विकल्प हैं। दोनों योजनाओं में सरकारी समर्थन, लंबी निवेश अवधि और टैक्स से जुड़े फायदे मिलते हैं, लेकिन दोनों का उद्देश्य और नियम अलग हैं।

कहां मिलेगा ज्यादा रिटर्न

मौजूदा ब्याज दर के आधार पर SSY में 8.2 प्रतिशत सालाना और PPF में 7.1 प्रतिशत सालाना ब्याज मिल रहा है।

SSY क्यों खास है?

Sukanya Samriddhi Yojana खास तौर पर 10 साल से कम उम्र की लड़की के भविष्य के लिए बनाई गई है। अगर आपकी बेटी अभी 10 साल से छोटी है और आप उसकी उच्च शिक्षा या शादी जैसे बड़े खर्चों के लिए लंबे समय में फंड बनाना चाहते हैं तो SSY पर विचार किया जा सकता है।

इस योजना में न्यूनतम 250 रुपये सालाना जमा करना होता है, जबकि एक वित्त वर्ष में अधिकतम 1.5 लाख रुपये जमा किए जा सकते हैं। SSY में जमा करने की अवधि अधिकतम 15 साल तक होती है, जबकि अकाउंट की मैच्योरिटी अकाउंट खोलने की तारीख से 21 साल बाद होती है।

हालांकि, SSY में पैसा पूरी तरह से मनचाहे समय पर निकालने की सुविधा नहीं है। आंशिक निकासी निर्धारित नियमों और शर्तों के तहत ही की जा सकती है।

PPF क्यों खास है?

Public Provident Fund का दायरा SSY की तुलना में बड़ा है। इसमें निवासी व्यक्ति अपना अकाउंट खोल सकता है और नाबालिग के नाम पर भी अकाउंट खोला जा सकता है। PPF में न्यूनतम 500 रुपये सालाना और अधिकतम 1.5 लाख रुपये सालाना निवेश किया जा सकता है।

PPF की मूल अवधि 15 साल है और इसे पांच-पांच साल के ब्लॉक में आगे बढ़ाया जा सकता है।

PPF का एक फायदा यह भी है कि इसमें निर्धारित नियमों के तहत लोन की सुविधा उपलब्ध है। इसके अलावा, तय अवधि के बाद आंशिक निकासी भी नियमों के अनुसार की जा सकती है। इसलिए SSY की तुलना में PPF में कुछ ज्यादा फाइनेंशियल फ्लेक्सिबिलिटी मिलती है।

टैक्स के मामले में दोनों योजनाएं

SSY और PPF दोनों टैक्स के लिहाज से आकर्षक योजनाएं हैं। लागू नियमों और पात्रता के अनुसार दोनों में किए गए निवेश पर Section 80C के तहत टैक्स लाभ मिल सकता है। दोनों योजनाओं पर मिलने वाला ब्याज और मैच्योरिटी राशि भी टैक्स-फ्री होती है, हालांकि टैक्स लाभ मौजूदा आयकर नियमों और चुने गए टैक्स रिजीम पर निर्भर कर सकते हैं।

जरूरत के हिसाब से करें चुनाव

अगर आपका मुख्य लक्ष्य 10 साल से कम उम्र की बेटी की पढ़ाई या शादी के लिए लंबी अवधि में फंड तैयार करना है तो SSY एक अच्छा विकल्प होगा।

वहीं, अगर आपको बेटे या बेटी की शिक्षा के लिए बड़े और अपेक्षाकृत लचीला लंबी अवधि का निवेश विकल्प चाहिए तो PPF पर विचार किया जा सकता है।

Shivani Kotnala
शिवानी कोटनालाauthor

शिवानी कोटनाला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। पत्रकारिता के करियर में 3 साल से ज्यादा के अनुभव के साथ शिवानी ने बिजनेस और टेक से जुड़ी खबरों पर काम किया है। यूटीलिटी, शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग से जुड़ी खबरों पर वह लगातार लिख रही हैं। शिवानी ने डिजिटल के साथ-साथ न्यूज एजेंसी में भी काम किया है।

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