Bhopal : राजधानी भोपाल के वाशिंदों के लिए एक अच्छी खबर ये है कि बड़े तालाब की शान 'लेक प्रिंसेस' के नाम से मशहूर क्रूज अब फिर से लोगों को लहरों की सैर कराएगा। बता दें कि गत 22 अगस्त को हुई भारी बरसात और तेज रफ्तार से चली हवाओं के कारण क्रूज डेमेज होकर आधा पानी में डूब गया था। राजधानी के पर्यटन विभाग की ओर से इसे ठीक करवाने में करीब 25 लाख रुपए खर्च किए हैं। वहीं करीब एक महीने से लगातार 12 टेक्नीशियनों की टीम ने दिन- रात मेहनत करके इसे फिर से लहरों संग हिचकोले खाने के लिए तैयार किया है। अब पर्यटन विभाग इसे फिर से लोगों को सैर करवाने के लिए तैयार है।
हैदराबाद की टीम ने मेंटेनेंस किया
पर्यटन निगम के अध्यक्ष विनोद गोंटिया के मुताबिक हैदराबाद की एक कंपनी ने इसे बनाया था। 16 टन वजनी क्रूज को वर्ष 2011 में राजधानी के बड़े तालाब में पहली बार उतारा गया था। इसके बाद इसे 'प्रिंसेस ऑफ लेक' का नाम दिया गया था। अध्यक्ष के मुताबिक क्रूज की मरम्मत के लिए हैदराबाद और कोच्चि से इंजीनियरों की टीम बुलाई गई थी। इंजीनियरों ने निरीक्षण के बाद इसे पानी से सुरक्षित बाहर निकालने के लिए विशाखापट्टनम से सैल्वेजिंग बैलून मंगवाए। इसके बाद टीम ने एस विश्वनाथन की अगुवाई में इसका पूरा आंकलन कर रिपेयरिंग शुरू की। पर्यटन निगम अध्यक्ष के मुताबिक 45 मिनट की सैर के लिए पर हैड 100 रुपए किराया चार्ज किया जाता है।
24 घंटे में बरसा था 6 इंच पानी
पर्यटन निगम अध्यक्ष के मुताबिक गत 22-23 अगस्त को राजधानी भोपाल में लगातार हुई 6 इंच बारिश के कारण क्रूज बड़ा तालाब में आधा डूब गया था। जिसका यहां के लोगों ने वीडियो भी बनाया था जो तेजी से सोशल मीडिया पर ट्रेंड हुआ। मूसलाधार बारिश में क्रूज के डूबने का वीडियो शहर ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश के लोगों ने देखा था। वहीं 65 किमी की रफ्तार से चली तेज हवाओं के कारण तालाब में 10 फीट ऊंची उठी लहरें भी इसके डेमेज होने का प्रमुख कारण थी। इसे रस्सी के सहारे बोट क्लब के लोगों ने बांध दिया था, जिससे यह बच गया। अगर लंगर के सहारे होता तो क्रूज कई हिस्सों में बंटकर पूरा डूब जाता।
