Ayodhya Ram Temple Trust: उत्तर प्रदेश के अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले के बीच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में बड़ा बदलाव किया गया है। ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष रहे गोविंद देव गिरी को अब प्रमोट करते हुए महासचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई है। बता दें कि महासचिव बनने के बाद गोविंद देव गिरी राम मंदिर ट्रस्ट के सबसे ताकतवर ट्रस्टियों में शामिल हो गए हैं।
गोविंद देव गिरी ने कहा कि यह पहली सीढ़ी है हम लोगों के उस स्वप्न की जिसमें हम आरंभ से कहते आए हैं कि हमें अयोध्या को 'द कल्चरल कैपिटल ऑफ द वर्ल्ड' बनाना है। सारी विश्व की सांस्कृतिक राजधानी अयोध्या बन जाए।
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कार्यवाहक महासचिव कृष्ण मोहन ने बताया कि अभी तक 6 जुलाई से मैं अंतरिम महासचिव की जिम्मेदारी निभा रहा था, लेकिन अब समय आ गया था कि हम अब किसी नियमित महासचिव को इस दायित्व का निर्वहन करने का निवेदन करें। मैंने इस काम के लिए गोविंद गिरी जी से प्रार्थना की और उन्होंने इसे स्वीकार कर लिया।
कौन होगा ट्रस्ट का कोषाध्यक्ष?
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, गोविंद देव गिरी को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का महासचिव बनाया गया है जिसके बाद कोषाध्यक्ष के पद पर महेश भागचंदका की नियुक्ति की गई है।
ट्रस्ट को मिला पहला CEO
राम मंदिर ट्रस्ट के अंतरिम महासचिव कृष्ण मोहन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए पहले सीईओ का ऐलान किया। उन्होंने बताया कि एयर मार्शल (रिटायर) जितेंद्र मिश्रा को ट्रस्ट का पहला सीईओ नियुक्त किया गया। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय वायुसेना ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी और उस समय जितेंद्र मिश्रा कमांडर-इन-चीफ के पद पर थे।
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श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कार्यवाहक महासचिव कृष्ण मोहन ने बताया कि ट्रस्ट की बैठक के बाद तीन नए न्यासियों की घोषणा की गई जिसमें महेश भागचंद्र, मदन मोहन पांडे और डॉ. निर्मला यादव का नाम शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि ट्रस्ट की दूसरी बैठक दोपहर 3 बजे हुई, जिसमें नए तीनों न्यासी ऑनलाइन जुड़े। सीईओ के चयन के लिए 6 जुलाई 2026 को तीन सदस्यीय सर्च कमेटी गठित की गई। कमेटी में सेवानिवृत्त मुख्य न्यायाधीश प्रमोद कोहली, सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल वीके चतुर्वेदी और सेवानिवृत्त न्यूक्लियर साइंटिस्ट डॉ. सुरेश हावरे शामिल थे।
