आज हड़ताल के बीच भी चलती रहीं ओला-उबर ऐप टैक्सियां, तो फिर विरोध कितना असरदार?
- Edited by: Pooja Kumari
- Updated Feb 7, 2026, 01:13 PM IST
देशभर में आज ऐप आधारित टैक्सी और ऑटोरिक्शा चालकों ने एक दिवसीय हड़ताल की। एक यूनियन ने अवैध बाइक टैक्सी सेवाओं पर कार्रवाई, किराया नीतियों में सुधार समेत कई मांगों को लेकर विरोध जताया। हालांकि इस दौरान ओला, उबर और रैपिडो जैसी सेवाएं कई शहरों में चालू रहीं।
सांकेतिक फोटो
Mumbai News: ऐप आधारित टैक्सी और ऑटोरिक्शा चालकों ने शनिवार को एक दिवसीय देशव्यापी हड़ताल की। एक यूनियन ने कई मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया था, जिसमें अवैध मोटरसाइकिल टैक्सी सेवाओं के खिलाफ कार्रवाई और ’पैनिक बटन’ लगाने को लेकर शिकायतों का समाधान शामिल है। हालांकि हड़ताल के बीच भी कई शहरों में ओला, उबर और रैपिडो जैसी सेवाएं सीमित रूप से चालू रहीं।
अधिकतर ऑटो और टैक्सी चालकों ने किया हड़ताल का समर्थन
महाराष्ट्र कामगार सभा के प्रमुख डॉ. केशव क्षीरसागर ने ’पीटीआई-भाषा’ से बातचीत में कहा कि हड़ताल आज सुबह महाराष्ट्र और देश के अलग-अलग हिस्सों में शुरू हुई। उन्होंने कहा कि अधिकतर ऑटो-रिक्शा और टैक्सी चालकों ने इस हड़ताल का समर्थन किया है। बहरहाल, यूनियन ने दावा किया कि चालकों ने अपनी गाड़ियां सड़कों से हटा ली हैं, लेकिन दिन की शुरुआत से ही उबर (Uber), ओला (Ola) और रैपिडो (Rapido) जैसी बड़ी कंपनियों के ऐप आधारित मंच पर टैक्सियां और ऑटो-रिक्शा बुकिंग के लिए उपलब्ध थे।
अवैध बाइक टैक्सी पर कार्रवाई की मांग
महाराष्ट्र कामगार सभा ने पहले कहा था कि यह हड़ताल यात्रा सेवा प्रदाता मंचों की ’’मनमानी’’ किराया नीतियों का विरोध करने और ’’अवैध’’ बाइक टैक्सी संचालन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करने के लिए है, जिससे लाइसेंस प्राप्त कैब और ऑटो-रिक्शा चालकों की रोजी-रोटी पर असर पड़ रहा था। 'गिग वर्कर्स' का प्रतिनिधित्व करने वाली यूनियन ने यह भी आरोप लगाया है कि ’पैनिक बटन’ को अनिवार्य रूप से लगवाना ऑपरेटर्स के लिए एक वित्तीय बोझ बन गया है। बता दें कि गिग वर्कर्स (Gig Workers) उन श्रमिकों को कहा जाता है जिनका काम अस्थायी होता है।
(इनपुट - भाषा)
देश और दुनिया की ताजा ख़बरें (Hindi News) पढ़ें हिंदी में और देखें छोटी बड़ी सभी न्यूज़ Times Now Navbharat Live TV पर। शहर (Cities News) अपडेट और चुनाव (Elections) की ताजा समाचार के लिए जुड़े रहे Times Now Navbharat से।
