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झारखंड में मानसूनी बारिश के साथ गिरी आसमानी बिजली, 13 लोगों की मौत; चार घायल; IMD का खतरनाक अलर्ट

झारखंड में गिरिडीह, दुमका और लातेहार में मानसूनी बारिश के दौरान आकाशीय बिजली गिरने से 13 लोगों के मौत की खबर है, जबकि चार अन्य घायल हो गए। मौसम विभाग ने अगले कई घंटों तक राज्य के अधिकांश जिलों में बारिश का अलर्ट जारी रखा है।

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झारखंड में आकाशीय बिजली से 13 मौतें

झारखंड में मानसूनी बारिश का सिलसिला लगातार जारी है। राज्य के अधिकांश भागों पर बादलों की आवाजाही है और कई जिलों में मध्यम से भारी बारिश से नदियों का जलस्तर बढ़ा हुआ है। वहीं, मेघ गर्जन के साथ आकाशीय बिजली जानलेवा साबित हो रही है। इसी बीच मंगलवार को गिरिडीह, दुमका और लातेहार में आकाशीय बिजली गिरने से कम से कम 13 लोगों की मौत हो गई और चार अन्य घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

गिरिडीह में 7 लोगों की मौत

पुलिस के अनुसार, मरने वाले 13 लोगों में से आठ गिरिडीह, तीन दुमका और दो लातेहार से हैं। खोरीमहुआ के उप-संभागीय पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) अमरेंद्र कुमार ने पीटीआई-भाषा को बताया, "गिरिडीह जिले में मेरे उप-संभाग के तहत आने वाले तीन पुलिस थानों के इलाकों में बिजली गिरने से कम से कम सात लोगों की मौत हो गई और तीन अन्य घायल हो गए।

कहां हुए हादसे

एक अन्य अधिकारी ने बताया कि गिरिडीह जिले के बगोदर पुलिस थाना क्षेत्र में भी एक व्यक्ति की मौत हो गई। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि दुमका जिले के रामगढ़ ब्लॉक में बिजली गिरने की अलग-अलग घटनाओं में तीन लोगों की मौत हो गई और एक बच्चे समेत चार अन्य घायल हो गए। पुलिस ने बताया कि लातेहार में अलग-अलग पुलिस थाना क्षेत्रों में बिजली गिरने की घटनाओं में दो लोगों की मौत हो गई और एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई।

मौसम विभाग ने अगले कई दिनों तक राज्य के विभिन्न जिलों में रुक-रुककर बारिश की गतिविधियां जारी रहने के संकेत दिए हैं। इस दौरान आकाशीय बिजली गिरने और बाढ़ की चेतावनी है। लिहाजा, खराब मौसम के दौरान लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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