बिजनेस

एक जैसी Salary होने के बावजूद Loan ऑफर हो सकता है अलग-अलग! जानिए Bank क्यों करते हैं ऐसा

एक जैसी Salary होने के बावजूद बैंक की ओर से दिया जाने वाला लोन ऑफर दो व्यक्तियों के लिए अलग-अलग हो सकता है। जी हां, इसके लिए केवल इनकम मायने नहीं रखती।

Image

एक जैसी सैलरी लेकिन लोन ऑफर क्यों अलग-अलग (Photo: iStock)

आज के समय में घर खरीदने, कार लेने या किसी बड़े खर्च को पूरा करने के लिए बैंक लोन (Bank Loan) ही एक बड़ा सहारा बनता है। आमतौर पर लोगों को लगता है कि अगर दो लोगों की आय समान है, तो बैंक से लगभग एक जैसा लोन मिलना चाहिए। लेकिन ऐसा हमेशा नहीं होता है। कई बार एक ही सैलरी वाले दो लोगों को बैंक अलग-अलग लोन ऑफर करते हैं। इसकी वजह केवल इनकम नहीं, बल्कि कई दूसरे फाइनेंशियल फैक्टर होते हैं।

लोन ऑफर क्यों होता है अलग-अलग

बैंक लोन मंजूर करने से पहले ग्राहक की पूरी वित्तीय स्थिति की जांच करते हैं। इसमें ग्राहक की आय, क्रेडिट स्कोर, मौजूदा कर्ज, खर्च करने की आदत और भुगतान क्षमता जैसी कई चीजें शामिल होती हैं। यही कारण है कि समान वेतन होने के बावजूद किसी व्यक्ति को ज्यादा लोन मिल सकता है, जबकि दूसरे को कम राशि की मंजूरी मिलती है।

क्रेडिट स्कोर

लोन अप्रूवल में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका क्रेडिट स्कोर (Credit Score) की होती है। क्रेडिट स्कोर यह बताता है कि ग्राहक ने पहले लिए गए कर्ज और क्रेडिट कार्ड बिल का भुगतान समय पर किया है या नहीं। आमतौर पर अच्छा क्रेडिट स्कोर बैंक के लिए भरोसे का संकेत होता है।

जिस व्यक्ति का क्रेडिट स्कोर बेहतर होता है, बैंक उसे कम जोखिम वाला ग्राहक मानते हैं। ऐसे ग्राहकों को आसानी से लोन मिल सकता है और कई बार बेहतर ब्याज दर का फायदा भी मिल जाता है। वहीं, कम क्रेडिट स्कोर वाले ग्राहकों को ज्यादा जांच प्रक्रिया से गुजरना पड़ सकता है।

मौजूदा लोन और EMI

अगर किसी व्यक्ति की सैलरी अच्छी है, लेकिन उसके ऊपर पहले से कई लोन चल रहे हैं, तो उसकी लोन लेने की क्षमता कम हो सकती है। बैंक यह देखते हैं कि ग्राहक की मासिक आय का कितना हिस्सा पहले से EMI चुकाने में जा रहा है।

मान लीजिए दो लोगों की मासिक आय समान है, लेकिन एक व्यक्ति पहले से कार लोन और पर्सनल लोन चुका रहा है, जबकि दूसरे पर कोई बड़ा कर्ज नहीं है। ऐसी स्थिति में दूसरे व्यक्ति को अधिक लोन मिलने की संभावना ज्यादा होती है।

नौकरी की स्थिरता

बैंक ग्राहक की नौकरी और आय की स्थिरता को भी ध्यान में रखते हैं। सरकारी नौकरी, बड़ी और स्थिर कंपनी में काम करने वाले कर्मचारियों को बैंक अक्सर कम जोखिम वाला मानते हैं। वहीं, अगर किसी व्यक्ति की नौकरी बार-बार बदली है या उसकी आय नियमित नहीं है, तो बैंक लोन देने से पहले अधिक सावधानी बरत सकते हैं। सेल्फ-एम्प्लॉयड लोगों के लिए बैंक आय के रिकॉर्ड, बिजनेस की स्थिरता और टैक्स दस्तावेजों की जांच करते हैं।

उम्र और लोन अवधि का प्रभाव

लोन देते समय बैंक ग्राहक की उम्र को भी देखते हैं। कम उम्र के व्यक्ति को लंबी अवधि के लिए लोन मिल सकता है, क्योंकि उसके पास भुगतान करने के लिए ज्यादा समय होता है। वहीं, ज्यादा उम्र के आवेदकों के लिए लोन अवधि सीमित हो सकती है, जिससे लोन राशि प्रभावित हो सकती है।

Shivani Kotnala
शिवानी कोटनालाauthor

शिवानी कोटनाला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। पत्रकारिता के करियर में 3 साल से ज्यादा के अनुभव के साथ शिवानी ने बिजनेस और टेक से जुड़ी खबरों पर काम किया है। यूटीलिटी, शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग से जुड़ी खबरों पर वह लगातार लिख रही हैं। शिवानी ने डिजिटल के साथ-साथ न्यूज एजेंसी में भी काम किया है।

और पढ़ें
End of Article