Upcoming IPO Next Week: अगले हफ्ते 5 IPO खुलेंगे। इनमें सैजिलिटी इंडिया, एसीएमई सोलर होल्डिंग्स, स्विगी लिमिटेड, निवा बूपा हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी और नीलम लिनेन एंड गारमेंट्स (इंडिया) के इश्यू शामिल हैं। इनमें से केवल नीलम लिनेन एंड गारमेंट्स (इंडिया) का IPO एसएमई कैटेगरी का है। वहीं बाकी चारों IPO मेनबोर्ड के हैं। आगे जानिए इन सभी की डिटेल।
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ये है सभी IPO की लिस्ट और डिटेल
| IPO का नाम | कब खुलेगा IPO | कब होगा बंद | प्राइस बैंड (रु में) | लॉट साइज (शेयर) |
| सैजिलिटी इंडिया | 5 नवंबर | 7 नवंबर | 28-30 | 500 |
| एसीएमई सोलर होल्डिंग्स | 6 नवंबर | 8 नवंबर | 275-289 | 51 |
| स्विगी | 6 नवंबर | 8 नवंबर | 371-390 | 38 |
| निवा बूपा हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी | 7 नवंबर | 11 नवंबर | अभी घोषित नहीं | अभी घोषित नहीं |
| नीलम लिनेन एंड गारमेंट्स | 8 नवंबर | 12 नवंबर | 20-24 | 6000 |
IPO में निवेश से पहले इन चीजों पर करें गौर
रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस पढ़ेंरेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (आरएचपी) एक आधिकारिक दस्तावेज है जिसे कंपनियों को भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) के पास दाखिल करना होता है। इसमें कंपनी के आईपीओ, उसकी वित्तीय डिटेल, भविष्य की संभावनाओं और मैनेजमेंट के बारे में अन्य बातों के अलावा सभी महत्वपूर्ण जानकारी होती है।
IPO के कारणों को चेक करें
कंपनियाँ IPO क्यों लाती हैं, इसके कई कारण हो सकते हैं। कुछ कंपनियों को अपने बिजनेस के विस्तार और ग्रोथ के लिए फंड की आवश्यकता हो सकती है। कुछ देनदारियों को निपटाने के लिए पैसा जुटाना चाहती हों ऐसा संभव है।
वैल्यूएशन चेक करें
IPO का वैल्यूएशन एक अहम पहलू है। किसी कंपनी का वैल्यूएशन अधिक या कम हो सकता है। यदि IPO वैल्यूएशन कंपनी के शेयरों के इंटरनल प्राइस से बहुत अधिक है, तो कंपनी को अधिक वैल्यूएशन वाली कंपनी कहा जाता है। इसका मतलब यह है कि लिस्टिंग के बाद शेयर गिर सकता है।
डिस्क्लेमर : यहां मुख्य तौर पर आगामी आईपीओ की जानकारी दी गयी है, निवेश की सलाह नहीं। इक्विटी मार्केट में जोखिम होता है, इसलिए निवेश अपने जोखिम पर करें। निवेश करने से पहले एक्सपर्ट की राय जरूर लें।
