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मानसून का बदला-बदला मिजाज; राजस्थान में बारिश की रफ्तार होगी धीमी, हिमाचल में 109 सड़कें बंद तो ओडिशा में हाई अलर्ट

देश के कई हिस्सों में मानसून का मिजाज बदलता नजर आ रहा है, कहीं बारिश थमने लगी है तो कहीं आफत बरकरार है। राजस्थान में बारिश की रफ्तार धीमी पड़ने के संकेत हैं, जबकि हिमाचल में भारी बारिश ने जनजीवन और सड़क यातायात को प्रभावित किया है। उधर, ओडिशा में नए कम दबाव के क्षेत्र से भारी बारिश का खतरा बढ़ गया है और प्रशासन ने राहत-बचाव के लिए मोर्चा संभाल लिया है।

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मानसून ने बदला अपना रुख (AI फोटो)

Monsoon 2026: देश के कई राज्यों में मानसून का असर अब भी अलग-अलग रूपों में देखने को मिल रहा है। राजस्थान में बारिश की गतिविधियां कमजोर पड़ने की संभावना है, हालांकि कुछ इलाकों में हल्की से भारी बारिश दर्ज हुई है। मध्य प्रदेश के मैहर में उफनते नाले को पार करते समय बाइक बहने से तीन लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश के चलते 109 सड़कें बंद हैं और कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, ओडिशा में नए कम दबाव के क्षेत्र के कारण भारी बारिश का खतरा बढ़ गया है और सरकार ने हाई अलर्ट जारी किया है। राज्य में लाखों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है, जबकि राहत और बचाव दलों को संवेदनशील इलाकों में तैनात किया गया है।

राजस्थान में बारिश की गतिविधियों में कमी आने की संभावना

मौसम विभाग के अनुसार राजस्थान में दक्षिण पश्चिम मानसून की गतिविधियों में अभी कमी आने की संभावना है। हालांकि, बीते चौबीस घंटे में राज्य में कई जगह हल्की से भारी बारिश हुई है। मौसम केंद्र जयपुर के अनुसार रविवार सुबह तक के चौबीस घंटे में राज्य के भरतपुर, अलवर, कोटा जिलों के कुछ स्थानों पर भारी बारिश हुई। वहीं जयपुर, डीग, दौसा, धोलपुर, टोंक, करौली, सवाईमाधोपुर, झालावाड़, चित्तौड़गढ़ जिलों में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। इस दौरान सर्वाधिक बारिश नदबई (भरतपुर) में 110 मिलीमीटर हुई। इस बीच राज्य में कई इलाकों में अब भी तापमान काफी ऊंचा बना हुआ है। गंगानगर में शनिवार को दिन में अधिकतम तापमान 38.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग का कहना है कि राज्य में बारिश की गतिविधियों में अभी कमी आएगी। हालांकि इस दौरान कई जगह बादल छाए रहने या हल्की फुल्की बारिश होने की संभावना है।

उफनता नाला पार करते समय पानी में बही मोटरसाइकिल, 3 की मौत

मध्य प्रदेश के मैहर जिले में उफनता नाला पार करते समय मोटरसाइकिल सवार 19 वर्षीय एक युवक और दो बच्चों की पानी में डूबने से मौत हो गई। पुलिस अधिकारी ने बताया कि राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की संयुक्त टीम ने रविवार को सात वर्षीय विराज कुशवाहा, उसके भाई सार्थक कुशवाहा और उनके मामा अंकुल कुशवाहा के शव बरामद किए। देहात थाना प्रभारी पंचराज सिंह ने ’पीटीआई-भाषा’ को बताया कि तीनों शनिवार रात करीब 10 बजे तेंदुहाटी में आयोजित जन्मदिन की पार्टी में शामिल होने के लिए मोटरसाइकिल से जुदा गांव के पास उफनते नाले पर बनी पुलिया पार कर रहे थे। उन्होंने बताया कि युवक उस रास्ते से परिचित नहीं था और संभवतः रास्ते का अंदाजा नहीं लगा पाने के कारण मोटरसाइकिल समेत नाले में गिर गया। सिंह ने बताया कि मोटरसाइकिल बाद में नाले के किनारे पुल के पास फंसी हुई मिली। पीड़ितों के परिजनों ने तलाशी अभियान में कथित देरी के विरोध में रविवार दोपहर राष्ट्रीय राजमार्ग-30 को जाम कर दिया। इसके कारण करीब 500 मीटर तक वाहनों की कतार लग गई और एक एम्बुलेंस भी जाम में फंस गई। पुलिस की अपील के बाद परिजनों ने करीब एक घंटे बाद सड़क से नाकाबंदी हटा ली।

हिमाचल में भारी बारिश से 109 सड़कें बंद

हिमाचल प्रदेश में रविवार को भारी बारिश के कारण 109 सड़कों को यातायात के लिए बंद करना पड़ा। वहीं, स्थानीय मौसम विभाग ने 17 और 18 अगस्त को राज्य के चार जिलों में कुछ जगहों पर मूसलाधार बारिश की संभावना के मद्देनजर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार, सोमवार को बिलासपुर, चंबा, कांगड़ा और मंडी जिलों के लिए तथा मंगलवार को ऊना, चंबा और कांगड़ा जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि कांगड़ा जिले के पालमपुर के पास ठाकुरद्वारा में रविवार सुबह पेड़ गिरने से दो परिवार बाल-बाल बचे। पेड़ गिरने से इमारत, आसपास की दुकानों और खड़े वाहनों को नुकसान पहुंचा। इसके कारण पालमपुर-हमीरपुर राजमार्ग पर कुछ समय के लिए यातायात बाधित रहा। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, शनिवार शाम से कांगड़ा जिले के कई हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश दर्ज की गई। पिछले 24 घंटे में धर्मशाला में सबसे अधिक 126.3 मिलीमीटर बारिश हुई। इसके बाद पालमपुर में 55 मिलीमीटर और कांगड़ा में 34.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र के अनुसार, मंडी में 43, कुल्लू में 33, सिरमौर में आठ, शिमला में सात, चंबा और कांगड़ा में छह-छह, ऊना में चार और लाहौल-स्पीति में दो सड़कें बंद हैं। अधिकारियों ने बताया कि बारिश के कारण 216 पेयजल आपूर्ति योजनाएं और सात बिजली ट्रांसफॉर्मर भी प्रभावित हुए हैं। राज्य में 30 जून को मॉनसून आने के बाद से बारिश से जुड़ी घटनाओं में 79 लोगों की मौत हुई है, जिनमें से 14 लोगों की मौत भूस्खलन और एक की मौत अचानक आई बाढ़ के कारण हुई। अधिकारियों के अनुसार, राज्य को अब तक बारिश से करीब 973 करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान है।

ओडिशा में हाई अलर्ट जारी

वहीं मौसम विभाग ने बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने एक नए कम दबाव के क्षेत्र के कारण कुछ इलाकों में अत्यधिक भारी बारिश का पूर्वानुमान जताये जाने के बाद ओडिशा सरकार ने रविवार को राज्यभर में हाई अलर्ट जारी किया। एक अधिकारी ने बताया कि भारी बारिश लगातार दूसरे दिन जारी रहने के बीच राज्य में 2.37 लाख से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। उन्होंने बताया कि भारी बारिश से बाढ़ प्रभावित उत्तरी जिलों के लोगों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। मुख्य सचिव अनु गर्ग ने बताया कि सभी सरकारी कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं और छुट्टी पर गए कर्मचारियों को तत्काल ड्यूटी पर लौटने के लिए कहा गया है। गर्ग ने आईएमडी के पूर्वानुमान जताये जाने के बाद स्थिति की समीक्षा की। गर्ग ने संवाददाताओं से कहा, "हमने सभी जिलाधिकारियों को हाई अलर्ट पर रहने को कहा है क्योंकि आईएमडी ने 16 से 18 अगस्त तक तीन दिनों के लिए बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया है।" उन्होंने बताया कि अचानक आई बाढ़ से 49 प्रखंडों और पांच शहरी क्षेत्रों के तहत 331 ग्राम पंचायतों के 947 गांवों में 5.15 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। अधिकारी ने बताया कि राज्य में अब तक 2.37 लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर 293 राहत शिविरों में पहुंचा गया। गर्ग ने बताया कि सबसे अधिक प्रभावित बालासोर, भद्रक और जाजपुर जिलों में तीन वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों को भेजा गया है। उन्होंने बताया कि ये अधिकारी जिला प्रशासन के साथ समन्वय करेंगे और राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी करेंगे। अधिकारी ने बताया कि जल संसाधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य अभियंताओं को भी तटबंधों की सुरक्षा की निगरानी करने और तटबंध टूटने की स्थिति में तत्काल मरम्मत कराने के लिए तैनात किया गया है। गर्ग ने बताया कि संवेदनशील इलाकों में करीब 90 बचाव दल तैनात किए गए हैं, इनमें ओडिशा आपदा त्वरित कार्रवाई बल (ओडीआरएएफ) के 36, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के सात और अग्निशमन सेवा के 47 दल शामिल हैं। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य, जल संसाधन, आवास एवं शहरी विकास तथा मत्स्य एवं पशु संसाधन विभागों की टीमें भी प्रभावित इलाकों में तैनात की गई हैं।

Nilesh DwivedI
निलेश द्विवेदीauthor

निलेश द्विवेदी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में काम कर रहे हैं। वे शहरों से जुड़ी लोकल घटनाएं, क्राइम, राजनीति, इंफ्रास्ट्रक्चर और राज्यवार अपडेट्स पर लगातार काम करते हैं। निलेश महत्वपूर्ण विवरणों को चुनने और पाठकों की रुचि के हिसाब से कंटेंट को प्रभावी तरीके से पेश करने के लिए जाने जाते हैं। डिजिटल न्यूजरूम के रफ्तार भरे माहौल में वे हर खबर को सटीक एंगल, आसान भाषा और उपयोगी जानकारी के साथ पेश करने पर फोकस करते हैं और अबतक 2,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं।

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