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Sensex 210 और Nifty 159 अंक लुढ़ककर बंद, 4 वजहों से पलटा मार्केट का मूड

शेयर बाजार में अगस्त का दूसरा दिन बिकवाली के नाम रहा। बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही लाल निशान में बंद हुए। बहरहाल, आज 5 वजहों से बाजार में गिरावट देखने को मिली।

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शेयर बाजार में गिरावट

Share Market Today Sensex Nifty : शेयर बाजार में मंगलवार को चार दिनों की लगातार तेजी पर ब्रेक लग गया। Sensex 210.08 अंक गिरकर 78,428.95 पर बंद हुआ, जबकि Nifty 159.40 अंक टूटकर 24,614.90 पर आ गया। कारोबार के दौरान सेंसेक्स अपने दिन के उच्चतम स्तर से करीब 800 अंक तक फिसल गया। बाजार में सबसे ज्यादा दबाव बैंकिंग, रियल्टी, आईटी और ऑयल एंड गैस शेयरों में देखने को मिला। विश्लेषकों का मानना है कि यह गिरावट फिलहाल बड़ी कमजोरी नहीं, बल्कि तेज रैली के बाद आई सामान्य मुनाफावसूली है।

चार दिन की रैली के बाद मुनाफावसूली

पिछले चार कारोबारी सत्रों में बाजार में अच्छी तेजी देखने को मिली थी। इसी का फायदा उठाते हुए मंगलवार को कई निवेशकों ने ऊंचे स्तर पर मुनाफावसूली की। इसका असर पूरे बाजार पर दिखा और दोनों प्रमुख सूचकांक लाल निशान में बंद हुए। मंगलवार को मीडिया और मेटल सेक्टर को छोड़ दें तो लगभग सभी सेक्टोरल इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए। सबसे ज्यादा दबाव प्राइवेट बैंक, रियल्टी, बैंकिंग, आईटी, फाइनेंशियल सर्विसेज

और ऑयल एंड गैस में देखने को मिली। निफ्टी रियल्टी 2.39% और निफ्टी प्राइवेट बैंक 0.66% की गिरावट के साथ सबसे कमजोर सेक्टरों में रहे।

बड़े शेयरों ने बढ़ाया दबाव

आज की गिरावट में कुछ दिग्गज शेयरों ने बाजार पर सबसे ज्यादा दबाव बनाया। सबसे ज्यादा टूटने वाले शेयरों में ग्रासिम इंडस्ट्रीज, HDFC लाइफ

हिंदुस्तान यूनिलीवर रहे। वहीं, दूसरी ओर ट्रेंट, हिंदाल्को, जियो फाइनेंशियल सर्विसेज, अपोलो हॉस्पिटल्स और आईटीसी जैसे शेयरों में खरीदारी देखने को मिली, लेकिन ये बाजार को संभालने के लिए पर्याप्त नहीं रही।

24,700 बना बड़ी चुनौती

तकनीकी विश्लेषकों के मुताबिक निफ्टी को नई तेजी पकड़ने के लिए 24,700 के ऊपर मजबूती से टिकना होगा। अगर निफ्टी इस स्तर के ऊपर निकलता है तो 24,900 और 25,000 तक तेजी का रास्ता खुल सकता है। वहीं नीचे की ओर 24,600 पहला और 24,500 दूसरा अहम सपोर्ट माना जा रहा है। विश्लेषकों का कहना है कि 5 अगस्त को आने वाली RBI की मौद्रिक नीति बाजार की अगली दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकती है।

India VIX और कच्चे तेल ने बढ़ाया डर

बाजार में डर का पैमाना माने जाने वाला India VIX बढ़कर 12.14 पर पहुंच गया, जो आने वाले दिनों में बढ़ी हुई अस्थिरता का संकेत देता है। उधर अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड 2% से ज्यादा चढ़कर 85 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गया। अमेरिका-ईरान तनाव और तेल आपूर्ति को लेकर बनी अनिश्चितता के कारण कच्चे तेल में तेजी आई। महंगा तेल भारत जैसे आयातक देश के लिए महंगाई और कंपनियों की लागत बढ़ाने वाला कारक माना जाता है।

बाजार में गिरावट की 4 बड़ी वजहें

चार दिनों की लगातार तेजी के बाद निवेशकों ने मुनाफावसूली की, जिससे ऊंचे स्तरों पर बिकवाली बढ़ी यह पहली वजह रही। दूसरी वजह तकनीकी स्तर हैं। खासतौर पर निफ्टी 24,700 के ऊपर टिकने में नाकाम रहा, जिससे शॉर्ट टर्म बिकवाली का दबाव बना। तीसरी वजह India VIX बढ़कर 12.14 पर पहुंच गया, जो बाजार में बढ़ती अस्थिरता का संकेत है। इसके अलावा चौथी वजह ब्रेंट क्रूड 85 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंचने से महंगाई और कंपनियों की लागत बढ़ने की आशंका ने भी निवेशकों का सेंटीमेंट कमजोर किया।

Yateendra Lawaniya
यतींद्र लवानियाauthor

प्रिंट और डिजिटल मीडिया में बिजनेस एवं इकोनॉमी कैटेगरी में 10 वर्षों से अधिक का अनुभव। पिछले 7 वर्षों से शेयर बाजार, कॉरपोरेट सेक्टर और आर्थिक नीतियों से जुड़ी खबरों पर विशेष पकड़। लेखन में केवल हेडलाइन तक सीमित न रहकर आंकड़ों, नीतिगत फैसलों और कॉरपोरेट दावों के पीछे की वास्तविक तस्वीर को बैलेंस्ड और आसान शब्दों में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास। वर्तमान में Times Now Hindi के लिए बाजार की हर हलचल और आर्थिक घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।

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