Retirement Planning: नौकरी में रहते पैसे की टेंशन नहीं होती है क्योंकि मंथली सैलरी आती रहती है। वहीं, रिटायरमेंट के बाद रेगुलर इनकम रुक जाती है। इसलिए जरूरी है कि नौकरी में रहते ही रिटायरमेंट की प्लानिंग की जाए। आज हम आपको 6 बेहतरीन निवेश विकल्प बता रहे हैं। इनमें आप निवेश कर अपनी रिटायरमेंट प्लानिंग के लिए बड़ी रकम जमा कर सकते हैं। सबसे अच्छी बात यह है कि आप अपनी बचत के अनुसार इनमें निवेश की शुरुआत कर सकते हैं।
बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट
अगर आप रिटायरमेंट प्लानिंग के लिए निवेश करना चाहते हैं तो आप बैंक एफडी को चुन कसते हैं। बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) एक भरोसेमंद विकल्प हो सकता है। गारंटीड रिटर्न के लिए आप एफडी में निवश कर सकते हैं। यह उन लोगों के लिए उपयुक्त है जो जोखिम लेने से बचना चाहते हैं और अपनी पूंजी को सुरक्षित रखना चाहते हैं। बैंक अलग-अलग अवधि की एफडी योजनाएं उपलब्ध कराते हैं, जिससे निवेशक अपनी जरूरत और वित्तीय लक्ष्यों के अनुसार अवधि चुन सकते हैं।
स्पेशलाइज्ड इन्वेस्टमेंट फंड्स
इन्हें SEBI में रजिस्टर्ड और योग्य म्यूचुअल फंड द्वारा शुरू किया जाता है और इनकी मैनेजमेंट उनकी एसेट मैनेजमेंट कंपनी (AMC) करती है। पारंपरिक म्यूचुअल फंड की तुलना में SIFs ज्यादा फ्लेक्सिबिलिटी देते हैं। ये उन निवेशकों के लिए हैं जो म्यूचुअल फंड के दायरे में रहते हुए एडवांस्ड इन्वेस्टमेंट स्ट्रेटेजी अपनाना चाहते हैं। किसी खास SIF में सभी इन्वेस्टमेंट स्ट्रेटेजी के लिए PAN लेवल पर आम तौर पर कम से कम ₹10 लाख का इन्वेस्टमेंट करना होता है।
नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS)
यह सरकार द्वारा समर्थित रिटायरमेंट सेविंग स्कीम है, जिसे पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (PFRDA) रेगुलेट करती है। सैलरी पाने वाले और खुद का काम करने वाले, दोनों तरह के लोग NPS में शामिल हो सकते हैं। इसमें इक्विटी, सरकारी सिक्योरिटीज़, कॉर्पोरेट बॉन्ड और दूसरे तरह के एसेट्स में निवेश किया जाता है। रिटायरमेंट के समय, सब्सक्राइबर्स जमा हुई रकम का कुछ हिस्सा एकमुश्त निकाल सकते हैं, जबकि बाकी रकम का इस्तेमाल एन्युइटी खरीदने के लिए किया जाता है, जिससे रेगुलर पेंशन मिलती है। इस स्कीम में टैक्स का फायदा भी मिलता है।
अटल पेंशन योजना
मुख्य रूप से असंगठित क्षेत्र के वर्कर्स के लिए बनाई गई अटल पेंशन योजना (APY) में 18 से 40 साल की उम्र के लोग शामिल हो सकते हैं। सब्सक्राइबर्स 60 साल की उम्र तक योगदान करते हैं और अपने योगदान के आधार पर ₹1,000 से ₹5,000 तक की गारंटीड मंथली पेंशन पाते हैं। यह स्कीम भी सरकार द्वारा समर्थित है और गारंटीड रिटर्न देती है, जिससे यह रिटायरमेंट के बाद की इनकम के लिए कम जोखिम वाला विकल्प बन जाती है।
सिस्टमैटिक विड्रॉल प्लान
यह प्लान निवेशकों को रिटायरमेंट के बाद अपने म्यूचुअल फंड निवेश से रेगुलर अंतराल पर एक निश्चित रकम निकालने की सुविधा देता है। कई निवेशक पहले सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) के जरिए रिटायरमेंट के लिए फंड जमा करते हैं और बाद में रेगुलर इनकम पाने के लिए SWP का इस्तेमाल करते हैं।
पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम
सरकार द्वारा समर्थित एक और सेविंग ऑप्शन, जो हर महीने निश्चित ब्याज देता है, वह है पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम (POMIS)। निवेशक पांच साल की अवधि के लिए सिंगल अकाउंट में ₹9 लाख तक और जॉइंट अकाउंट में ₹15 लाख तक जमा कर सकते हैं। मौजूदा ब्याज दर 7.4% सालाना होने के कारण, POMIS उन रिटायर लोगों के लिए एक लोकप्रिय विकल्प बना हुआ है जो निश्चित मंथली इनकम और कैपिटल प्रोटेक्शन चाहते हैं।
निवेश करते समय इन बातों का रखें ध्यान
- अपनी मासिक जरूरत के हिसाब से निवेश करें।
- एक ही योजना पर निर्भर रहने की बजाय पोर्टफोलियो में विविधता रखें।
- महंगाई को ध्यान में रखकर लंबी अवधि की योजना बनाएं।
- टैक्स और लिक्विडिटी को भी निवेश से पहले समझें।
- किसी भी योजना में निवेश से पहले उसकी ब्याज दर और नियम जरूर जांच लें।
