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पाकिस्तान में महा-आर्थिक संकट: पेट्रोल 384 रुपये के पार, सरकार ने लागू किए कड़े बचत नियम, शादियों में मिलेगी सिर्फ 1 ही डिश, 9 बजे बंद होंगे बाजार

वैश्विक तेल संकट और बढ़ते पेट्रोल-डीजल के दामों के चलते पाकिस्तान सरकार ने 3 महीने के लिए कड़े बचत नियम लागू किए हैं। इसके तहत बाजार 9 बजे बंद होंगे, शादियों में केवल एक डिश मिलेगी और सरकारी ईंधन आवंटन 50% घटा दिया गया है।

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तेल का झटका, पाकिस्तान में सन्नाटा (Newsroom verified AI generated Image)

पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य तनाव और वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई तेजी ने पाकिस्तान में ऊर्जा और आर्थिक संकट को गहरा कर दिया है। देश में ईंधन, गैस और बिजली की संभावित किल्लत से निपटने के लिए पाकिस्तान की सरकार ने पूरे देश के लिए एक व्यापक आपातकालीन बचत योजना (ऑस्टेरिटी मेजर्स) को मंजूरी दी है। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब सरकार ने मंगलवार को ही पेट्रोल के दाम में 4.10 रुपये प्रति लीटर और हाई-स्पीड डीजल में 6.41 रुपये प्रति लीटर की भारी बढ़ोतरी की थी। इस वृद्धि के बाद देश में पेट्रोल की कीमत 384.34 रुपये प्रति लीटर और डीजल 415.83 रुपये प्रति लीटर के ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच गई है।

3 महीने के लिए लागू होंगी नई पाबंदियां

गहराते आर्थिक दबाव के बीच पाकिस्तानी कैबिनेट द्वारा मंजूर किए गए ये सख्त नियम शुरुआती तौर पर तीन महीने की अवधि के लिए लागू रहेंगे। सरकार का मुख्य उद्देश्य सरकारी खर्चों में सीधी कटौती करना और देश भर में ईंधन की खपत को कम से कम करना है। फिलहाल ये पाबंदियां मुख्य रूप से राजधानी इस्लामाबाद में लागू की गई हैं, लेकिन संघीय सरकार ने प्रांतीय और क्षेत्रीय सरकारों से भी अपने-अपने इलाकों में ऐसे ही कदम उठाने की अपील की है ताकि राष्ट्रीय स्तर पर संसाधनों की बचत की जा सके।

सरकारी गाड़ियों के ईंधन में 50% की कटौती और यात्राओं पर रोक

सरकार ने खर्च कम करने की शुरुआत खुद अपने तंत्र से की है। नए आदेश के तहत सभी सरकारी वाहनों के लिए मिलने वाले ईंधन को आधा यानी 50 प्रतिशत तक घटा दिया गया है। इसके साथ ही नए सरकारी वाहनों की खरीद पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। सरकारी अधिकारियों के विदेश दौरों और देश के भीतर बैठकों के लिए की जाने वाली यात्राओं को प्रतिबंधित कर दिया गया है; अधिकारियों को हिदायत दी गई है कि वे केवल वर्चुअल माध्यम से ही बैठकें आयोजित करें। गैर-कर्मचारी खर्चों में 5% की सीधी कटौती की गई है और किसी भी प्रकार के आधिकारिक रात्रिभोज (ऑफिशियल डिनर) पर प्रतिबंध लगा दिया गया है, केवल विदेशी मेहमानों या प्रतिनिधिमंडलों के सम्मान में होने वाले कार्यक्रमों को ही इसमें छूट दी गई है।

बाजार, मॉल और दुकानों के लिए सख्त समय-सीमा

ऊर्जा की बचत के लिए व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर समय की पाबंदी लगा दी गई है। सभी दुकानों, बाजारों, शॉपिंग मॉल, रिटेल आउटलेट्स, किराना दुकानों और जनरल स्टोर्स को रात 9 बजे तक हर हाल में बंद करने का निर्देश दिया गया है। इसके अलावा, रेस्टोरेंट, कैफे, भोजनालयों और स्टैंडअलोन फल-सब्जी की दुकानों के लिए रात 11 बजे का समय तय किया गया है। हालांकि, आम लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए होम डिलीवरी और टेक-अवे सेवाओं को इस समय सीमा से बाहर रखा गया है।

10 बजे मैरिज हॉल बंद और सिर्फ एक डिश का नियम

पाकिस्तानी शादियों में होने वाली फिजूलखर्ची और देर रात तक जलने वाली बिजली पर लगाम कसने के लिए कड़े नियम बनाए गए हैं। सभी मैरिज हॉल, मैरिज मार्की और शादी से जुड़े अन्य व्यावसायिक स्थलों को रात 10 बजे तक बंद करना अनिवार्य कर दिया गया है। इसके साथ ही, जारी अधिसूचना के अनुसार शादी के सभी कार्यक्रमों में मेहमानों के लिए सिर्फ एक व्यंजन (सिंगल डिश) परोसने की इजाजत होगी।

सुरक्षा और जरूरी सेवाओं को राहत

हालांकि पाकिस्तानी सरकार ने कई क्षेत्रों पर कड़े प्रतिबंध लगाए हैं, लेकिन आम जनजीवन और आपातकालीन सेवाओं पर इसका असर न पड़े, इसके लिए कुछ क्षेत्रों को छूट दी गई है। सशस्त्र बलों, कानून प्रवर्तन एजेंसियों और आवश्यक सरकारी सेवाओं में लगे वाहनों को ईंधन कटौती से अलग रखा गया है। इसके अतिरिक्त मेडिकल स्टोर, क्लीनिक, अस्पताल, पैथोलॉजी लैब, बेकरी, तंदूर, डेयरी दुकानें, पेट्रोल व सीएनजी पंप, ईवी चार्जिंग स्टेशन, जिम, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, आईटी कंपनियां और कॉल सेंटर चौबीसों घंटे बिना किसी समय पाबंदी के संचालित हो सकेंगे।

वैश्विक तनाव और तेल की बढ़ती कीमतें

पाकिस्तान में आया यह आर्थिक संकट पश्चिम एशिया में जारी अशांति का सीधा परिणाम है। सऊदी अरब के ईस्ट-वेस्ट तेल पाइपलाइन पर हुए हवाई हमले के बाद बुनियादी ऊर्जा ढांचे को पहुंचे नुकसान ने वैश्विक आपूर्ति व्यवस्था को प्रभावित किया है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में आई उछाल के कारण पाकिस्तान जैसे आयात-निर्भर देश के लिए आर्थिक संतुलन बनाए रखना बेहद कठिन हो गया है, जिसके चलते सरकार को ये कठोर निर्णय लेने पड़े हैं।

Ramanuj Singh
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

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