देश में एयरटेल के लगभग 41 करोड़ यूजर्स मौजूद हैं। टेलिकॉम सेक्टर की दूसरी सबसे बड़ी कंपनी एयरटेल के देशभर में 41 करोड़ यूजर्स मौजूद हैं। इतनी बड़ी संख्या में मौजूद एयरटेल यूजर्स के लिए कंपनी की ओर से एक बड़ा एलान किया गया है। दूरसंचार क्षेत्र के दिग्गज सुनील भारती मित्तल ने कहा कि वह अगले 10 साल में भारती एयरटेल लिमिटेड की कमान अपने बच्चों को सौंपने की योजना बना रहे हैं। साथ ही उनकी इच्छा प्रवर्तक कंपनी भारती टेलीकॉम में फिर से 50 प्रतिशत से अधिक हिस्सेदारी हासिल करने की भी है।
मित्तल और सिंगटेल समूह के स्वामित्व वाली भारती टेलीकॉम के पास वर्तमान में एयरटेल में 40.47 प्रतिशत हिस्सेदारी है। प्रवर्तक कंपनियां भारती टेलीकॉम, मित्तल परिवार की होल्डिंग कंपनी इंडियन कॉन्टिनेंट इन्वेस्टमेंट, सिंगटेल ग्रुप की कंपनी पास्टेल और अन्य मिलकर एयरटेल में 48.87 प्रतिशत हिस्सेदारी रखती हैं।
बच्चों के हाथ होगी Airtel की कमान
पीटीआई (भाषा) की एक रिपोर्ट के अनुसार, भारती एयरटेल की जनवरी-मार्च तिमाही के नतीजों की घोषणा के दौरान मित्तल ने कहा, "मुझे पता है कि एकदम सटीक भविष्यवाणी करना मुश्किल है लेकिन मेरी इच्छा है कि अगले दशक में जब मैं शेयरधारकों के रूप में अगली पीढ़ी को बागडोर सौंपने के मुकाम तक जाऊं तब तक भारती टेलीकॉम को 51 प्रतिशत या 50 प्रतिशत से थोड़ा अधिक की नियंत्रक शेयरधारिता हासिल कर लेनी चाहिए।"
भारती टेलीकॉम की हिस्सेदारी बढ़ाने की योजना
उन्होंने कहा कि एयरटेल में भारती टेलीकॉम की हिस्सेदारी 10 प्रतिशत बढ़ाने के लिए बड़ी पूंजी की आवश्यकता होगी, जो मौजूदा शेयर मूल्य एवं बाजार पूंजीकरण के आधार पर लगभग एक लाख करोड़ रुपये के निवेश के बराबर है।
मित्तल ने कहा कि मूल विचार यह है कि नियंत्रण एवं प्रवर्तक शेयरधारिता एक ही कंपनी के माध्यम से होनी चाहिए। भारती टेलीकॉम ऐतिहासिक रूप से इस कंपनी की संस्थापक प्रवर्तक रही है और लंबे समय तक इसके पास 51 प्रतिशत नियंत्रक हिस्सेदारी रही है।
अगले तीन-चार वर्षों में बढ़ेगी हिस्सेदारी
उन्होंने कहा कि अगले तीन से चार वर्ष में प्रदर्शन के आधार पर एयरटेल में हिस्सेदारी बढ़ाई जा सकती है, जो शीर्ष प्रबंधन द्वारा संचालन एवं नकदी प्रवाह सृजन पर निर्भर करेगा। सिंगटेल के पास एयरटेल में करीब सात प्रतिशत प्रत्यक्ष हिस्सेदारी है।
मित्तल ने कहा कि सिंगटेल की हिस्सेदारी घटाने की प्रक्रिया जारी है और नई संरचना के बाद हिस्सेदारी अंतर कम हो जाएगा। उन्होंने कहा कि आने वाले तीन से चार वर्ष में 3.6 प्रतिशत की शेष हिस्सेदारी हासिल करने की योजना एयरटेल के प्रदर्शन, शेयर की पुनर्खरीद और लाभांश जैसे कारकों पर निर्भर करेगी।
30 सितंबर 2031 तक बढ़ा कार्यकाल
मित्तल का वर्तमान कार्यकाल 30 सितंबर को समाप्त होना था लेकिन इसे 30 सितंबर, 2031 तक पांच वर्ष के लिए फिर से बढ़ा गया है। एयरटेल ने जनवरी-मार्च तिमाही में 33.5 प्रतिशत की गिरावट के साथ 7,325 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया, जबकि वार्षिक राजस्व पहली बार दो लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गया।
