बिजनेस

ITR Filing Deadline 2026: ITR फाइल करने के लिए बचे हैं सिर्फ कुछ दिन! सबमिट करने से पहले निपटा लें ये 5 जरूरी काम

इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तारीख 31 जुलाई 2026 बेहद करीब है और अब सिर्फ कुछ ही दिन बचे हैं। अंतिम समय की हड़बड़ी और नोटिस से बचने के लिए ITR फॉर्म सबमिट करने से पहले 5 महत्वपूर्ण जांच पूरी करना बेहद जरूरी है।

Image

ITR फाइल करने के लिए बचे हैं सिर्फ कुछ दिन!

आयकर विभाग द्वारा करदाताओं के लिए वित्त वर्ष 2025-26 (आकलन वर्ष 2026-27) का इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) दाखिल करने की समय सीमा 31 जुलाई तय की गई है। डेडलाइन में केवल कुछ ही दिन बचे हैं, ऐसे में अंतिम समय में जल्दबाजी में रिटर्न जमा करने से गलतियों की संभावना काफी बढ़ जाती है। कर विशेषज्ञों का मानना है कि हड़बड़ी में गलत डेटा दर्ज करने से करदाताओं को नोटिस आ सकता है या उनका रिफंड अटक सकता है। इसलिए, 'सबमिट' बटन दबाने से पहले प्रत्येक करदाता को 5 बुनियादी जांच (5 Checks) पूरी कर लेनी चाहिए ताकि उनका रिटर्न पूरी तरह से सही और वैध माना जाए।

सबमिट बटन दबाने से पहले 5 गलतियां चेक कर ले

  • सबसे पहला और महत्वपूर्ण काम है फॉर्म 16 को AIS और फॉर्म 26AS से मिलाना। अक्सर लोग केवल अपने नियोक्ता (Employer) द्वारा दिए गए फॉर्म 16 के आधार पर रिटर्न भर देते हैं। हालांकि, आपको आयकर पोर्टल पर उपलब्ध एनुअल इंफॉर्मेशन स्टेटमेंट (AIS) और फॉर्म 26AS से अपनी आय और काटे गए टीडीएस (TDS) का मिलान करना चाहिए। यदि आपके बैंक खाते से कटा टीडीएस या अन्य कटौतियां फॉर्म 26AS में सही से नहीं दिख रही हैं, तो उसे तुरंत दुरुस्त करवाएं।
  • दूसरा काम यह है कि अपनी सभी आय के स्रोतों के दस्तावेज तैयार रखें। केवल सैलरी ही नहीं, बल्कि बचत खाते का ब्याज, एफडी (FD) का ब्याज, शेयर बाजार या म्यूचुअल फंड से हुआ कैपिटल गेन और किराए की आय जैसे विवरणों को भी जोड़ें। कई बार बैंक ब्याज की अनदेखी करने पर टैक्स डिपार्टमेंट से मिसमैच का नोटिस आ जाता है।
  • तीसरी जरूरी जांच है सही टैक्स रिजीम (Old vs New Tax Regime) का चयन और बकाए टैक्स का भुगतान। फाइलिंग से ठीक पहले यह तुलना जरूर कर लें कि पुरानी टैक्स व्यवस्था में ज्यादा छूट मिल रही है या नई टैक्स व्यवस्था में। इसके साथ ही, यदि सभी गणनाओं के बाद आपका कोई अतिरिक्त टैक्स (Self-Assessment Tax) बकाया निकल रहा है, तो रिटर्न जमा करने से पहले उसका चालान जमा करके भुगतान सुनिश्चित करें।
  • चौथी बात, सही ITR फॉर्म चुनना और व्यक्तिगत ब्योरे की जांच करना अनिवार्य है। गलत फॉर्म (जैसे ITR-1 की जगह ITR-2 या इसके विपरीत) का चयन आपके रिटर्न को अमान्य (Defective Return) बना सकता है। इसके साथ ही अपने नाम, पैन (PAN), आधार (Aadhaar) और बैंक खाते के आईएफएससी (IFSC) कोड को ध्यानपूर्वक री-चेक करें ताकि रिफंड सीधे आपके खाते में बिना रुकावट आ सके।
  • पांचवां और सबसे अंतिम पड़ाव है रिटर्न का ई-वेरिफिकेशन (e-Verification)। आईटीआर सबमिट कर देना पूरी प्रक्रिया का केवल पहला चरण है। जब तक आप आधार ओटीपी (Aadhaar OTP), नेट बैंकिंग या ईवीसी (EVC) के जरिए इसे वेरिफाई नहीं करते, तब तक आपका रिटर्न अधूरा माना जाएगा। 30 दिनों के भीतर वेरिफिकेशन न होने पर आयकर विभाग इसे खारिज कर देता है।

इसलिए, यदि आप 31 जुलाई की डेडलाइन से ठीक पहले अपना रिटर्न भर रहे हैं, तो फॉर्म सबमिट करते ही तुरंत ई-वेरिफाई करें और उसकी एक्नॉलेजमेंट कॉपी डाउनलोड करके भविष्य के लिए सुरक्षित रख लें। इन 5 सरल चरणों का पालन करके आप जुर्माने और आयकर नोटिस के झंझट से पूरी तरह बच सकते हैं।

Richa Tripathi
रिचा त्रिपाठीauthor

रिचा त्रिपाठी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बिजनेस डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 7 वर्षों के अनुभव के साथ रिचा, पर्सनल फाइनेंस, स्टॉक मार्केट, टैक्स प्लानिंग और अर्थव्यवस्था से जुड़े विषयों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। अब तक 8,000 से अधिक कंटेंट लिख चुकी रिचा की विशेषता है—जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और भरोसेमंद तरीके से पाठकों तक पहुंचाना। वह ऐसी स्टोरीज तैयार करती हैं जो न केवल जानकारीपूर्ण होती हैं, बल्कि आम पाठक की वित्तीय समझ को बेहतर बनाने में भी मदद करती हैं।

और पढ़ें
End of Article