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पुरानी बीमा पॉलिसी खो गई है? इन आसान तरीकों से मिनटों में पता करें डिटेल्स

Lost Insurance Policy: अगर आपकी पुरानी इंश्योरेंस पॉलिसी खो गई है, तो परेशान न हों। आप ई-मेल, डिजिटल रिपोजिटरी (eIA), एजेंट या बीमा लोकपाल की मदद से आसानी से अपनी पॉलिसी डिटेल्स दोबारा प्राप्त कर सकते हैं।

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पुरानी बीमा पॉलिसी खो गई है? ऐसे पता करें डिटेल्स

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Lost Insurance Policy : समय के साथ अक्सर लोग अपनी पुरानी बीमा पॉलिसी के कागजात कहीं रखकर भूल जाते हैं या वे खो जाते हैं। पहले के समय में खोई हुई पॉलिसी को ढूंढना एक दुःस्वप्न जैसा था, लेकिन आज के डिजिटल युग में अपनी खोई हुई पॉलिसी की डिटेल्स (insurance policy details) निकालना बेहद आसान हो गया है। अगर आपके पास पॉलिसी नंबर नहीं भी है, तो भी आप कुछ बुनियादी जानकारियों जैसे नाम, जन्मतिथि और पैन कार्ड की मदद से अपनी पॉलिसी का पता लगा सकते हैं।

अपने रजिस्टर्ड ई-मेल और एसएमएस इनबॉक्स को खंगालें

आजकल करीब सभी बीमा कंपनियां पॉलिसी जारी करते ही ग्राहक के रजिस्टर्ड ई-मेल आईडी और मोबाइल नंबर पर डिजिटल कॉपी (e-Policy) और मैसेज भेजती हैं। सबसे पहले अपने ई-मेल के सर्च बार में जाकर 'Insurance', 'Policy', या अपनी बीमा कंपनी का नाम लिखकर सर्च करें। मुमकिन है कि आपको वहां अपनी पॉलिसी का पीडीएफ (PDF) या पॉलिसी नंबर मिल जाए। इसके अलावा, अपने बैंक स्टेटमेंट की जांच करें, जहां से प्रीमियम का भुगतान हुआ था; वहां भी ट्रांजैक्शन डिटेल्स में पॉलिसी नंबर मिल सकता है।

इंश्योरेंस रिपोजिटरी (eIA) की लें मदद

बीमा नियामक IRDAI ने पॉलिसीधारकों के लिए इलेक्ट्रॉनिक इंश्योरेंस अकाउंट (eIA) की सुविधा शुरू की है। मुख्य रूप से चार रिपोजिटरी काम करती हैं, NSDL, CDSL, Karvy और CAMS। अगर आपने कभी अपना eIA खाता खुलवाया था, तो आप वहां लॉगिन करके अपनी सभी जीवन और सामान्य बीमा पॉलिसियों को एक ही जगह देख सकते हैं। अगर खाता नहीं भी है, तो आप इन रिपोजिटरी की वेबसाइट पर जाकर अपने पैन और आधार के जरिए अपनी मौजूदा पॉलिसियों को ट्रैक करने का प्रयास कर सकते हैं।

बीमा कंपनी या एजेंट से सीधे करें संपर्क

अगर आपको ऑनलाइन कोई सुराग नहीं मिल रहा है, तो उस बीमा कंपनी की नजदीकी ब्रांच में जाएं जिससे आपने पॉलिसी ली थी। वहां के कस्टमर केयर एग्जीक्यूटिव को अपना पैन कार्ड, आधार कार्ड और जन्मतिथि जैसी जानकारियां दें। वे अपने डेटाबेस में सर्च करके आपकी पॉलिसी का पता लगा लेंगे। इसके अलावा, अगर आपने पॉलिसी किसी एजेंट के जरिए ली थी, तो अपने एजेंट से संपर्क करें; उनके पास अपने सभी ग्राहकों का रिकॉर्ड और पॉलिसी पोर्टफोलियो होता है।

'बीमा सुगम' पोर्टल और बीमा लोकपाल का विकल्प

भारत सरकार और IRDAI जल्द ही 'बीमा सुगम' प्लेटफॉर्म को पूरी तरह लाइव कर रहे हैं, जो बीमा क्षेत्र का 'यूपीआई' माना जा रहा है। इस पोर्टल पर जाकर कोई भी व्यक्ति अपनी खोई हुई पॉलिसी आसानी से ढूंढ सकेगा। अगर आपकी पॉलिसी बहुत पुरानी है और कंपनी आपकी मदद नहीं कर रही है, तो आप बीमा लोकपाल (Insurance Ombudsman) या IRDAI के शिकायत सेल (Bima Bharosa) से भी मदद ले सकते हैं। पॉलिसी मिलने के बाद आप कंपनी को मामूली शुल्क देकर 'डुप्लीकेट पॉलिसी बॉन्ड' के लिए आवेदन कर सकते हैं।

Ramanuj Singh
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

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