International Women Day: भारत में हेल्थ इंश्योरेंस के प्रति महिलाओं में जागरूकता बढ़ रही है। और वह अब पहले से ज्यादा इंश्योरेंस ले रही है। खास बात यह है कि महिलाएं हेल्थ इंश्योरेंस लेते वक्त ज्यादा कवरेज पर जोर दे रही है। और इंश्योरेंस खरीदने के प्रति रूझान अब टियर-2, टियर-3 शहरों में भी दिख रहा है। इस बात का खुलासा पॉलिसीबाजार द्वारा 23 हजार से अधिक लोगों के साथ महिलाओं की हेल्थ इंश्योरेंस के प्रति रूचि को जानने के लिए एक एक सर्वे में हुआआ है। सर्वे से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार महिलाओं द्वारा खरीदे जाने वाले हेल्थ इंश्योरेंस की संख्या में 40 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई है।
कितना बढ़ा कवरेज
सर्वे के अनुसार वित्त वर्ष 23 की तुलना में वित्त वर्ष 24 में हेल्थ इंश्योरेंस के तहत कवर की गई महिलाओं की संख्या में 40% की वृद्धि हुई है, जो जागरूकता के साथ-साथ बेहतर स्वास्थ्य देखभाल तक पहुंच के मामले में सकारात्मक बदलाव का संकेत देती है। अपने लिए स्टैंडअलोन कवरेज खरीदने वाली महिलाओं का संख्या में पिछले साल की तुलना में 43% बढ़ गया है। यह वित्तीय स्वतंत्रता और सक्रिय स्वास्थ्य प्रबंधन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
25 लाख से ज्यादा के बीमा कवरेज पर जोर
जब बीमा राशि की बात आती है, तो अधिक महिलाएं उच्च कवरेज का चयन कर रही हैं। यह न केवल 25 लाख रुपये से अधिक का कवरेज चुनने वाली महिलाओं की संख्या 15% से बढ़कर 24% हो गई है। वहीं 25 लाख से कम बीमा राशि चुनने वाली महिलाओं की संख्या में 7% की गिरावट देखी गई है। यह मेडिकल इमरजेंसी के दौरान व्यापक कवरेज और वित्तीय रूप से सुरक्षित होने के बढ़ते महत्व को दर्शाता है।हालांकि, टियर- 2 और 3 शहरों से आने वाले पॉलिसीधारकों की हिस्सेदारी में मामूली वृद्धि हुई है। टियर-2 शहरों में पॉलिसीधारकों की संख्या में 10.5% की वृद्धि हुई है, जबकि टियर-3 में 4.3% की वृद्धि हुई है।
सर्वे की अन्य अहम बातें
- 40 से कम उम्र के पॉलिसीधारकों की संख्या 47% से बढ़कर 52% हो गई है, जो युवा महिलाओं के बीच स्वास्थ्य के प्रति एक सक्रिय दृष्टिकोण का संकेत देती है। वहीं 25 वर्ष से कम आयु वालों में 22% की वृद्धि, 26 से 35 आयु वर्ग में 9.8% और 41-50 आयु वर्ग में 11.7% की वृद्धि देखी गई है।
- वहीं अगर हेल्थ इंश्योरेंस खरीदने वाली बुजुर्ग महिलाओं की बात करें तो उनकी संख्या में गिरावट दर्ज की गई है। आकंड़े कुछ इस प्रकार है 51-60 आयु वर्ग में पॉलिसीधारकों की हिस्सेदारी 20% से गिरकर 17% हो गई है और 60+ आयु वर्ग में 17% से गिरकर 13% हो गई है।
- मैटरनिटी इंश्योरेंस, इंश्योरेंस इकोसिस्टम के अंदर पेश की गई एक नई अवधारणा है, जो 31% की वृद्धि के साथ महिलाओं के बीच गति पकड़ रही है, जिसका श्रेय हाल ही में लॉन्च किए गए इनोवेटिव और कस्टमाइज्ड प्रोडक्ट्स को दिया जा सकता है।
- वहीं क्रिटिकल इलनेस कवर खरीदने वाली महिलाओं की संख्या में भी 20% की पर्याप्त वृद्धि हुई है।
- सिर्फ हेल्थ इंश्योरेंस खरीदने में ही नहीं, महिलाओं के बीच बढ़ती जागरूकता क्लेम्स तक भी फैली हुई है। क्लेम फाइल करने वाली महिलाओं की हिस्सेदारी में 25% की वृद्धि हुई है।
- जब क्लेम्स की बात आती है तो फाइब्रॉइड्स (30%), स्तन कैंसर (30%), और सर्वाइकल कैंसर (10%) जैसी महिला-विशिष्ट स्वास्थ्य समस्याएं चार्ट में सबसे ऊपर होती हैं।
