केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में बैंकर्स बुक्स इविडेंस बिल (Bankers Books Evidence Bill) 2026 पेश किया है। यह विधेयक कानून बनने के बाद 135 साल पुराने बैंकर्स बुक्स एविडेंस एक्ट 1891 की जगह लेगा। सरकार का कहना है कि नया कानून बैंकिंग रिकॉर्ड से जुड़े कानूनी प्रावधानों को आधुनिक बनाएगा और अदालतों में बैंक रिकॉर्ड पेश करने के नियमों को अधिक स्पष्ट करेगा। नया विधेयक सिर्फ पुराने कानून को बदलने तक सीमित नहीं है, बल्कि वित्तीय क्षेत्र में काम करने वाली अन्य संस्थाओं तक भी इसके दायरे को बढ़ाने का अधिकार केंद्र सरकार को देगा।
कोर्ट कब मांग सकेगा बैंक रिकॉर्ड?
विधेयक में पहली बार "Special Cause" (विशेष कारण) की स्पष्ट परिभाषा दी गई है। इसके तहत अदालत यह तय करेगी कि किन परिस्थितियों में किसी बैंक अधिकारी को बैंक के रिकॉर्ड पेश करने या गवाह के रूप में अदालत में उपस्थित होने का निर्देश दिया जा सकता है। यह प्रावधान उन मामलों पर भी लागू होगा, जिनमें संबंधित बैंक स्वयं मुकदमे का पक्षकार नहीं है। सरकार का कहना है कि इससे अदालतों और बैंकों दोनों के लिए कानूनी स्थिति अधिक स्पष्ट होगी और रिकॉर्ड तलब करने को लेकर अनिश्चितता कम होगी।
क्यों जरूरी है नया कानून?
मौजूदा बैंकर्स बुक्स एविडेंस एक्ट, 1891 ब्रिटिश शासन के दौरान बनाया गया था। उस समय बैंकिंग पूरी तरह कागजी रिकॉर्ड पर आधारित थी। सरकार का कहना है कि आज बैंकिंग व्यवस्था डिजिटल हो चुकी है। ऐसे में पुराने कानून को आधुनिक जरूरतों के अनुरूप बदलना आवश्यक हो गया था।
अन्य संस्थाएं भी दायरे में आ सकती हैं
विधेयक केंद्र सरकार को यह अधिकार देता है कि जरूरत पड़ने पर इसके प्रावधानों को वित्तीय क्षेत्र में काम करने वाली अन्य संस्थाओं पर भी लागू किया जा सके। इससे भविष्य में बदलती वित्तीय व्यवस्था के अनुसार कानून का दायरा बढ़ाया जा सकेगा।
भारतीय सांख्यिकी संस्थान के लिए भी नया विधेयक
लोकसभा में सरकार ने इंडियन स्टेस्टिकल इंस्टीट्यूट बिल (Indian Statistical Institute Bill) 2026 भी पेश किया है। इस विधेयक के तहत भारतीय सांख्यिकी संस्थान (आईएसआई) को कॉरर्पोरेट बॉडी का दर्जा मिलेगा। संस्थान के प्रशासन और संचालन को मजबूत करने के लिए गवर्नर बोर्ड बनाया जाएगा। इसका मकसद संस्थान में बेहतर शासन, शोध और शैक्षणिक उत्कृष्टता को बढ़ावा देना तथा सांख्यिकी और उससे जुड़े नए क्षेत्रों की जरूरतों को पूरा करना है।
