बिजनेस

IT Stock में अभी निवेश करें या नहीं, दिग्गज निवेशक मधुसूदन केला ने बताई अपनी रणनीति

एंथ्रोपिक के AI एजेंट्स की वजह से IT शेयरों में भारी गिरावट आई है। ET NOW GBS 2026 में निवेशक मधुसूदन केला ने बताया कि AI की वजह से IT शेयरों में जो गिरावट आई है, वह निवेशकों के लिए मौका है चेतावनी।

madhusudan kela

आईटी स्टॉक्स पर मधुसूदन केला की राय

Photo : ET Now Digital

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच IT शेयरों में हालिया बिकवाली देखने को मिली है, लेकिन दिग्गज निवेशक मधुसूदन केला का मानना है कि AI भारत के लिए खतरा नहीं बल्कि बड़ा अवसर बन सकता है। उनका कहना है कि भारत इस बदलाव को अपने पक्ष में मोड़कर ग्लोबल AI सॉल्यूशन प्रोवाइडर बन सकता है। ET NOW ग्लोबल बिजनेस समिट 2026 में बोलते हुए केला ने कहा कि पिछले 50 वर्षों में तकनीक ने कभी भी लोगों का जीवन कठिन नहीं बनाया, बल्कि हर नई तकनीक ने समाज को अधिक समृद्ध बनाया है। उनके अनुसार, हर तकनीकी बदलाव के समय डर जरूर पैदा होता है, लेकिन समय के साथ समाज नई तकनीक को अपनाकर आगे बढ़ता है।

एंथ्रोपिक से भारतीय कंपनियों को क्या खतरा?

एंथ्रोपिक जैसी कंपनियों के उन्नत AI मॉडल कानूनी, कोडिंग, डेटा एनालिटिक्स और अन्य पेशेवर सेवाओं को तेजी से ऑटोमेट कर रहे हैं, जिससे पारंपरिक आईटी सर्विस कंपनियों के आउटसोर्सिंग आधारित बिजनेस मॉडल पर दबाव बढ़ सकता है। सस्ते और तेज AI टूल्स की वजह से कंपनियां महंगे सॉफ्टवेयर और बड़ी मानव टीमों पर निर्भरता घटा सकती हैं, जिससे आईटी सेक्टर में नौकरियों और काम के स्वरूप में बदलाव की आशंका बढ़ रही है।

Anthropic AI Impact

Anthropic AI Impact

AI खतरा नहीं, बड़ा अवसर बन सकता है

केला का मानना है कि AI अपने आप कुछ नहीं करता, बल्कि इसे लागू करने और कंपनियों के सिस्टम में जोड़ने के लिए मानव विशेषज्ञों की जरूरत रहेगी। ऐसे में भारत AI समाधान विकसित करने और लागू करने में अग्रणी भूमिका निभा सकता है।

क्या अभी IT शेयर खरीदने चाहिए?

IT और सॉफ्टवेयर शेयरों में खरीदारी के सवाल पर केला ने सतर्क रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि निवेशकों को अभी जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए और पहले यह देखना चाहिए कि आने वाले दो से ढाई वर्षों में कंपनियों की ग्रोथ और गाइडेंस कैसी रहती है। उनके मुताबिक, बाजार में स्थिरता आने और ग्रोथ की स्पष्ट तस्वीर बनने के बाद ही निवेश का फैसला लेना बेहतर रहेगा।उनका कहना है कि AI के कारण IT सेक्टर में जो अनिश्चितता बनी है, उसे पहले साफ होने देना चाहिए। निवेशकों को देखना चाहिए कि आने वाले 2–2.5 वर्षों में कंपनियों की ग्रोथ, डील पाइपलाइन और मैनेजमेंट गाइडेंस कैसी रहती है, उसके बाद निवेश का फैसला लेना बेहतर होगा।

GCC सेंटर भारत के लिए बड़ी ताकत

केला ने बताया कि ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCC) भारत के लिए बड़ी ताकत बनकर उभर रहे हैं। लगभग हर बड़ी मल्टीनेशनल कंपनी ने भारत में अपने ऑपरेशन स्थापित किए हैं, जहां उच्च कौशल वाले और बेहतर वेतन वाले रोजगार पैदा हो रहे हैं। वर्तमान में 25 लाख से अधिक लोग GCC सेंटर में काम कर रहे हैं और यह संख्या लगातार बढ़ रही है। उनके अनुसार, IT सेक्टर में AI की वजह से संभावित नौकरियों के नुकसान की भरपाई काफी हद तक GCC सेक्टर कर सकता है। इसके साथ ही केला का मानना है कि हर तकनीकी बदलाव की तरह AI भी नई संभावनाएं लेकर आएगा। ऐसे में निवेशकों को घबराने की बजाय यह देखना चाहिए कि कौन-सी कंपनियां इस बदलाव को अवसर में बदल सकती हैं।

डिस्क्लेमर: TIMES NOW नवभारत किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ या कमोडिटी में निवेश की सलाह नहीं देता है। यहां पर केवल जानकारी दी गई है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें।

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यतींद्र लवानिया
यतींद्र लवानिया author

प्रिंट और डिजिटल मीडिया में बिजनेस एवं इकोनॉमी कैटेगरी में 10 वर्षों से अधिक का अनुभव। पिछले 7 वर्षों से शेयर बाजार, कॉरपोरेट सेक्टर और आर्थिक नीतियों... और देखें

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