बिजनेस

रूरल पोस्टल लाइफ इंश्योरेंस में बड़ा बदलाव: अब किसे मिलेगा इस सरकारी योजना का फायदा?

Rural Postal Life Insurance: अब आरपीएलआई पॉलिसी डाकघर या किसी भी बैंक में एक्टिव बचत खाता रखने वाले सभी नागरिकों के लिए उपलब्ध है। ग्रामीण निवास की शर्त हटने से शहरी नागरिक भी इसका लाभ ले सकेंगे।

Image

ग्रामीण डाक जीवन बीमा

Photo : iStock

Rural Postal Life Insurance : भारतीय डाक विभाग ने रूरल पोस्टल लाइफ इंश्योरेंस यानी ग्रामीण डाक जीवन बीमा (RPLI) के नियमों में एक बड़ा और ऐतिहासिक बदलाव किया है। 24 मार्च 1995 को शुरू की गई इस योजना का दायरा पहले केवल ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों तक ही सीमित था। हालांकि, 14 अगस्त 2026 को जारी अधिसूचना के अनुसार, अब इसे देश के एक बड़े नागरिक वर्ग के लिए खोल दिया गया है। डाक सेवा महानिदेशक के फैसले के बाद अब सिर्फ ग्रामीण क्षेत्र के निवासी ही नहीं, बल्कि वे सभी लोग आरपीएलआई पॉलिसी खरीद सकते हैं जिनका किसी भी डाकाघर या देश के किसी भी शेड्यूल्ड बैंक में एक एक्टिव बचत खाता मौजूद है।

किसे मिलेगा इस नए नियम का फायदा?

डाक विभाग और संचार मंत्रालय के अनुसार, इस योजना के लिए वही खाताधारक पात्र होंगे जिनका बचत खाता पूरी तरह से 'ऑपरेटिव' यानी चालू स्थिति में है। इसके लिए खाताधारक का केवाईसी (KYC) अपडेट होना जरूरी है। अगर किसी व्यक्ति का बैंक खाता इनएक्टिव, अनऑपरेटिव, फ्रीज, ब्लॉक या बंद कैटेगरी में है, तो वह इस योजना के तहत पॉलिसी नहीं खरीद पाएगा। इस नियम के लागू होने से अब उन लोगों के लिए भी किफायती सरकारी जीवन बीमा पाना आसान हो जाएगा, जो शहर में रहते हैं लेकिन उनके पास किसी भी बैंक में चालू बचत खाता है।

अंडरराइटिंग और पात्रता के बाकी नियम रहेंगे बरकरार

डाक विभाग ने स्पष्ट किया है कि ग्रामीण क्षेत्र की शर्त को हटाने के अलावा अन्य किसी नियम में बदलाव नहीं किया गया है। योजना के तहत मिलने वाली पॉलिसी की पात्रता, उम्र सीमा, सम एश्योर्ड (बीमा राशि) की सीमा और अंडरराइटिंग से जुड़े बाकी सभी पुराने नियम और शर्तें पहले की तरह ही लागू रहेंगी। इसमें किसी भी तरह का बदलाव नहीं किया गया है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य देश के हर वर्ग तक कम प्रीमियम पर सुरक्षित और सरकारी सुरक्षा वाला बीमा कवर पहुंचाना है।

डिजिटल सबूत से प्रक्रिया हुई आसान

केंद्रीय ग्रामीण विकास और संचार राज्य मंत्री डॉ. चंद्र शेखर पेम्मासानी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (ट्विटर) पर इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि इस बदलाव से अब ग्रामीण निवास की बाध्यता खत्म हो गई है। पात्रता साबित करने के लिए ग्राहक को बैंक जाने की भी जरूरत नहीं पड़ेगी। यदि ग्राहक के पास बैंक पासबुक का अपडेटेड रूप, एटीएम स्टेटमेंट, मोबाइल बैंकिंग स्क्रीनशॉट, ईमेल स्टेटमेंट या कोर बैंकिंग सॉल्यूशंस (CBS) स्टेटस का डिजिटल प्रमाण मौजूद है, तो बिना किसी फिजिकल बैंक सर्टिफिकेट के भी पॉलिसी ली जा सकती है।

आरपीएलआई के तहत मिलने वाली 6 प्रमुख बीमा योजनाएं

ग्रामीण डाक जीवन बीमा योजना के तहत ग्राहकों को उनकी जरूरतों के हिसाब से कुल छह प्रकार की पॉलिसियां ऑफर की जाती हैं:-

  • ग्राम सुरक्षा (Whole Life Assurance):- जीवन भर के लिए बीमा कवर प्रदान करता है।
  • ग्राम संतोष (Endowment Assurance):- एक तय अवधि के बाद मैच्योरिटी लाभ देने वाली पॉलिसी।
  • ग्राम सुविधा (Convertible Whole Life Assurance):- यह पॉलिसी कुछ सालों बाद एंडोमेंट इंश्योरेंस में बदलने का विकल्प देती है।
  • ग्राम सुमंगल (Anticipated Endowment Assurance): यह एक मनी-बैक पॉलिसी है जिसमें समय-समय पर रिटर्न मिलता है।
  • ग्राम प्रिया (10 Year RPLI):- 10 साल की छोटी अवधि वाला विशेष बीमा प्लान।
  • बाल जीवन बीमा (Children Policy):- बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए बनाई गई योजना, जिसके तहत अधिकतम दो बच्चों के लिए पॉलिसी ली जा सकती है।

आवश्यक दस्तावेज और प्रमुख लाभ

आरपीएलआई पॉलिसी लेने के लिए पहचान, पते और उम्र के प्रमाण की जरूरत होती है। पहचान और पते के प्रमाण के तौर पर पैन कार्ड, वोटर आईडी, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, बैंक पासबुक या अन्य सरकारी दस्तावेज दिए जा सकते हैं। उम्र के प्रमाण के लिए बर्थ सर्टिफिकेट, पासपोर्ट या मान्यता प्राप्त दस्तावेज स्वीकार किए जाते हैं। इस योजना के तहत ग्राहक को 13 अंकों का एक यूनिक पॉलिसी नंबर दिया जाता है, जिससे उसकी पॉलिसी की पहचान होती है। प्रीमियम भुगतान के लिए महीने की पहली तारीख तय होती है, लेकिन महीने के आखिरी वर्किंग डे तक ग्रेस पीरियड मिलता है। 3 साल तक पॉलिसी चालू रहने और न्यूनतम 1000 रुपये का सरेंडर वैल्यू बनने पर लोन की सुविधा भी मिलती है। इसके अलावा, बंद हो चुकी पॉलिसी को पुनर्जीवित करने के भी आसान नियम उपलब्ध हैं।

PLI और RPLI में क्या है अंतर?

डाक जीवन बीमा (PLI) मुख्य रूप से सरकारी, अर्ध-सरकारी कर्मचारियों और कुछ खास पेशेवरों के लिए उपलब्ध है। दूसरी ओर, आरपीएलआई (RPLI) को आम जनता के लिए बेहद कम प्रीमियम पर डिजाइन किया गया है। आरपीएलआई में 19 से 55 वर्ष की आयु के भारतीय नागरिक प्रवेश ले सकते हैं। नॉन-स्टैंडर्ड एज प्रूफ वाले आवेदकों के लिए उम्र सीमा 19 से 45 वर्ष रखी गई है।

दोनों योजनाओं में एक प्रमुख अंतर मेडिकल जांच का है। आरपीएलआई के तहत यदि आवेदक की उम्र 35 वर्ष से अधिक है या बीमा राशि 25,000 रुपये से ज्यादा है, तो मेडिकल जांच अनिवार्य होती है। वहीं पीएलआई में यह सीमा 1 लाख रुपये रखी गई है। ग्राहक अपनी पॉलिसी में अधिकतम तीन लोगों को नॉमिनी बना सकते हैं।

डाक विभाग का यह फैसला देश के लाखों बैंक खाताधारकों के लिए बेहद राहत भरा है। ग्रामीण निवास की सीमा समाप्त होने से अब शहरी और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में रहने वाले आम नागरिक भी पोस्ट ऑफिस की इस बेहद सस्ती और भरोसेमंद जीवन बीमा योजना का सीधा लाभ उठा सकेंगे।

Ramanuj Singh
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

और पढ़ें
End of Article