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वेदांता से डील तोड़ फॉक्सकॉन ने नई कंपनी से की साझेदारी ! मिलकर बनाएंगे चिप

Foxconn With STMicroelectronics NV: फॉक्सकॉन और फ्रेच-इटली एसटीमाइक्रो ने मिलकर भारत में 40 नैनोमीटर चिप प्लांट लगाने के लिए आवेदन की योजना बनाई है।

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भारत सरकार ने फॉक्सकॉन से STMicro से साझेदारी के बारे में जानकारी भी मांगी है।

Photo : iStock

Foxconn With STMicroelectronics NV: फॉक्सकॉन (Foxconn) और (Vedanta) ने हाल ही में आपसी सहमती से डील तोड़ने का कदम उठाया था। अब खबर है कि ताइवानी फॉक्सकॉन टेक्नोलॉजी ग्रुप भारत में सेमीकंडक्टर फैक्ट्री लगाने के लिए एसटी माइक्रो इलेक्ट्रॉनिक्स NV (STMicroelectronics NV) के साथ मिलकर काम कर रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक फॉक्सकॉन और फ्रेच-इटली एसटीमाइक्रो ने मिलकर भारत में 40 नैनोमीटर चिप प्लांट लगाने के लिए आवेदन की योजना बनाई है। ये दोनों मिलकर जो चिप बनाएंगे उसका इस्तेमाल कार, कैमरे, प्रिंटर और कई अन्य मशीनों में किया जाता है। रिपोर्ट के मुताबिक भारत सरकार ने फॉक्सकॉन से STMicro से साझेदारी के बारे में जानकारी भी मांगी है।

ताइवान को भारत पर भरोसा

बीते दिनों अरबपति अनिल अग्रवाल की वेदांता रिसोर्सेज लिमिटेड के साथ फॉक्सकॉन की साझेदारी टूट गई थी। जिसकी वजह दोनों का चिप निर्माण को लेकर कोई बड़ा अनुभव न होना माना गया है। फॉक्सकॉन भारत में सेमीकंडक्टर विनिर्माण इकाई लगाने के लिए अलग से आवेदन करने का प्रस्ताव रखने की बात कही थी। ताइवानी कंपनी ने कहा था कि वह भारत सरकार की ओर से अपनी सेमीकंडक्टर विनिर्माण नीति के तहत दिए जाने वाले प्रोत्साहन (PLI स्कीम) के लिए आवेदन करने की योजना बना रही है। फॉक्सकॉन टेक्नॉलजी ने वेदांता समूह के साथ गुजरात में सेमीकंडक्टर उत्पादन प्लांट लगाने का 19.5 अरब डॉलर का निवेश समझौता रद्द कर दिया था।

किन-किन देशों में बनते हैं सेमीकंडक्टर?

दुनिया में सेमीकंडक्टर बनाने वाले टॉप 5 देशों में ताइवान, चीन, जापान, दक्षिण कोरिया और अमेरिका शामिल हैं। फिलहाल सेमीकंडक्टर चिप्स की सबसे ज्यादा मांग चीन में है।

TNN Business Desk
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