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Byjus Financial Crisis: एपिक-ग्रेट लर्निंग को नहीं बेच पा रही बायजूस, निवेशकों की नाराजगी के कारण लटका प्लान

Byjus To Sale Assets: एपिक के लिए बायजूस को अभी तक कोई बाइंडिंग ऑफर नहीं मिला है। वहीं ग्रेट लर्निंग की बिक्री बायजूस के 1.2 अरब डॉलर (करीब 10000 करोड़ रु) का लोन चुकाने की कुंजी है।

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नहीं कम हो रहा बायजूस का संकट

Photo : BCCL
KEY HIGHLIGHTS
  • एपिक-ग्रेट लर्निंग को नहीं बेच पा रही बायजूस
  • लोन चुकाने के लिए ग्रेट लर्निंग को बेचना जरूरी
  • कुल 10000 करोड़ रु का है लोन

Byjus To Sale Assets: बायजूस की चुनौतियां कम नहीं हो रही हैं। बायजूस टर्म लोन बी (टीएलबी) निवेशकों की मांगों और स्टेकहोल्डर्स के साथ कलह के कारण सामने आईं फाइनेंशियल चुनौतियों के बीच ग्रेट लर्निंग सहित अपनी संपत्तियों को नहीं बेच पा रही है। वहीं बायजूस की एसेट्स के संभावित खरीदार इसकी 'संपत्तियों' का पर्चेज प्राइस कम किए जाने की उम्मीद कर रहे हैं। कंपनी अपने ब्रांड EPIC को भी बेच रही है, मगर इसके उलट ग्रेट लर्निंग की बिक्री की देखरेख टीएलबी निवेशकों के साथ सीधे इसके फाउंडर मोहन लखमराजू कर रहे हैं। बायजूस हायर एजुकेशन एसेट की बिक्री लगभग करीब 4980 करोड़ रु में करना चाहती है। लेकिन अभी तक इसे कोई सीरियस खरीदार नहीं मिला है।

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ग्रेट लर्निंग की बिक्री बायजूस के लिए बहुत अहम

ईटी की रिपोर्ट के अनुसार एपिक के लिए बायजूस को अभी तक कोई बाइंडिंग ऑफर नहीं मिला है। वहीं ग्रेट लर्निंग की बिक्री बायजूस के 1.2 अरब डॉलर (करीब 10000 करोड़ रु) का लोन चुकाने की कुंजी है।

कम प्राइस पर मिलेंगे विकल्प

ईटी की रिपोर्ट के अनुसार एक खरीदार के मुताबिक मौजूदा मार्केट में कितनी कंपनियों के पास किसी भी एसेट को खरीदने के लिए 4980 करोड़ रु की नकदी होगी, ये स्पष्ट नहीं है। यदि प्राइस कम हों तो कम कीमत पर और भी विकल्प भी उपलब्ध होंगे।

ईटी की रिपोर्ट के मुताबिक इसी संभावित खरीदार के अनुसार पैरेंट लेवल पर कैश संकट के बीच ग्रेट लर्निंग का रेवेन्यू रन रेट प्रभावित हुआ है। वहीं कुछ विश्वविद्यालयों ने ग्लोबल लेवल पर कंपनी के निवेशकों और टीएलबी कर्जदाताओं के साथ टकराव पर भी चिंता व्यक्त की है। बायजूस को जनवरी तक एपिक के लिए बाइंडिंग ऑफर मिलने की उम्मीद थी, लेकिन हालिया घटनाक्रम के कारण इस ट्रांजेक्शन में देरी हुई।

Kashid Hussain
काशिद हुसैन author

<p>काशिद हुसैन अप्रैल 2023 से Timesnowhindi.Com (टाइम्स नाउ नवभारत) के साथ काम कर रहे हैं। यहां पर वे सीनियर कॉरेस्पोंडेंट हैं। टाइम्स नाउ नवभारत की बिजनेस टीम में वह शेयर मार्केट, म्यूचुअल फंड और आर्थिक जगत से जुड़ी सभी तरह की स्टोरी और वेब स्टोरी करते हैं। रिसर्च आधारित स्टोरी के लिए नए एंगल तलाश करना और रीडर्स की रुचि के अनुसार कॉपी लिखने पर फोकस रहता है। शेयर बाजार में खास रुचि है और इससे जुड़ी रियल टाइम खबरें कम समय में लगाने में विशेषज्ञता है। मीडिया में काम करने का 8 वर्षों का अनुभव है, जिसमें गुडरिटर्न्स और शेयर मंथन वेबसाइटों के अलावा निवेश मंथन पत्रिका में भी काम किया है। दिल्ली यूनिवर्सिटी से हिंदी पत्रकारिता में ग्रेजुएशन के बाद आईआईएमसी, नई दिल्ली से रेडियो एंव टेलीविजन में पोस्ट ग्रेजुएशन की है। ग्रेजुएशन के दौरान सहारा समय और सिटी न्यूज में इंटर्नशिप के साथ-साथ अखबार और वेबसाइट के लिए लिखना शुरू कर दिया था। काशिद को किताबें पढ़ना, फिल्में देखना और क्रिकेट में रुचि है। बिजनेस के अलावा खेल जगत और इंटरनेशनल खबरों में भी रुचि है।<br></p>

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