Gold Loan Tips: पैसे की तुरंत जरूरत पड़ने पर हम सबसे पहले Personal Loan या Gold Loan लेना पसंद करते हैं। इसकी वजह यह है कि ये दोनों लोन बैंक से आसानी और बहुत ही कम समय में मिल जाते हैं। बैंक गोल्ड लोन देने में तो इनकम असेसमेंट भी नहीं करते हैं। अब सवाल होता है कि गोल्ड लोन लेने में किन बातों का ख्याल रखना चाहिए? कब गोल्ड लोन लेना फायदे का सौदा हो सकता है और कब नुकसान?
आपको बता दें कि अगर आप गोल्ड लोन 3 से 12 महीने के लिए ले रहे हैं तो यह फायदे का सौदा हो सकता है लेकिन, 5 साल के लिए यह नुकसान सौदा होता है। ऐसा इसलिए कि लंबी अवधि में बैंक गोल्ड लोन पर ब्याज बढ़ा देते हैं। इससे लोन की लागत बढ़ जाती है। आप पर ईएमआई का बोझ बढ़ जाता है। कई मामले में लोगों को अपना गोल्ड बेचने के अलावा दूसरा विकल्प नहीं बच जाता है। इसलिए गोल्ड लोन कम समय के लिए फायदे का सौदा कहा जा सकता है। लंबी अवधि के लिए पर्सनल लोन लेना सही होता है।
कब गोल्ड लेना सही?
अगर आपका क्रेडिट स्कोर खराब है या आपकी इनकम इर्रेगुलर है, तो बैंक या तो पर्सनल लोन रिजेक्ट कर सकते हैं। ऐसे वक्त में आप आसानी से गोल्ड लोन ले सकते हैं। बैंक से आप महंगे पर्सनल लोन की जगह कम ब्याज पर गोल्ड लोन प्राप्त कर सकते हैं। इसके अलावा अगर आपके पास एक क्लियर रीपेमेंट प्लान है और आपको पता है कि पैसा कब वापस आएगा, तो गोल्ड लोन इस कमी को अच्छे से पूरा कर सकता है। जब आप कोई छोटा बिजनेस चला रहे हों या सेल्फ-एम्प्लॉयड हों, छोटे ट्रेडर्स, फ्रीलांसर्स हैं तो गोल्ड लोन वर्किंग कैपिटल सपोर्ट का काम कर सकते हैं।
इन बातों का रखें ख्याल
गोल्ड लोन को अक्सर आकर्षक कब ब्याज दरों के साथ एडवर्टाइज किया जाता है। असल में, असरदार लागत समय, रीपेमेंट स्ट्रक्चर और इस बात पर निर्भर करती है कि ब्याज महीने में दिया जाता है या जमा होता है। कुछ लोन शुरू में सस्ते लगते हैं लेकिन अगर ब्याज बढ़ता है या लोन बढ़ाया जाता है तो वे महंगे हो जाते हैं। इसलिए गोल्ड लोन लेने से पहले टोटल कॉस्ट कैलकुलेट करें।
