7th Pay Commission: केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी में। 28 सितंबर को प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल (Union Cabinet) ने महंगाई भत्ते (DA) में 4 फीसदी का इजाफा कर दिया है। इस फैसले से करीब 1.16 करोड़ सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को फायदा होगा। ताजा बढ़ोतरी के बाज डीए 34 फीसदी से बढ़कर 38 फीसदी हो गया है। कर्मचारी लंबे समय से महंगाई भत्ता बढ़ने का इंतजार कर रहे थे।
कितनी बढ़ेगी सैलरी?
महंगाई भत्ता 4 फीसदी बढ़ने से सैलरी बढ़ जाएगी। उदाहरण से समझें, तो अगर केंद्र सरकार के किसी कर्मचारी की बेसिक सैलरी 18,000 रुपये प्रति माह है, तो 34 फीसदी के हिसाब से उसे डीए के तौर पर 6,120 रुपये मिलते हैं। अब 38 फीसदी के हिसाब से वह 6,840 डीए का हकदार है। इसी उसे हर महीने 720 रुपये का फायदा होगा।
कर्मचारियों को नहीं मिला 18 महीने का डीए
उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार ने अपने कर्मचारियों को 18 महीने यानी 1 जनवरी 2020 से 30 जून 2021 के बीच डीए का भुगतान नहीं किया है। कर्मचारी लंबे समय से इसके भुगतान की मांग कर रहे हैं। इससे पहले मार्च में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 1 जनवरी 2022 से प्रभावी महंगाई भत्ते में 3 फीसदी की बढ़ोतरी को मंजूरी दी थी। इसके साथ ही सरकार ने पेंशनभोगियों को महंगाई राहत (Dearness Relief) की एक अतिरिक्त किस्त जारी करने की भी मंजूरी दी थी।
डीए में वृद्धि के अलावा, केंद्रीय मंत्रिमंडल ने non-gazetted रेलवे कर्मचारियों के लिए 78 दिनों के प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस को भी मंजूरी दी है।
क्या है महंगाई भत्ता? (What is Dearness Allowance)
डीए सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के रिम्युनिरेशन का एक हिस्सा होता है। इसका उद्देश्य कर्मचारियों की सैलरी पर मुद्रास्फीति के प्रभाव की भरपाई करना है। सातवें वेतन आयोग के तहत सरकार महंगाई भत्ते को साल में दो बार संशोधित करती है- जनवरी और जुलाई में। यह भत्ता इस बात पर भी आधारित होता है कि कोई कर्मचारी शहरी, अर्ध-शहरी या ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित है या नहीं।
