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'उन्होंने जो बकवास हमें भेजा, उसे पढ़ने के बाद...', ईरान पर आग बबूला हो उठे ट्रंप, क्या फिर से शुरू होगा महायुद्ध?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम बेहद कमजोर और नाजुक स्थिति में है। ट्रंप ने ईरान के शांति प्रस्ताव को “पूरी तरह अस्वीकार्य” बताते हुए खारिज कर दिया। दोनों देशों के बीच जारी तनाव और वार्ता के बावजूद अब तक स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। इस संघर्ष का असर वैश्विक स्तर पर भी दिख रहा है, जहां होर्मुज जलडमरूमध्य के अवरुद्ध होने से तेल आपूर्ति प्रभावित हुई है और कई देशों में ईंधन संकट गहराया है। अमेरिका चाहता है कि ईरान अपने यूरेनियम संवर्धन कार्यक्रम को समाप्त करे, जबकि बदले में प्रतिबंध हटाने और संपत्तियों को जारी करने पर चर्चा जारी है।

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US Iran Tension: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को कहा कि ईरान के साथ युद्धविराम ’’बेहद कमजोर और नाजुक’’ स्थिति में है। ट्रंप ने ईरान के साथ जारी युद्ध पर उसके शांति प्रस्ताव को एक दिन पहले ’’पूरी तरह से अस्वीकार्य’’ बताते हुए खारिज कर दिया था।

शांति प्रस्ताव को अस्वीकार करने के बाद ईरान के साथ युद्धविराम पर एक सवाल के जवाब में ट्रंप ने ’ओवल ऑफिस’ (राष्ट्रपति के कार्यालय) में पत्रकारों से कहा, ’’यह अपनी सबसे कमजोर स्थिति में है। उन्होंने जो बकवास हमें भेजा, उसे पढ़ने के बाद... तो यह गंभीर नाजुक स्थिति में है।’’

ट्रंप ने कहा, ’’उन्हें लगता है कि मैं इससे थक जाऊंगा, या ऊब जाऊंगा, या मुझ पर कुछ दबाव आ जाएगा, लेकिन कोई दबाव नहीं है, बिल्कुल भी दबाव नहीं है। हमें पूरी जीत मिलेगी।’’

कई देशों में ईंधन की कमी

ट्रंप को रविवार को ईरान का प्रस्ताव मिला, जिससे उम्मीद जगी थी कि इससे ईरान के साथ 28 फरवरी को शुरू हुए युद्ध को समाप्त करने में कोई सफलता मिल सकती है। इस युद्ध ने वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग को अवरुद्ध कर दिया है, जिससे कई देशों में ईंधन की कमी हो गई है। उन्होंने रविवार को अपने ’ट्रुथ सोशल’ पर लिखा, ’’मैंने अभी ईरान के तथाकथित ’प्रतिनिधियों’ की प्रतिक्रिया पढ़ी है। मुझे यह पसंद नहीं आया, यह पूरी तरह से अस्वीकार्य है।’’

दोनों देशों के बीच नहीं निकल पाया है कोई समाधान

अमेरिका और इजराइल के बीच 28 फरवरी को शुरू हुए युद्ध के बाद आठ अप्रैल से हमले रोक दिए गए हैं, जब युद्धरत पक्षों ने युद्धविराम पर सहमति जताई थी। अमेरिका और ईरान स्थायी रूप से शत्रुता समाप्त करने के लिए एक समझौते पर बातचीत कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है।

अमेरिका इस बात पर जोर दे रहा है कि ईरान अपने ऊपर लगे प्रतिबंधों को हटाने और अरबों डॉलर की जब्त ईरानी संपत्ति को जारी करने के बदले में अपने यूरेनियम संवर्धन कार्यक्रम को समाप्त करने के संबंध में स्पष्ट और ठोस वादा करे। इन वार्ताओं में ईरान और अमेरिका द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकाबंदी हटाने का भी प्रावधान भी शामिल है, जो वैश्विक कच्चे तेल की आपूर्ति के पांचवें हिस्से के लिए एक महत्वपूर्ण मार्ग है।

Piyush Kumar
पीयूष कुमारauthor

पीयूष कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर Senior Copy Editor के रूप में कार्यरत हैं। देश-दुनिया की हलचल पर उनकी पैनी नजर रहती है और इन घटनाओं को सटीक, सरल और असरदार अंदाज में खबरों की भाषा देना उनकी सबसे बड़ी ताकत है। ब्रेकिंग न्यूज की रफ्तार हो या किसी जटिल मुद्दे को आसान बनाकर समझाने वाले एक्सप्लेनर—पीयूष दोनों में बराबर दक्षता रखते हैं। न्यूज जजमेंट, फैक्ट-बेस्ड राइटिंग और एंड-टू-एंड कॉपी प्रोडक्शन पर इनकी पकड़ मजबूत है और अबतक 4,000 से अधिक स्टोरी लिख चुके हैं।

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