अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता दिख रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान की ओर से होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने से जुड़ी पेशकश खारिज किए जाने के बाद ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा हुसैनी खामेनेई ने कड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि ईरान के अलग-अलग वर्ग और सशस्त्र बल किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए तैयार हैं।
होर्मुज को लेकर ईरान का सख्त रुख
ईरान के ‘सेक्रेड डिफेंस वीक’ के मौके पर जारी संदेश में खामेनेई ने कहा कि देशभर में व्यापक स्तर पर, खासकर सैन्य रूप से, तैयारी मौजूद है। उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा को ईरान की प्राथमिकताओं में शामिल बताते हुए कहा कि ईरानी लड़ाकों और जलमार्ग की निगरानी करने वाले बलों ने दुश्मन को नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने दावा किया कि पहले ईरान के दक्षिणी समुद्री क्षेत्र विदेशी सेनाओं की गतिविधियों का केंद्र थे, लेकिन अब स्थिति बदल चुकी है। खामेनेई ने कहा कि ईरान अपने महत्वपूर्ण जलमार्ग की स्थिति बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।खामेनेई ने ईरानी एकजुटता का किया जिक्र
अपने संदेश में खामेनेई ने ईरान के अलग-अलग सामाजिक वर्गों के बीच एकजुटता का भी उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि मतभेदों के बावजूद समाज के विभिन्न हिस्से ईरान के हितों और होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर एकजुट हैं। उन्होंने ईरान के पुराने राजनीतिक संघर्षों का जिक्र करते हुए कहा कि मौजूदा हालात अतीत से अलग हैं और ईरानी समाज देश की रक्षा के लिए तैयार है।ट्रंप ने ईरान की पेशकश क्यों ठुकराई?
यह विवाद उस समय सामने आया है जब ईरान और अमेरिका के बीच परमाणु कार्यक्रम और होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर तनाव बना हुआ है। संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र से इतर ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने सात दिन की एक प्रस्तावित व्यवस्था का जिक्र किया था।ईरान के मुताबिक, कुछ अमेरिकी शर्तों और सैन्य दबाव में कमी जैसे कदमों के बदले होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने की पेशकश की गई थी। हालांकि, अमेरिका के संयुक्त राष्ट्र में राजदूत माइक वॉल्ट्ज ने कहा कि ट्रंप ने प्रस्ताव इसलिए खारिज किया क्योंकि तेहरान ने बातचीत शुरू करने से पहले प्रतिबंधों में राहत और अरबों डॉलर की जमी हुई संपत्तियों तक पहुंच की मांग की थी।
