Nepal Landslide: नेपाल लगातार कुदरत की मार झेल रहा है। एक माह पहले तिब्बत की ओर से अचानक आई बाढ़ ने हजारों परिवारों को गमजदा कर दिया और अब एक बार फिर बाढ़ और भूस्खलन की घटनाओं से पड़ोसी देश पीड़ित है। 26 अगस्त को बाढ़ और भूस्खलन से मची तबाही के चलते अबतक 23 लोगों की मौत हो गई और कई अन्य लापता भी बताए जा रहे हैं।
कुदरत की मार से उबर नहीं पा रहा नेपाल
कुदरत की इस तबाही का डरा देने वाला एक वीडियो सामने आया है जिसमें एक विशालकाय पहाड़ चंद सेकंड में ही काली गंडकी नदी में समा गया। इस भूस्खलन के चलते घरों, पुलों, सड़कों और बिजली के बुनियादों ढांचों को नुकसान पहुंचा है। नेपाल पिछले महीने आई विनाशकारी आकस्मिक बाढ़ से अभी उबर भी नहीं पाया है।
यह घटना ऐसे समय में हुई है जब बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने मौसम तंत्र के कारण नेपाल के पहाड़ी और मैदानी इलाकों में लगातार बारिश हो रही है, जबकि ऊंचे पर्वतीय क्षेत्रों में भारी बर्फबारी की भी देखने को मिली। लगातार हो रही बारिश और बर्फबारी की वजह से देश के कई हिस्से प्रभावित हुए हैं।
टाइम्स नाउ नवभारत पर ये भी पढ़ें: अफगानिस्तान की मदद के लिए भारत ने फिर बढ़ाया हाथ, काबुल भेजी जीवनरक्षक दवाओं की नई खेप
सनद रहे कि शनिवार रात पाल्पा जिले की माथागढ़ी ग्रामीण नगरपालिका में भूस्खलन के कारण एक मकान मलबे में दब गया, जिसमें पांच लोगों की मौत हो गई। रविवार सुबह उनके शव बरामद कर लिए गए। देश में पिछले पांच दिनों के दौरान मानसून से जुड़ी 439 घटनाएं हुईं, जबकि सुरक्षा बलों ने बाढ़, भूस्खलन और जलभराव से प्रभावित 1,284 लोगों को बचाया।
5000 से ज्यादा लोग अभी भी लापता
नेपाल में पिछले माह आई भयावह बाढ़ के निशां अभी तक दिखाई देते हैं और जख्म अभी भी ताजा हैं। इस बाढ़ में 1,450 से ज्यादा लोग मारे गए थे और लगभग 5,000 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। जिनकी खोजबीन जारी है।
