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Ukraine Crisis: रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट, ICC ने की अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई

  • Written by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Mar 17, 2023, 10:06 PM IST

यूक्रेन में युद्ध अपराधों के लिए इंटरनेशनल क्रिमनल कोर्ट ने व्लादिमीर पुतिन के खिलाफ अरेस्ट वारंट जारी किया है। इसके अलावा एक अन्य रूसी अधिकारी के खिलाफ भी वारंट जारी हुआ है।

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रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन

Photo : AP

Ukraine War Crimes: यूक्रेन में युद्ध अपराधों के आरोपों का सामना कर रहे रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के खिलाफ इंटरनेशनल क्रिमनल कोर्ट(ICC) ने अरेस्ट वारंट जारी किया है। आईसीसी ने इसके अलावा रूस में बाल अधिकार की कमिश्नर मारिया अलेक्सेयेवना लावोवा-बेलोवा के खिलाफ भी वारंट जारी किया है। आईसीसी की इस कार्रवाई के बाद यूक्रेन के राष्ट्रपति कार्यालय ने कहा है कि यह वारंट पुतिन के खिलाफ एक शुरुआत मात्र है।

बता दें, यूक्रेन में सैन्य कार्रवाई शुरू करने के बाद से व्लादिमीर पुतिन पश्चिमी देशों के निशानें पर हैं। यूक्रेन में युद्ध अपराधों के लिए संयुक्त राष्ट्र से लेकर अमेरिका, ब्रिटेन जैसे देश उन्हें आरोपी ठहरा रहे हैं। इन देशों की ओर से रूस पर कई बड़े प्रतिबंध भी लगाए गए हैं। हालांकि, मास्कों लगातार इन अपरोधों का खंडन करता रहा है।

अवैध निर्वासन और हस्तांतरण के लिए जारी हुआ गिरफ्तारी वारंट

इंटरनेशनल क्रिमनल कोर्ट ने पुतिन और उनकी अधिकारी के खिलाफ बच्चों के अवैध निर्वासन और यूक्रेन के क्षेत्र से रूसी संघ में लोगों के अवैध हस्तांतरण के खिलाफ यह गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। बीते सप्ताह जारी हुई मीडिया रिपोर्टों में कहा गया था कि अंतरराष्ट्रीय अदालत पुतिन के खिलाफ जल्द ही वारंट जारी कर सकती है।

जिनपिंग से मिलेंगे पुतिन

इन सबके बीच चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग भी रूस की यात्रा करने जा रहे हैं। यूक्रेन युद्ध की शुरुआत के बाद से यह अब तक के यह सबसे बड़े घटनाक्रमों में से एक हैं। अमेरिका समेत कई यूरोपीय देश जिनपिंग की रूस यात्रा पर निगाहें टिकाए हुए हैं। हालांकि, यह भी कहा जा रहा है कि जिनपिंग यूक्रेन युद्ध समाप्त करने के लिए दोनों देशों के बीच मध्यस्थता भी कर सकते हैं।

जंग में मारे गए हैं हजारों लोग

रूस ने यूक्रेन पर बीते साल 24 फरवरी को सैन्य कार्यवाही शुरू की थी। इस जंग को एक साल से ज्यादा हो चुका है। इस दौरान दोनों देशों में भयानक तबाही हुई है। दोनों तरफ से अब तक हजारों सैनिक और निर्दोष लोग मारे गए हैं।
प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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