Tsunami Alert: भारतीय समय के अनुसार तड़के 4.54 पर रूस के कामचटका क्षेत्र में भीषण भूकंप आया। जियोलॉजिकल सर्वे (USGS) के मुताबिक 8.8 की तीव्रता से आए इस भूकंप का असर दुनिया के कई देशों पर पड़ा। यह भूकंप दुनिया का छठा सबसे बड़ा भूकंप माना जा रहा है। जिसके कारण कई सुनामी का खतरा मंडराने लगा है। कई तटीय देशों में 1 फुट से लेकर 3 मीटर से भी ऊंची उठ सकती हैं। अमेरिका, जापान, कनाडा समेत 12 देशों से भी अधिक ने सुनामी का अलर्ट जारी कर दिया है।
किन देशों में सुनामी का अलर्ट
US सुनामी वॉर्निंग सिस्टम के मुताबिक रूस (कामचटका और कुरील द्वीप समूह), जापान, अमेरिका (हवाई और अलास्का), कनाडा (ब्रिटिश कोलंबिया), इक्वाडोर (गैलापागोस द्वीप समूह), पेरू (तटीय इलाके), मेक्सिको (तटीय इलाके), न्यूजीलैंड और प्रशांत द्वीप समूह (गुआम, सोलोमन आइलैंड्स, नॉर्दन मरियाना द्वीप), चीन (पूर्वी तट), फिलीपींस, ताइवान और इंडोनेशिया समेत कई देशों में सुनामी की आशंका है।
तीन मीटर तक ऊंची हो सकती हैं लहरें
US सुनामी वॉर्निंग सेंटर के अनुसार कई देशों और इलाकों में सुनामी की चेतावनियां जारी की गई हैं, आइए लहरों की ऊंचाई के आधार पर बांटकर देखते हैं ये कौन से क्षेत्र हैं। सबसे अधिक खतरा 3 मीटर से अधिक ऊंचाई की लहरों वाला क्षेत्र रूस और इक्वाडोर हैं, जहां भारी सुनामी की आशंका है। इसके बाद 1 से 3 मीटर ऊंचाई की लहरों की चेतावनी अमेरिकन समोआ, जार्विस द्वीप, किरिबाती, कोस्टा रिका, सोलोमन द्वीप, मिडवे द्वीप, जॉनस्टन एटोल, पालमायरा द्वीप, चिली, जापान, हवाई, फ्रेंच पोलिनेशिया और पेरू में दी गई है, जहां मध्यम स्तर की सुनामी संभव है। वहीं 0.3 से 1 मीटर ऊंचाई की लहरों की चेतावनी पापुआ न्यू गिनी, टोकलाउ, फिजी, याप, हॉलैंड द्वीप, पिटकेर्न द्वीप, नियू, न्यू कैलेडोनिया, वेक द्वीप, पनामा, ग्वाटेमाला, न्यूजीलैंड, टोंगा, अल सल्वाडोर, नॉर्दर्न मारियानास, कोलंबिया, कुक द्वीप, फिलीपींस, तुवालु, वानुआतु, निकारागुआ, ताइवान, मेक्सिको, पलाऊ, अंटार्कटिका, नाउरू, ऑस्ट्रेलिया और इंडोनेशिया में दी गई है। इसके अलावा हवाई राज्य को विशेष रूप से चेतावनी जारी की गई है और गुआम के लिए एडवाइजरी जारी की गई है।
क्या भारत में भी है सुनामी का खतरा?
भारत सरकार की समुद्री सूचना एजेंसी INCOIS (इंडियन नेशनल सेंटर फॉर ओशन इंफॉर्मेशन सर्विसेज) ने साफ कर दिया है कि भारत और हिंद महासागर को इस भूकंप से कोई खतरा नहीं है। इस भूकंप और सुनामी का पूरा असर प्रशांत महासागर के तटीय इलाकों पर पड़ेगा।
