Sunami Alert in Japan : रूस में 8.8 तीव्रता का भूकंप आने के बाद सुनामी आने का खतरा बढ़ गया है। इस खतरे को देखते हुए जापान, रूस, चीन, अमेरिका सहित कई देश हाई अलर्ट पर हैं। खासकर उत्तरी प्रशांत सागर के तटवर्ती इलाके में सुनामी आने का अंदेशा जताया जा रहा है। अमेरिका के अलास्का एवं हवाई और न्यूजीलैंड के दक्षिणी तटवर्ती इलाकों में हाई अलर्ट है। होनूलूलू में सुनामी खतरे के सायरन बजाए गए हैं और लोगों को ऊंचे स्थानों पर जाने के लिए कहा गया है। जापान मेट्रोलॉजिकल एजेंसी के मुताबिक देश के उत्तरी द्वीप होकैडो के दक्षिणी तटवर्ती इलाके में स्थित टोकाची में 40 सेंटीमीटर सुनामी की लहर देखी गईं।
सुरक्षित स्थानों पर भेजे जा रहे 19 लाख लोग
सुनामी का सबसे ज्यादा खतरा जापान में महसूस किया जा रहा है। यहां सरकार ने 19 लाख से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए कहा है। सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक जापान के तटीय इलाके के कई हिस्सों में सुनामी की लहरें तट से टकराई हैं। देश भर में भगदड़ की स्थिति है और सड़कों पर जाम लगने से यातायात बाधित हो गया है।

जापान में सुनामी के खतरे को लेकर अफरा-तफरी। तस्वीर-AP
होकैडो द्वीप पर सुनामी की लहरें टकराईं
जापान में फायर एवं डिजास्टर मैनेजमेंट एजेंसी ने 21 प्रांतों में करीब 20 लाख लोगों को बाहर निकालने के लिए आदेश जारी किया है। जापान के होकैडो द्वीप से तट से सुनामी की लहरें टकराने की बात कही गई है। रिपोर्ट के मुताबिक यहां से 50 सेंटीमीटर सुनानी की लहरें देखी गई हैं। सुनामी के खतरे की वजह से सड़क एवं हवाई यातायात प्रभावित हुआ है। प्रशांत तट की ओर स्थित सेनडाई इंटरनेशनल एयरपोर्ट अपना रनवे बंद कर रहा है। बंदरगाहों से जहाजों की रवानगी भी टाल दी गई है।

जापान में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा जा रहा है। तस्वीर-AP
ऊंचे स्थान पर भेजे गए फुकुशिमा संयंत्र के कर्मचारी
2011 के भूकंप में क्षतिग्रस्त हुए फुकुशिमा न्यूक्लियर प्लांट को भी लेकर सावधानी बरती जा रही है। यहां भी कर्मचारियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है और एहतियात बरती जा रही है। फुकुशिमा प्लांट का देखरेख करने वाली टोक्यो इल्केक्ट्रिक पावर कंपनी (TEPCO) ने बुधवार को कहा कि इसने सभी कर्मचारियों को ऊंचे स्थान पर भेज दिया है। यहां कोई घायल नहीं हुआ है और संयंत्र में किसी तरह का नुकसान नहीं हुआ है।
