Iran US Conflict: पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष के बीच ईरान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस दावे को खारिज कर दिया जिसमें उन्होंने कहा था कि तेहरान बातचीत करना चाहता है। ईरान के सर्वोच्च नेता के भारत प्रतिनिधि डॉ. अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने कहा कि ईरान फिलहाल अमेरिका के साथ किसी भी तरह की बातचीत नहीं करना चाहता और जरूरत पड़ने पर युद्ध को पांच साल तक भी जारी रखने के लिए तैयार है।
'ईरान के पास बातचीत की कोई वजह नहीं'
समाचार एजेंसी एएनआई को दिए इंटरव्यू में इलाही ने कहा कि यह युद्ध अमेरिका ने शुरू किया है और ईरान के पास उनसे बातचीत करने की कोई वजह नहीं है। उन्होंने कहा कि पहले भी दो बार बातचीत के दौरान अमेरिका ने ईरान को निशाना बनाया था। उन्होंने कहा, ''नहीं। बिल्कुल नहीं। ईरान इस समय उनके साथ बातचीत करना बिल्कुल नहीं चाहता, क्योंकि इस युद्ध की शुरुआत उन्होंने ही की थी।''
'दुश्मन के सामने झुकेगा नहीं ईरान'
इलाही ने कहा कि ईरान अपने दुश्मनों के सामने नहीं झुकेगा और अगर जरूरत पड़ी तो लंबे समय तक संघर्ष जारी रख सकता है। उन्होंने ईरान-इराक युद्ध का उदाहरण देते हुए कहा कि ईरान को लंबे युद्ध का अनुभव है, क्योंकि उसने आठ साल तक इराक के साथ युद्ध लड़ा था।
उन्होंने कहा, "मुझे इस युद्ध की कोई समय सीमा नहीं पता, लेकिन मुझे इतना पता है कि ईरान इस युद्ध को अंत तक जारी रखने के लिए तैयार है, भले ही इसमें पांच साल लग जाएं। और हमें युद्ध का अनुभव है। उस समय ईरान और इराक के बीच हुए युद्ध का हमें आठ साल का अनुभव था और हम तैयार हैं। और अगर आप ईरान की सड़कों पर जाएंगे, तो आप देखेंगे कि सभी लोग वहां मौजूद हैं, और वे जवाबी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं और वे कहते हैं कि हम अपना खून बहाने के लिए तैयार हैं, लेकिन हम अपनी ज़मीन देने के लिए तैयार नहीं हैं।"
