प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के युवाओं से 2027 की जनगणना में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की है। 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि युवा अपने परिवार के सदस्यों को स्व-गणना (Self-Enumeration) प्रक्रिया के तहत डिजिटल माध्यम से सही और सटीक जानकारी दर्ज कराने में मदद करें।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जनगणना केवल देश की आबादी गिनने की प्रक्रिया नहीं है, बल्कि इसके जरिए मिलने वाला सटीक डेटा सरकारी नीतियों, कल्याणकारी योजनाओं और देश के भविष्य की विकास योजनाओं को तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा, “इन दिनों देश में जनगणना का काम हो रहा है। जानकारी एकत्र करने और गिनने की प्रक्रिया चल रही है। लेकिन केवल संख्या गिनना ही काफी नहीं है। इस जानकारी का उपयोग नीतियों और योजनाओं को तैयार करने और प्रगति के लिए देश का खाका तैयार करने के लिए किया जाता है।”
‘तकनीक के जरिए खुद भर सकते हैं जानकारी’
प्रधानमंत्री ने कहा कि पारंपरिक तरीके से जनगणना की जानकारी दर्ज करते समय कभी-कभी मानवीय त्रुटियां हो सकती हैं। उदाहरण के तौर पर किसी व्यक्ति का नाम अलग-अलग जगहों पर अलग वर्तनी के साथ दर्ज हो सकता है, जिससे डेटा की सटीकता प्रभावित हो सकती है। मोदी ने कहा कि तकनीक के इस्तेमाल से अब लोगों को अपनी जनगणना की जानकारी डिजिटल रूप से खुद उपलब्ध कराने की सुविधा दी गई है। बाद में कोई सरकारी अधिकारी या प्रतिनिधि सत्यापन के लिए संपर्क कर सकता है, लेकिन परिवार से जुड़ी जानकारी सही दर्ज हो, इसकी जिम्मेदारी नागरिकों को भी उठानी चाहिए।
उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे अपने परिवार के सदस्यों के साथ बैठकर जनगणना फॉर्म को ध्यान से देखें, उसमें दर्ज जानकारी की जांच करें, किसी भी गलती को सुधारें और फिर डिजिटल माध्यम से उसे जमा करें।
‘एक-दो घंटे देश को दे सकते हैं बड़ी ताकत’
प्रधानमंत्री ने कहा कि युवाओं का केवल एक या दो घंटे का समय देश के लिए महत्वपूर्ण योगदान साबित हो सकता है। उन्होंने कहा कि जितनी सटीक जानकारी जनगणना में दर्ज होगी, देश को नीतियां बनाने और विकास की दिशा तय करने में उतनी ही अधिक मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि आप सोच सकते हैं कि आप एक या दो घंटे में देश के लिए क्या हासिल कर सकते हैं। मैं आपको बता दूं, आप राष्ट्र के लिए शक्ति का एक बड़ा स्रोत बन सकते हैं। इस दौरान प्रधानमंत्री ने लोगों से घर-घर जनगणना में भागीदारी का माहौल बनाने की भी अपील की।नागरिक सुरक्षा प्रणाली के आधुनिकीकरण का भी ऐलान
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने नागरिक सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने कहा कि बदलती चुनौतियों और संकट की स्थितियों को देखते हुए देश की नागरिक सुरक्षा प्रणाली का आधुनिकीकरण किया जाएगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार आने वाले दिनों में नागरिक सुरक्षा के लिए एक आधुनिक ढांचा तैयार करेगी, जो समकालीन चुनौतियों का सामना करने और संकट के समय नागरिकों की सुरक्षा बेहतर बनाने में सक्षम होगा।
उन्होंने कहा कि सरकार एक व्यापक नागरिक सुरक्षा कार्यक्रम विकसित करने की दिशा में काम करेगी, ताकि आधुनिक दौर के खतरों और आपात स्थितियों से निपटने के लिए देश की तैयारियों को और मजबूत किया जा सके।
