दुनिया

FATF को गुमराह कर रहा PAK? खुल्लम-खुल्ला घूम रहा हिज्बुल सरगना सैयद सलाउद्दीन, दहशतगर्द के जनाजे में आया नजर

  • Produced by: अभिषेक गुप्ता
  • Updated Feb 22, 2023, 10:34 PM IST

दरअसल, आतंकी संगठन हिज्बुल मुजाहिद्दीन के कमांडर बशीर अहमद पीर की पाकिस्तान के रावलपिंडी में अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी।

Image

यह फोटो टि्वटर पर @Natsecjeff नाम के हैंडल से शेयर किया गया है।

Photo : Twitter

अमेरिका की ओर से वैश्विक आतंकी घोषित किया जा चुका सैयद सलाउद्दीन पाकिस्तान में खुल्लम-खुल्ला घूमते नजर आया। दरअसल, हाल ही में आतंकी संगठन हिज्बुल मुजाहिद्दीन के सरगना से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया के जरिए सामने आया, जिसमें सलाउद्दीन एक दहशदगर्द (बशीर अहमद पीर) के जनाते में हिस्सा लेते दिखा था। ऐसे में यह सवाल उठने लगा है कि क्या पाकिस्तान एफएटीएफ (फाइनैंशियल एक्शन टास्क फोर्स) को गुमराह तो नहीं कर रहा है?

रोचक बात यह है कि सलाउद्दीन से जुड़ा यह वीडियो तब आया है, जब कुछ महीने पहले पाक को एफएटीएफ ने अपनी ग्रे लिस्ट से लगभग चार साल के बाद हटा दिया था। चूंकि, पड़ोसी मुल्क मौजूदा समय में वैश्विक स्तर पर आतंकवाद के लिहाज से सबकी निगाह में है, लिहाजा दुनिया के मोस्ट वॉन्टेड आतंकी सलाउद्दीन की उसके मुल्क में मौजूदगी यह साफ दर्शाती है कि पाक ने एफएटीएफ को जो जानकारी (आतंकवाद की रोकथाम से जुड़े 34 एक्शन प्लान्स) मुहैया कराई थी, वह गलत थी।

@Natsecjeff नाम के टि्वटर हैंडल से 21 फरवरी, 2023 को सिलसिलेवार ट्वीट्स में एक वीडियो शेयर किया गया और कहा गया- जहां पाकिस्तानी आतंकी हमलों में मर रहे हैं, वहीं पाक फौजी सैयद सलाउद्दीन को सुरक्षा मुहैया करा रहे हैं। देखें, वीडियोः

रावलपिंडी में कश्मीर का हिज्बुल कमांडर ढेर

दरअसल, हिज्बुल कमांडर पीर की रावलपिंडी में अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी। खुफिया अधिकारियों ने श्रीनगर में समाचार एजेंसी पीटीआई-भाषा को इस बारे में बताया कि पीर जम्मू कश्मीर के कुपवाड़ा जिले का रहने वाला था। 15 साल से अधिक समय से वह पाक में रह रहा था। पाक मीडिया की खबरों के मुताबिक, सोमवार को रावलपिंडी में एक दुकान के बाहर पीर उर्फ इम्तियाज आलम को हमलावरों ने बेहद करीब से गोली मार दी थी।

केंद्र ने 2022 में घोषित कर दिया था आंतकी

पीर नियंत्रण रेखा के जरिए जम्मू कश्मीर में आतंकवादियों को भेजने की गतिविधियों में शामिल था। आतंकवादी गतिविधियों में भूमिका के लिए गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम के तहत पिछले साल चार अक्टूबर को केंद्र की ओर से पीर को आतंकवादी घोषित किया गया था। अधिसूचना के अनुसार, पीर हिज्बुल मुजाहिदीन, लश्कर-ए-तैयबा और बाकी आतंकवादी संगठनों की गतिविधियों के विस्तार के लिए पूर्व आतंकवादियों और अन्य को एकजुट करने को लेकर कई ऑनलाइन प्रचार समूहों से जुड़ा था।
अभिषेक गुप्ता
अभिषेक गुप्ताauthor

छोटे शहर से, पर सपने बड़े-बड़े. किस्सागो ऐसे जो कहने-बताने और सुनाने को बेताब. कंटेंट क्रिएशन के साथ नजर से खबर पकड़ने में पारंगत और "मीडिया की मंडी" में लगभग आठ साल का अनुभव. न्यूज, सिनेमा, बाइक्स और घूमने में दिलचस्पी.

और पढ़ें
End of Article