War crime: रूस और यूक्रेन के बीच जंग का नतीजा किसी के पक्ष में नहीं हैं। यूक्रेन ने दावा किया है कि रूस के तीन ड्रोन्स ने अलग अलग इलाकों नें हमला किए हैं। इन सबके बीच अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कहा कि हां व्लादिमीर पुतिन ने वॉर क्राइम किया है। उनसे पूछा गया था कि क्या पुतिन के खिलाफ वॉर क्राइम के तहत मुकदमा चलाना चाहिए। बता दें कि इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट ने यूक्रेन में बच्चों के निर्वासन को मुद्दा बनाकर पुतिन के खिलाफ अरेस्ट वारंट पर आदेश दिया है। हालांकि रूस ने आदेश को खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि इस आदेश का कोई अर्थ नहीं क्योंकि रूस आईसीसी का हिस्सा नहीं है।
क्रेमलिन का इनकार
क्रेमलिन के प्रवक्ता दमित्री पेसकोव ने कहा, रूस, कई अलग-अलग देशों की तरह, इस अदालत के अधिकार क्षेत्र को मान्यता नहीं देता है और इसलिए कानूनी दृष्टिकोण से, इस अदालत के फैसले शून्य हैं। वहीं कीव ने दावा किया है कि आक्रमण के बाद से 16,000 से अधिक यूक्रेनी बच्चों को रूस भेज दिया गया है।व्लादिमीर पुतिन के 120 से अधिक सदस्य देशों में से किसी में पैर रखने पर गिरफ्तारी के लिए उत्तरदायी होने पर, जो बाइडेन ने कहा कि उनके लिए गिरफ्तारी वारंट जारी करने का निर्णय उचित था। यूक्रेन के वलोडिमिर ज़ेलेंस्की के विचारों पर सहमति थी। उन्होंने इसे एक ऐतिहासिक निर्णय बताते हुए कहा कि ऐतिहासिक जिम्मेदारी शुरू होगी।
बच्चों के खिलाफ अपराध बना आधार
एएफपी के मुताबिक आईसीसी अभियोजक करीम खान ने कहा कि गिरफ्तारी वारंट फॉरेंसिक साक्ष्य, जांच और उन दो व्यक्तियों द्वारा क्या कहा गया है पर आधारित था। करीम खान ने कहा कि हमने जो सबूत पेश किए वे बच्चों के खिलाफ अपराधों पर केंद्रित थे। बच्चे हमारे समाज का सबसे कमजोर हिस्सा हैं।यूक्रेन के सहयोगियों ने भी ब्रिटेन के फैसले का स्वागत करते हुए इस कदम की सराहना की जबकि यूरोपीय संघ ने कहा कि वारंट तो अभी शुरुआत है।
