जकार्ता : गुरुवार सुबह इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भारतीय समुदाय ने भव्य स्वागत किया। पीएम मोदी ने प्रवासी भारतीयों का अभिवादन किया। वे 'वंदे मातरम' और 'मोदी-मोदी' के नारों के बीच जकार्ता के रिट्ज कार्लटन होटल में उनके स्वागत के लिए एकत्र हुए थे। प्रवासी भारतीयों ने तिरंगा लहराकर और 'मोदी-मोदी' और 'वंदे मातरम', 'हमारा नेता कैसा हो, नरेंद्र मोदीजी जैसा हो...' और 'हर हर मोदी, हर घर मोदी' के नारे लगाकर अपना उत्साह प्रदर्शित किया। जय कन्हैया लाल की जयकारों की गूंज के साथ भी स्वागत हुआ। इस दौरान प्रवासी भारतीयों में कई बच्चे भी मौजूद थे। प्रधानमंत्री मोदी को बच्चों सहित भारतीय समुदाय के सदस्यों के साथ बातचीत करते देखा जा सकता है। उन्होंने उनके साथ सेल्फी भी खिंचवाई। इंडियन डायस्पोरा के एक सदस्य ने कहा कि वह (पीएम मोदी) इतने बड़े नेता हैं लेकिन वह जमीन से जुड़े हुए हैं। उन्होंने हम सभी से हाथ मिलाया और हममें से प्रत्येक को समय दिया। दूसरों ने कहा कि दुनिया में भारत को पहचान मिल रही है और यह सब पीएम मोदी के कारण हो रहा है। गौरतलब है कि पीएम मोदी 18वें पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन (18th East Asia Summit) और 20वें आसियान-भारत शिखर सम्मेलन (20th ASEAN-Indian Summit) में हिस्सा लेने के लिए इंडोनेशिया पहुंचे हैं।
जकार्ता अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर पीएम मोदी का औपचारिक स्वागत किया गया। महिला सशक्तिकरण एवं बाल संरक्षण मंत्री आई गुस्ती आयु बिंटांग दारमावती ने उनका स्वागत किया। वहां इंडोनेशियाई सांस्कृतिक नृत्य भी प्रस्तुत किया गया। इससे पहले बुधवार को इंडोनेशिया के लिए रवाना होने से पहले, प्रधानमंत्री मोदी ने एक बयान में कहा था कि वह वैश्विक चुनौतियों से सामूहिक रूप से निपटने के लिए व्यावहारिक सहयोग उपायों पर अन्य नेताओं के साथ विचारों का आदान-प्रदान करने के लिए उत्सुक हैं। उन्होंने आसियान समूह के साथ जुड़ाव को भारत की 'एक्ट ईस्ट पॉलिसी' का एक महत्वपूर्ण स्तंभ भी बताया। प्रधानमंत्री इंडोनेशिया के राष्ट्रपति जोको विडोडो के निमंत्रण पर जकार्ता पहुंचे हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि मेरा पहला कार्यक्रम 20वां आसियान-भारत शिखर सम्मेलन होगा। मैं आसियान नेताओं के साथ हमारी साझेदारी की भविष्य की रूपरेखा पर चर्चा करने के लिए उत्सुक हूं, जो अपने चौथे दशक में प्रवेश कर चुका है। आसियान के साथ जुड़ाव भारत की एक्ट ईस्ट पॉलिसी का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है। पिछले साल हुई व्यापक रणनीतिक साझेदारी ने हमारे संबंधों में नई गतिशीलता ला दी है। उसके बाद, मैं 18वें पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन में भाग लूंगा। यह मंच खाद्य और ऊर्जा सुरक्षा, पर्यावरण, स्वास्थ्य और डिजिटल परिवर्तन सहित क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार-विमर्श करने का एक उपयोगी अवसर प्रदान करता है। मैं इन वैश्विक चुनौतियों से सामूहिक रूप से निपटने के लिए व्यावहारिक सहयोग उपायों पर अन्य ईएएस नेताओं के साथ विचारों का आदान-प्रदान करने के लिए उत्सुक हूं। पीएम मोदी 9 और 10 सितंबर को होने वाले जी20 शिखर सम्मेलन से पहले गुरुवार शाम को नई दिल्ली लौट जाएंगे।
