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पीएम मोदी दो दिवसीय यात्रा पर पहुंचे मॉरीशस, एयरपोर्ट पर सभी 34 मंत्रियों समेत 200 दिग्गजों ने किया जोरदार स्वागत

PM Modi arrives in Mauritius: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मॉरीशस के पोर्ट लुइस पहुंच चुके। वे 12 मार्च को मॉरीशस के राष्ट्रीय दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। भारतीय नौसेना के एक जहाज के साथ भारतीय रक्षा बलों की एक टुकड़ी समारोह में भाग लेगी। पीएम मोदी के स्वागत में इस देश के सभी 34 मंत्री एयरपोर्ट पर मौजूद रहे।

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मॉरीशस के पोर्ट लुइस पहुंचे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राजकीय यात्रा पर मॉरीशस पहुंचे। द्वीप राष्ट्र मॉरीशस के राष्ट्रीय दिवस समारोह में पीएम मोदी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। प्रधानमंत्री मोदी मॉरीशस की दो दिवसीय यात्रा पर हैं। मॉरीशस के सभी 34 मंत्री पूरे प्रोटोकॉल और धूमधाम के साथ पीएम मोदी का स्वागत करने के लिए हवाई अड्डे पर मौजूद रहे। इससे पहले नरेंद्र मोदी ने सोमवार को कहा कि उनकी यह यात्रा दोनों देशों के बीच संबंधों में एक ‘‘नया और उज्ज्वल’’ अध्याय जोड़ेगी।

मॉरीशस के पोर्ट लुइस पहुंचे प्रधानमंत्री मोदी

प्रधानमंत्री मोदी मॉरीशस के पोर्ट लुइस पहुंच गए हैं। मोदी के पहुंचते ही मॉरीशस में भारतीय प्रवासी समुदाय के सदस्य पोर्ट लुइस स्थित होटल के बाहर एकत्रित होने लगे हैं, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जल्द ही पहुंचेंगे।

मॉरीशस में प्रधानमंत्री मोदी का भव्य स्वागत

स्थानीय समयानुसार सुबह 6 बजे प्रधानमंत्री मोदी का मॉरीशस में भव्य और गर्मजोशी से स्वागत किया गया। इस शुरुआती घंटे में, मॉरीशस की शीर्ष हस्तियों ने उनका स्वागत किया। प्रधानमंत्री नवीन रामगुलाम ने उन्हें माला पहनाकर स्वागत किया। उनके साथ उप प्रधानमंत्री, मॉरीशस के मुख्य न्यायाधीश, नेशनल असेंबली के अध्यक्ष, विपक्ष के नेता, विदेश मंत्री, कैबिनेट सचिव, ग्रैंड पोर्ट डिस्ट्रिक्ट काउंसिल के अध्यक्ष और कई अन्य लोग मौजूद थे। प्रधानमंत्री का स्वागत करने के लिए कुल 200 गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे, जिनमें सांसद, विधायक, राजनयिक दल और धार्मिक नेता शामिल थे।

सभी 34 मंत्रियों ने पीएम मोदी का किया स्वागत

मॉरीशस के उप विदेश मंत्री हंबीराजन नरसिंहेन ने कहा है कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मॉरीशस में मौजूदगी से "खुश और बेहद सम्मानित" हैं, और दोनों देश अपने बीच मौजूद "पहले से ही उत्कृष्ट साझेदारी" को और मजबूत करने की कोशिश करेंगे। सभी 34 मंत्री पूरे प्रोटोकॉल और धूमधाम के साथ पीएम मोदी का स्वागत करने के लिए हवाई अड्डे पर मौजूद रहे।

मॉरीशस के प्रधानमंत्री के न्योते पर पहुंचे मोदी

पीएम मोदी मॉरीशस के प्रधानमंत्री नवीनचंद्र रामगुलाम के न्योते पर इस यात्रा पर पहुंचे हैं। वह मॉरीशस के राष्ट्रीय दिवस समारोह में मेहमान होंगे। मॉरीशस का राष्ट्रीय दिवस 12 मार्च को है। मोदी ने मॉरीशस रवाना होने से पहले जारी एक बयान में कहा था, 'मैं अपने सागर विजन के हिस्से के रूप में, अपने लोगों की प्रगति और समृद्धि के साथ-साथ हिंद महासागर क्षेत्र में सुरक्षा और विकास के लिए अपनी स्थायी मित्रता को मजबूत करने तथा अपने सभी पहलुओं में अपनी साझेदारी को बढ़ाने के लिए मॉरीशस नेतृत्व के साथ जुड़ने के अवसर की प्रतीक्षा में हूं।'

मॉरीशस के राष्ट्रीय दिवस समारोह में भाग लेगी भारतीय टुकड़ी

‘सागर’ से आशय ‘सेक्युरिटी एंड ग्रोथ फॉर ऑल इन द रीजन’ (क्षेत्र में सबके लिये सुरक्षा और विकास) से है। भारतीय सशस्त्र बलों की एक टुकड़ी, भारतीय नौसेना का एक युद्धपोत और भारतीय वायु सेना की आकाश गंगा ‘स्काईडाइविंग टीम’ (मॉरीशस के राष्ट्रीय दिवस) समारोह में भाग लेगी। मोदी ने बताया कि 'हिंद महासागर में मॉरीशस एक करीबी समुद्री पड़ोसी, एक प्रमुख साझेदार और अफ्रीकी महाद्वीप का प्रवेश द्वार है। हम इतिहास, भूगोल और संस्कृति से एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं।' उन्होंने कहा, 'गहरा आपसी विश्वास, लोकतंत्र के मूल्यों में साझा विश्वास और अपनी विविधता पर गर्व हमारी ताकत है।'

भारत मॉरीशस के सबसे बड़े व्यापारिक साझेदारों में से एक है। सिंगापुर के बाद मॉरीशस 2023-24 के लिए भारत में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश का दूसरा सबसे बड़ा स्रोत था।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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