रूस का आक्रामक रवैया जारी
बता दें कि डोनाल्ड ट्रंप की ओर से रूस-यूक्रेन युद्धविराम की कोशिशों के बीच रूस का आक्रामक रवैया जारी है। रूस की ओर से यूक्रेन में मंगलवार देर रात किए गए मिसाइल हमलों में कम से कम पांच नागरिकों की मौत हो गई थी। ये हमले ऐसे समय में किए गए, जब सऊदी अरब में कीव और वाशिंगटन के बीच मंगलवार को हुई बातचीत के दौरान अमेरिका के डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने यूक्रेन को रूस के आक्रमण से निपटने के लिए दी जाने वाली सैन्य मदद पर लगाई गई रोक हटा ली और यूक्रेनी अधिकारियों ने संकेत दिए कि वे 30 दिन के युद्ध-विराम के लिए तैयार हैं।
युद्ध-विराम की कोशिशों में अमेरिका
अमेरिका दोनों पक्षों के बीच युद्ध-विराम का समर्थन कर रहा है। वार्ता में अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का प्रतिनिधित्व करने वाले विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने कहा कि वाशिंगटन यूक्रेन का युद्ध-विराम प्रस्ताव क्रेमलिन (रूस के राष्ट्रपति कार्यालय) के समक्ष रखेगा। उन्होंने कहा, हम (रूसियों को) इस पेशकश से अवगत कराएंगे। यूक्रेन गोलीबारी रोककर बातचीत शुरू करने के लिए तैयार है। और अब यह उन पर निर्भर करता है कि वे हां कहते हैं या ना। अगर वे ना कहते हैं, तो दुर्भाग्यवश हमें पता चल जाएगा कि क्षेत्र में शांति स्थापना की दिशा में क्या बाधा है।
क्रेमलिन ने फिलहाल अमेरिका और यूक्रेन के बीच सैन्य सहायता के संबंध में मंगलवार को हुए समझौते और यूक्रेन के साथ युद्ध-विराम की संभावनाओं पर कोई टिप्पणी नहीं की है। क्रेमलिन के प्रवक्ता दमित्रि पेस्कोव ने बुधवार को पत्रकारों से कहा कि यह महत्वपूर्ण है कि 30 दिन के युद्ध-विराम प्रस्ताव से जुड़े सवाल को टाला न जाए। उन्होंने कहा कि मॉस्को अमेरिका से इस संबंध में विस्तृत जानकारी मिलने का इंतजार कर रहा है और रूस उक्त जानकारी हासिल होने के बाद ही कोई रुख अपना सकता है।
ट्रंप के विशेष दूत जा सकते हैं मॉस्को
ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ इस हफ्ते मॉस्को की यात्रा पर जा सकते हैं, जहां वह रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मिल सकते हैं। मामले से वाकिफ एक अधिकारी ने नाम न जाहिर करने की शर्त पर यह जानकारी दी। इस बीच, यूक्रेन के बुनियादी ढांचा मंत्री ओलेक्सी कुलेबा ने बताया कि रूस की बैलिस्टिक मिसाइल ने मंगलवार देर रात ओडेसा बंदरगाह पर खड़े जहाज को निशाना बनाया, जिससे उस पर मौजूद 18 से 24 साल की उम्र के चार सीरियाई नागरिकों की मौत हो गई। उन्होंने बताया कि जहाज पर उस समय हमला हुआ, जब इस पर अल्जीरिया के लिए यूक्रेनी गेहूं लादा जा रहा था।
