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कड़ाके की सर्दी के साथ कोहरे का डबल अटैक, ट्रेनों के पहियों पर लगा ब्रेक; इतनी गाड़ियां लेट

कोहरे से विजिबिलिटी कम होने पर कई ट्रेनें कई घंटे विलंब से चल रही हैं। रेलवे की ओर से सुरक्षा कारणों से ट्रेनों की आवाजाही में सतर्कता बरती जा रही है। देखिए किन ट्रेनों की स्पीड पर ब्रेक लगा है।

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(फाइल फोटो)

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल

उत्तर भारत में कड़ाके की सर्दी के साथ कोहरे की मार जारी है। यही कारण है कि रेलवे संचालन प्रभावित हो रहा है। कोहरे से विजिबिलिटी कम होने पर कई ट्रेनें कई घंटे विलंब से चल रही हैं। रेलवे की ओर से सुरक्षा कारणों से यह कदम उठाया गया है। इसके अलावा कई महत्वपूर्ण ट्रेनें शामिल हैं। आईएमडी के अनुसार, दिल्ली के कुछ हिस्सों में कोहरे की चादर छाई रही और न्यूनतम तापमान गिरकर 9 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया।

प्रयागराज से भिवानी तक जाने वाली कालिंदी एक्सप्रेस (14117) अपने निर्धारित समय से करीब डेढ़ घंटे विलंब से चल रही है। रीवा-आनंद विहार (12427) अपने निर्धारित समय से करीब 2 घंटे देरी से चल रही है। इसके अलावा सुहैलदेव सुपरफास्ट एक्सप्रेस (22433) करीब 2 घंटे का अधिक समय लेकर चल रही है। नई दिल्ली-सहरसा वैशाली ( सुपरफास्ट एक्सप्रेस अपने निर्धारित समय से करीब 2 घंटे देरी से चल रही है। नई दिल्ली-हावड़ा (22303) पूर्वा एक्सप्रेस करीब 2 घंटे से अधिक देर से चल रही है।

आनंद विहार से मधुपुर तक चलने वाली बाबा बैद्यनाथ धाम देवघर हमसफर एक्सप्रेस ( 22459 - 22460) करीब 1 घंटे की देरी से चल रही है। वहीं, दिल्ली से आजमगढ़ तक जाने वाली कैफियत एक्सप्रेस (12225) करीब 1 घंटे से अधिक देरी से चल रही है। आनंद विहार टर्मिनल गरीब रथ एक्सप्रेस (22405-12435) अपने सही से करीब 45 मिनट की देरी से चल रही है।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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