दुनिया

Imran Khan पर हमले के Nawaz Sharif हैं 'मास्टरमाइंड'- ओवरसीज पाकिस्तानियों का आरोप, दी कंप्लेंट

  • Edited by: अभिषेक गुप्ता
  • Updated Nov 7, 2022, 08:12 AM IST

इमरान खान इस साल अप्रैल में नेशनल असेंबली में अविश्वास प्रस्ताव पारित होने के बाद प्रधानमंत्री पद से हट गए थे। वह पाकिस्तान में नए आम चुनाव की मांग कर रहे हैं। हालांकि, प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के नेतृत्व वाली संघीय सरकार अभी चुनाव कराने का विरोध कर रही है। वर्तमान नेशनल असेंबली का कार्यकाल अगस्त 2023 में समाप्त होगा।

Image

नवाज शरीफ और इमरान खान...दोनों ही पाकिस्तान के प्रधानमंत्री रह चुके हैं। (IANS/AP फाइल)

Photo : टाइम्स नाउ ब्यूरो

पाकिस्तान (Pakistan) के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान (Imran Khan) पर हमले को लेकर पाकिस्तान मुस्लिम लीग नवाज (Pakistan Muslim League-Nawaz : PML-N) सुप्रीमो नवाज शरीफ (Nawaz Sharif) के खिलाफ शिकायत दर्ज की गई है। यह कंप्लेंट कुछ ओवरसीज पाकिस्तानियों की ओर से दी गई है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि खान पर हुए हमले में नवाज की संलिप्तता थी। शरीफ को इस बाबत पीटीआई चीफ पर हुए हमले का 'मास्टरमाइंड' भी बताया गया।

रविवार (छह नवंबर, 2022) को पाक के चैनल ARY News की रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि ओवरसीज पाकिस्तानियों की शिकायत के मुताबिक, खान पर हुए हमले की कोशिश की साजिश लंदन में बनी थी। पीटिशनर काउंसल ने कहा कि शिकायत में पीएमएल-एन उपाध्यक्ष मरियम नवाज और गृह मंत्री रना सनाउल्लाह के भी नाम हैं। लंदन पुलिस ने क्राइम रेफरेंस नंबर देते हुए एक्शन लेने की बात सुनिश्चित की है।

दरअसल, 70 साल के खान के विरोध मार्च के दौरान गुरुवार (तीन नवंबर, 2022) को पंजाब प्रांत में उनके कंटेनर-ट्रक पर हमला किया गया था, जिसमें उनके पैर में गोली लगी थीं। हमले में एक व्यक्ति की मौत (पीटीआई कार्यकर्ता मोअज्जम गोंडल) भी हो गई थी। हमले के बाद रैली को स्थगित कर दिया गया था।

रविवार (छह नवंबर, 2022) को उन्होंने घोषणा की कि उनकी पार्टी इस्लामाबाद के लिए मार्च उसी स्थान से फिर से शुरू करेगी जहां उन पर हमला हुआ था। खान बोले कि वह ‘‘गुलाम का जीवन जीने के बजाय मौत’’ पसंद करते हैं।

पीटीआई चीफ की गोली लगने के बाद गुरुवार को सर्जरी की गई थी। उनके मुताबिक, "हमने तय किया है कि हमारा मार्च मंगलवार को वजीराबाद में उसी स्थान से फिर से शुरू होगा जहां मुझे और 11 अन्य को गोली मारी गई थी और जहां मोअज्जम शहीद हुए थे।"

परोक्ष तौर पर देश के सैन्य प्रतिष्ठान की ओर इशारा करते हुए खान ने कहा था, ‘‘वे (सैन्य प्रतिष्ठान) हमारे बीच भय पैदा करना चाहते हैं। लेकिन मैं आपको बता दूं ... हम अपने रुख से नहीं हटेंगे और वास्तविक आजादी के लिए अपने जीवन का बलिदान करने के लिए तैयार हैं। मैं गुलाम की जिंदगी जीने के बजाय मौत को प्राथमिकता दूंगा।’’

हमले के एक दिन बाद, खान ने आरोप लगाया था कि हमले के पीछे तीन लोगों - प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ, गृह मंत्री राणा सनाउल्लाह और मेजर जनरल फैसल नसीर - का हाथ था। वैसे, पाकिस्तान की सेना ने खान के आरोपों को "निराधार और गैर जिम्मेदाराना" बताते हुए खारिज कर दिया है।

उधर, पाकिस्तान डेमोक्रेटिक मूवमेंट (पीडीएम) पार्टी के प्रमुख मौलाना फजलुर रहमान ने रविवार को खान पर हमले पर संदेह व्यक्त किया। उन्होंने खान की चोटों को लेकर भ्रम की स्थिति पर सवाल उठाया कि क्या उन्हें "एक ही गोली लगी है या दो से अधिक" और "एक पैर पर लगी है या दोनों" पर। उन्होंने यह भी दलील दी कि खान आश्चर्यजनक रूप से "पास के अस्पताल के बजाय लाहौर गए।’’

अभिषेक गुप्ता
अभिषेक गुप्ताauthor

छोटे शहर से, पर सपने बड़े-बड़े. किस्सागो ऐसे जो कहने-बताने और सुनाने को बेताब. कंटेंट क्रिएशन के साथ नजर से खबर पकड़ने में पारंगत और "मीडिया की मंडी" में लगभग आठ साल का अनुभव. न्यूज, सिनेमा, बाइक्स और घूमने में दिलचस्पी.

और पढ़ें
End of Article