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हॉर्मुज स्ट्रेट में फिर मची हलचल; कार्गो शिप पर रातों-रात मिसाइल से हुआ हमला

फरवरी 2026 में युद्ध शुरू होने के बाद से ईरान द्वारा जहाजों पर किए गए हमलों और ईरानी बंदरगाहों की अमेरिकी नाकाबंदी के चलते यह समुद्री मार्ग पूरी तरह ठप पड़ा हुआ है।

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होर्मुज में जहाज पर हमला (File photo)

Photo : AP

Hormuz Crisis: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच एक तरफ जहां समुद्र में हमले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं, वहीं अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत को लेकर बिल्कुल उलटे दावे सामने आ रहे हैं। ब्रिटिश समुद्री निगरानी एजेंसी UKMTO (United Kingdom Maritime Trade Operations) के अनुसार, हॉर्मुज जलडमरूमध्य के पास ओमान के तट पर एक मालवाहक जहाज पर अज्ञात मिसाइल या प्रोजेक्टाइल से हमला हुआ है। वहीं दूसरी ओर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरानी विदेश मंत्रालय ने आपस में वार्ता को लेकर परस्पर विरोधी बयान दिए हैं।

हॉर्मुज जलडमरूमध्य में कार्गो शिप पर रातों-रात हमला

यूकेएमटीओ (UKMTO) के मुताबिक, हमला तड़के स्थानीय समयानुसार रात 2:00 बजे हुआ। यह जहाज ओमान के 'अल खसाब' (Al Khasab) से 37 किलोमीटर (23 मील) उत्तर-पूर्व में था। फिलहाल एजेंसी ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि जहाज किस देश के झंडे तले तैर रहा था या उस पर क्या सामान लदा हुआ था। अल खसाब शहर अरब प्रायद्वीप के उस कोने पर स्थित है जो सीधे हॉर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़ता है। यह वही समुद्री मार्ग है जहां से युद्ध शुरू होने से पहले दुनिया के कुल तेल और प्राकृतिक गैस की पांचवीं (1/5th) आपूर्ति गुजरती थी।

फरवरी 2026 में युद्ध शुरू होने के बाद से ईरान द्वारा जहाजों पर किए गए हमलों और ईरानी बंदरगाहों की अमेरिकी नाकाबंदी के चलते यह समुद्री मार्ग पूरी तरह ठप पड़ा हुआ है।

बातचीत को लेकर अमेरिका और ईरान के विरोधाभासी दावे

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरान के विदेश मंत्रालय के बयानों में भारी विरोधाभास देखने को मिल रहा है। ट्रंप ने सोमवार को कहा कि युद्ध को रोकने के लिए दोनों देशों के बीच बातचीत फिर से शुरू हो चुकी है। उन्होंने कहा—ईरान इसे स्वीकार करे या न करे, लेकिन सच यही है कि हम आपस में बात कर रहे हैं।

ईरान का इनकार

ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई (Esmail Baghaei) ने अमेरिका के दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया। उन्होंने साफ कहा कि तेहरान की अमेरिका से कोई सीधी बातचीत नहीं हो रही है; ईरान केवल ओमान के साथ बातचीत कर रहा है और इसका एकमात्र एजेंडा हॉर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की सुरक्षित आवाजाही का रास्ता निकालना है।

भड़के ट्रंप, तीखा हमला किया

ईरान की ओर से बातचीत से इनकार किए जाने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल (Truth Social) पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, "ईरानी नेतृत्व अविश्वसनीय रूप से धोखेबाज है! पहले वे खुद बैठक की गुहार लगाते हैं—कुछ तो कहेंगे कि भीख मांगते हैं। फिर जब बातचीत शुरू होती है और आगे की बैठकें तय होती हैं, तो वे खुलेआम और गर्व से कहते हैं कि कोई चर्चा नहीं हो रही और वे सिर्फ ओमान से बात कर रहे हैं!"

सैन्य हमला क्यों टला था?

डोनाल्ड ट्रंप ने इससे पहले खुलासा किया था कि अमेरिका ने ईरान पर एक बड़ा सैन्य हमला करने का पूरा प्लान बना लिया था, लेकिन खाड़ी सहयोगी देशों—कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की सिफारिश पर उन्होंने इस हमले को टाल दिया, ताकि कूटनीति को एक और मौका दिया जा सके। हालांकि, ओमान के तट पर हुए इस नए हमले और दोनों देशों के बीच जारी कूटनीतिक तनातनी ने एक बार फिर पूरे मिडिल ईस्ट में बड़े युद्ध का खतरा बढ़ा दिया है।

Amit Mandal
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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