पाकिस्तान (Pakistan) में लोग इस समय दाने-दाने के लिए मोहताज हैं। सरकार मदद के लिए कटोरा लेकर भीख मांग रही है, लेकिन उसे मदद नहीं मिल रही है। अब पाकिस्तान को सिर्फ उम्मीद अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) से मिलने वाली मदद पर है, लेकिन इसमें भी उसे अरब देशों का साथ चाहिए, जो मिलता नहीं दिख रहा है।
IMF की शर्त
पाकिस्तान की जियो न्यूज के अनुसार पाकिस्तान अब उन खाड़ी देशों की ओर रुख कर रहा है, जिन्होंने देश के राजकोषीय घाटे को कवर करने का वादा किया था।अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) भी अपने 6.5 बिलियन अमेरिकी डॉलर के बेलआउट पैकेज के लिए इन देशों से पुष्टि करवाना चाहता है।
पाकिस्तान के पास कोई विकल्प नहीं
पाकिस्तान की संकटग्रस्त अर्थव्यवस्था को बचाने के लिए अब सभी की निगाहें यूएई, कतर और किंगडम ऑफ सऊदी अरब (केएसए) पर टिकी हैं। पाकिस्तान के पास अपने खाड़ी के दोस्तों से पुष्टि के लिए प्रतीक्षा करने और प्रार्थना करने के अलावा कोई विकल्प नहीं है।
चीन को छोड़कर कोई साथ नहीं
चीन को छोड़कर कोई भी देश पाकिस्तान की मदद को आगे नहीं आया है। पाकिस्तान के दोस्त कहे जाने वाले मुस्लिम-अरब देश भी पाकिस्तान की मदद नहीं कर रहे हैं। IMF वाले मामले पर भी अरब देशों से अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
