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तमिलनाडु में राजनीतिक पार्टियों के नाम के पीछे क्यों लगा है 'कजगम या कड़गम'? जानें इसका मतलब

Vidhan Sabha Chunav 2026: तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में इस बड़ा उलटफेर हुआ है। थलापति विजय की पार्टी ने सबको चौंका दिया है। लेकिन, क्या आप जानते हैं यहां पार्टियों के नाम के पीछे कजगम या कड़गम क्यों है?

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कजगम या कड़गम क्या है मतलब?

Vidhan Sabha Chunav 2026: पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव के परिणाम आज घोषित हो रहे हैं। इनमें पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु (Tamilnadu Election 2026 ), केरल, पुडुचेरी और असम शामिल हैं। इस चुनाव में बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। खासकर, पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में। पश्चिम बंगाल में जहां बीजेपी ने टीएमसी का सूपड़ा साफ कर दिया। वहीं, तमिलनाडु में थलापति विजय की पार्टी ने TVK ने चुनाव परिणाम से सबको चौंका दिया है। इसी कड़ी में आज हम आपको तमिलनाडु की राजनीतिक पार्टियों के बारे में ऐसी जानकारी देंगे, जिसके बारे में शायद ही आप जानते होंगे। इतना ही नहीं ज्यादातर लोगों ने तो इस पर ध्यान भी नहीं दिया होगा।

तमिलनाडु में तीन प्रमुख पार्टियों में कड़ा मुकाबला था। चुनावी मैदान में जो तीन प्रमुख पार्टी उतरी थीं, उनमें AIADMK, DMK और TVK है। हालांकि, AIDMK और DMK पार्टी तो काफी समय से चुनाव लड़ रही है। लेकिन, TVK पार्टी पहली बार चुनाव मैदान में उतरी थी। सबसे पहले जानते हैं AIADMK, DMK और TVK का पूरा नाम क्या है?

पार्टियों के नाम

AIADMK- All India Anna Dravida Munnetra Kazhagam (अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम)

DMK- Dravida Munnetra Kazhagam (द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम)

TVK- Tamilaga Vettri Kazhagam (तमिलगा वेत्त्री कजगम)

ये है मतलब

अब आप एक चीज गौर कीजिए इन पार्टियों के नाम के पीछे 'कड़गम या कजगम' लगा है। क्या आपने कभी सोचा है कि आखिर इन पार्टियों के नाम के आगे 'कड़गम या कजगम'जो लगा हुआ, उसका मतलब क्या होता है? इसका जवाब ज्यादातर लोग नहीं दे पाएंगे। इसका मतलब होता है संघ, संगठन, पार्टी , समूह या फिर सभा। यह शब्द मुख्य रूप से द्रविड़ विचारधारा और तमिलनाडु की राजनीति से गहराई से जुड़ा है।

Kaushlendra Pathak
कौशलेंद्र पाठकauthor

कौशलेंद्र पाठक टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में वायरल सेक्शन के लीड के रूप में कार्यरत हैं। मास कम्युनिकेशन में मास्टर डिग्री हासिल करने के बाद उनका सफर ग्राउंड रिपोर्टिंग से डिजिटल डेस्क तक फैला, जहां उन्होंने कंटेंट की विविध शैलियों को नजदीक से समझा। अजब-गजब, अनोखी, सोशल और ट्रेंडिंग कंटेंट पर उनकी गहरी पकड़ और तेज न्यूज सेंस ने उन्हें डिजिटल दुनिया में एक अलग पहचान दिलाई। वायरल सेक्शन के लीड के रूप में कौशलेंद्र का ध्यान हमेशा ऐसे कंटेंट पर रहता है जो रीडर्स को नई, दिलचस्प और अनजानी कहानियों से रूबरू कराए—हर बार कुछ अलग, कुछ नया।

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